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मोटी रकम की चाहत में भटक गया प्रतीक
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 29 Feb 2016 01:52 AM IST
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सुनने में भले ही आश्चर्य हो, लेकिन यह हकीकत है कि 3.20 लाख रुपये प्रतिमाह कमाने वाला इंजीनियर जरायम की दुनिया में भी कदम रख सकता है। राजस्थान निवासी प्रतीक की कहानी कुछ ऐसी ही है। प्रेमिका के आगे वह सब भूल गया और अपने दोस्त के साथ अपहरण और फिरौती के मामले में सलाखों तक जा पहुंचा।
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एसएसपी डीसी दूबे ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी तुषार जैन उर्फ नीशू ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसकी उम्र 26 साल है। 2012 में उसने आरकेजेआईटी कॉलेज गाजियाबाद से बीटेक की पढ़ाई की थी। उसके बाद साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट का तीन वर्ष का डिप्लोमा करने के बाद फ्रीलांस काम कर रहा था। लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती चली गई। गुड़गांव में उसकी मौसी का लड़का प्रतीक जैन उर्फ मोनू रहता है। प्रतीक ने बीटेक (कंप्यूटर साइंस), माइक्र ोसॉफ्ट गोल्ड पार्टर लंदन और लंदन विश्वविद्यालय से डिप्लोमा भी किया है।
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इसके बाद वह प्रतिमाह तीन लाख रुपये कमा रहा था। जबकि पिता का भी राजस्थान में कपड़ों का बड़ा कारोबार है। वहीं प्रतीक इस बात से परेशान था कि उसके घर वाले उसकी कमाई का एक मोटा हिस्सा हर माह ले लेते थे। इस पर तुषार और प्रतीक ने मोटा पैसा कमाने की योजना बनाई। कुछ दिन पहले दोनों मेरठ आए और तुषार के दोस्त मेडिकल क्षेत्र निवासी मोनू, राहुल से मिले।
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जहां चारों ने योजना बनाई कि यदि किसी बड़े व्यवसायी का अपहरण किया जाए तो वह एक दिन में ही करोड़पति बन जाएंगे। प्रतीक ने बताया कि उसके रिश्ते के चाचा मयंक जैन मेरठ के बड़े कारोबारी हैं, जिनसे जो पैसा मांगा जाएगा वही मिलेगा। जिसके बाद उन्होंने अतिशय के अपहरण की प्लानिंग बनाई।
बैग में लगा था जीपीएस
पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपी प्रतीक साइबर का एक्सपर्ट है। वह इतना शातिर है कि खुद दूसरे शहर में था और मोबाइल की लोकेशन दूसरे शहर की आती थी। जिस बैग में 23 लाख रुपये रखे थे, उसमें पुलिस ने जीपीएस सिस्टम लगा दिया था। अपहरणकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर 23 लाख रुपये निकालकर खाली बैग वहीं फेंक दिया था। हालांकि एसएसपी ने जीपीएस सिस्टम जैसी बात से इनकार किया है। वहीं चर्चा है कि परिजनों ने आरोपियों को 23 लाख से ज्यादा रुपये और जेवरात दिए हैं।