मेरठ में एनएच-58 पर बृहस्पतिवार को दरिंदों की शिकार बनी युवती का कहना है कि दोनों को मुठभेड़ में मार देना चाहिए था। ऐसे लोगों को समाज में जीने का हक नहीं है। अब इन्हें जिंदगीभर सलाखों के पीछे रखना चाहिए। अगली स्लाइडों में तस्वीरों के साथ जानिए पूरा अपडेट-
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मुठभेड़ में घायल हुआ बदमाश
- फोटो : अमर उजाला
पीड़ित युवती को जब पता चला कि आरोपी राहुल उर्फ गोलू को पुलिस मुठभेड़ में गोली लगी है। ऑटो चालक बॉबी गुप्ता भी मुठभेड़ में घायल हुआ है। इसके बाद उसने परिवार के लोगों से कहा कि दरिंदों को जिंदा नहीं छोड़ना चाहिए था।
बृहस्पतिवार सुबह बागपत फ्लाईओवर के पास से वह रोजाना की तरह एक ऑटो में बैठी थी। ऑटो में चालक के बराबर वाली सीट पर एक युवक बैठा था। मैंने समझा कि वह यात्री ही होगा। जैसे ही मैं बैठी चालक ने तेज स्पीड में ऑटो दौड़ाना शुरू कर दिया। अन्य किसी यात्री को नहीं बैठाया। चालक से उसने कहा कि इतना तेज मत चलाओ, तब अचानक स्पीड कम कर ली और आगे बैठा युवक उसके बराबर की सीट पर आकर बैठ गया।
वहीं उसकी हरकत देखकर शक हुआ तो बैग से मोबाइल निकालने लगी, तभी युवक ने मोबाइल झपट लिया। अश्लील हरकतें शुरू कर दी। शोर मचाया तो कई थप्पड़ जड़ दिए। उसका पर्स व अंगूठी भी छीन ली। कपड़े फाड़ दिए। चेहरे और शरीर में कई जगह चोट पहुंचाई। पांच किमी तक हाईवे पर नोचते रहे।
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मुठभेड़ में घायल हुआ बदमाश
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद डाबका कट के पास वह ऑटो से कूद गई। दरिंदों ने फिर से जबरन बैठाया और डाबका के जंगल की तरफ ऑटो लेकर भागने लगे। युवती ने बताया कि भला हो एक कार चालक का। जिसने उसकी आवाज सुन ली। इसके बाद वह चंगुल से मुक्त हो सकी।