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पुलिस जांच में दफन हुआ मोहित के कत्ल का राज, जवाब मांगते हैं ये पांच बड़े सवाल

Fri, 07 Jun 2019 07:22 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 07 Jun 2019 07:22 PM IST
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Meerut police could not reveal the murder of Mohit Madan
यूपी पुलिस

मेरठ में शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में किराना व्यापारी मोहित मदान की मौत का राज पुलिस की जांच में दफन हो गया। इसे डकैती के बाद हत्या बताकर व्यापारियों ने अधिकारियों को घेरा था। पुलिस ने भी शुरुआती जांच हत्या के एंगल पर की। लेकिन विवेचक ने अब एफएसएल जांच रिपोर्ट के आधार पर इसे आत्महत्या बताकर फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में भेज दी। हालांकि अभी भी उन्हीं सवालों के ठोस जवाब पुलिस के पास नहीं है।

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यह था क्राइम सीन
शास्त्रीनगर निवासी मोहित मदान (38) पिता मनोहर लाल मदान के साथ भगत सिंह मार्केट में किराना की दुकान चलाते थे। 24 फरवरी 2019 की शाम 5:15 बजे से 6:30 बजे के बीच मोहित की हत्या कर दी गई थी। घटना के समय मोहित की शिक्षिका पत्नी शिखा स्कूल टूर से गोवा से लौट रही थीं। दोनों बेटे ट्यूशन गए थे। मोहित की मां चंचल शाम करीब 5:15 बजे सब्जी खरीदने गई थीं तो पिता किराना स्टोर पर थे। मोहित उस समय घर पर अकेले थे। चंचल जब शाम साढ़े छह बजे घर लौटीं तो उन्हें घर का मेन गेट खुला मिला। जब वह दूसरी मंजिल पर कमरे में पहुंचीं तो सेफ खुली थी। शोर मचने पर आसपास के व्यापारी और पुलिस पहुंची। छानबीन के बाद मोहित का शव दूसरी मंजिल पर ही स्टोर रूम में लटका मिला था। मोहित के दोनों हाथ बंधे थे। मुंह में कपड़ा ठुंसा था और टेप चिपकी थी। सेफ से नगदी और ज्वेलरी गायब थी। व्यापारियों ने एसएसपी को घेरकर खुलासे की मांग की थी। पुलिस ने लूट के बाद हत्या में केस दर्ज किया था। एसओ नौचंदी और सीओ को हटाया गया था। 
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परिजन थ्योरी से सहमत नहीं
मोहित के परिजन पुलिस की थ्योरी से सहमत नहीं हैं। मोहित की पत्नी शिखा ने पूर्व में भी कहा था कि उनके पति आत्महत्या नहीं कर सकते थे। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मोहित के चेहरे पर चोट लगी होने की बात पुलिस ने कही थी। बताया था कि जबड़े पर भी किसी भारी वस्तु से प्रहार किया गया था।

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व्यापारी ने खुद फांसी लगाई
इस केस की विवेचना पहले एसओ नौचंदी रामकुमार ने की। अब मैं कर रहा था। 29 मार्च 2019 को फोरेंसिक एक्सपर्ट ने घटनास्थल की फिर से जांच की थी। ज्वेलरी मोहित के घर में ही मिली थी। मोबाइल भी पुलिस ने घर से ही बरामद किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला कसना मौत का कारण आया था। व्यापारी ने खुद फांसी लगाई थी। नीरज सिंह, विवेचक/इंस्पेक्टर नौचंदी

जवाब मांगते सवाल
कोई शख्स अपने हाथ बांधकर खुद मुंह पर टेप और फांसी कैसे लगा सकता है
घटना के दौरान कमरे में दो गिलास, प्लेट में नमकीन और मिठाई रखी मिली थी। मोहित घर पर अकेले थे तो फिर दूसरा शख्स कौन था। 
घर का मेन गेट अंदर से बिना रिमोट के नहीं खुल सकता था। मोहित ने गेट किसके लिए खोला था। घर में कौन आया होगा।
घटना के बाद आसपास के लोगों ने मोहित के घर की तरफ से तीन-चार लोगों को निकलते देखा था, वो कौन थे, कोई पता नहीं चला।
आखिर पुलिस के सामने ऐसा कौन सा ठोस साक्ष्य या मजबूरी है कि पहले हत्या और अब आत्महत्या बताने लगी

यह बताया एफआर का आधार
फांसी का फंदा बनाया हुआ था। बदमाश हत्या के बाद व्यापारी को फांसी पर क्यों लटकाएंगे। ऐसा प्रतीत होता है कि मोहित ने पहले से प्लान बनाकर फंदा लगाया हो
मेज पर रखा सामान अपनी जगह सुरक्षित था। हत्या होती तो छीनाझपटी में सामान भी इधर-उधर जरूर गिरता। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ। 
लूट के दौरान गया मोहित का मोबाइल भी कई दिनों बाद कपड़े में लिपटा मिला। अगर बदमाश वारदात करते तो मोबाइल को कपड़े में लपेटकर क्यों रखते। घर से कोई सामान जाने की पुष्टि नहीं हुई। 
बदमाश वारदात करते तो मोहित के शरीर पर चोट के निशान आते। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। परिजनों ने कोई रंजिश भी नहीं बताई। 
मोहित ने सवा करोड़ का बीमा कराया था। घटना से कुछ दिन पहले मोहित ने बीमा राशि 20-25 लाख रुपये बढ़ाई थी। बीमा करने वाले के भी बयान हुए हैं।

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