{"_id":"03530d2d608618200c9088d6a5c95ad3","slug":"meerut-crime-news-hindi-news-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठग ने कर दी एलआईसी एजेंट की हत्या ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ठग ने कर दी एलआईसी एजेंट की हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Tue, 29 Sep 2015 02:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आर्मी इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) में नौकरी दिलाने को लेकर हुई डेढ़ करोड़ की डील के मामले में इटावा के एलआईजी एजेंट की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। रविवार को कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में मिले शव की शिनाख्त एलआईसी एजेंट के तौर पर हुई। एजेंट के बेटे की तहरीर पर सदर थाने में एक नामजद समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
गौरतलब है कि रविवार को कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में कासमपुर के पास नाले में एक व्यक्ति का शव मिला था। वहीं, सदर बाजार थाने में पंकज गोपाल पुत्र रामशरण यादव ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके पिता रामशरण यादव का अपहरण हुआ है। पंकज की तहरीर पर सदर थाने में राजेंद्र शर्मा निवासी रोहटा रोड सरस्वती विहार थाना टीपीनगर समेत दो अज्ञात लोगों के खिलाफ रुपये लेकर न देने और अपहरण करने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
सोमवार को जांच में जुटी सदर पुलिस ने जब कंकरखेड़ा में मिली लाश की तस्वीर पंकज गोपाल को दिखाई तो उसने पिता की पहचान की। शव की पहचान के बाद रामशरण का भाई कौशल किशोर और बेटा पंकज समेत परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। पंकज ने बताया कि सरस्वती विहार निवासी राजेंद्र शर्मा से उसके पिता की मुलाकात सात महीने पहले इटावा में वीरेंद्र सिंह नाम के व्यक्ति के जरिए हुई थी। राजेंद्र ने अपना एमईएस में दबदबा होने की बात कर नौकरी दिलाने का दावा किया। राजेंद्र शर्मा के प्रभाव में आकर रामशरण ने अपने भाई कौशल किशोर और ब्रजराज किशोर समेत 40 से 50 लोगों की नौकरी के लिए उसे 1.50 करोड़ रुपये दिए थे।
विज्ञापन
पंकज का आरोप है कि नौकरी न दिला पाने पर राजेंद्र शर्मा से 50 लाख रुपये वापस देने की बात हुई। इस बातचीत के बाद उसके पिता 24 सितंबर को रात 8:30 बजे भैसाली बस अड्डा (मेरठ) पहुंचे थे। जहां एक व्यक्ति मेरे पिता को राजेंद्र शर्मा से मिलाने की बात कर वैगनार गाड़ी में बैठाकर ले गया था। जिसके बाद उसके पिता की हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया गया। पुलिस ने रामशरण यादव के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
राजेंद्र हुआ गायब
पुलिस ने रविवार और सोमवार को राजेंद्र शर्मा के घर पर दबिश दी। उसके घर पर उसकी पत्नी और बच्चे मिले। सदर बाजार पुलिस के अनुसार पत्नी ने बताया कि 24 सितंबर को राजेंद्र के चचेरे भाई का निधन हो गया था और तभी से पंजाब गया है। पुलिस ने राजेंद्र की मोबाइल के जरिए लोकेशन लेनी चाही तो पता चला कि दो दिन से राजेंद्र का मोबाइल फोन स्विच ऑफ है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि रविवार को कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में कासमपुर के पास नाले में एक व्यक्ति का शव मिला था। वहीं, सदर बाजार थाने में पंकज गोपाल पुत्र रामशरण यादव ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके पिता रामशरण यादव का अपहरण हुआ है। पंकज की तहरीर पर सदर थाने में राजेंद्र शर्मा निवासी रोहटा रोड सरस्वती विहार थाना टीपीनगर समेत दो अज्ञात लोगों के खिलाफ रुपये लेकर न देने और अपहरण करने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
विज्ञापन
सोमवार को जांच में जुटी सदर पुलिस ने जब कंकरखेड़ा में मिली लाश की तस्वीर पंकज गोपाल को दिखाई तो उसने पिता की पहचान की। शव की पहचान के बाद रामशरण का भाई कौशल किशोर और बेटा पंकज समेत परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। पंकज ने बताया कि सरस्वती विहार निवासी राजेंद्र शर्मा से उसके पिता की मुलाकात सात महीने पहले इटावा में वीरेंद्र सिंह नाम के व्यक्ति के जरिए हुई थी। राजेंद्र ने अपना एमईएस में दबदबा होने की बात कर नौकरी दिलाने का दावा किया। राजेंद्र शर्मा के प्रभाव में आकर रामशरण ने अपने भाई कौशल किशोर और ब्रजराज किशोर समेत 40 से 50 लोगों की नौकरी के लिए उसे 1.50 करोड़ रुपये दिए थे।
विज्ञापन
पंकज का आरोप है कि नौकरी न दिला पाने पर राजेंद्र शर्मा से 50 लाख रुपये वापस देने की बात हुई। इस बातचीत के बाद उसके पिता 24 सितंबर को रात 8:30 बजे भैसाली बस अड्डा (मेरठ) पहुंचे थे। जहां एक व्यक्ति मेरे पिता को राजेंद्र शर्मा से मिलाने की बात कर वैगनार गाड़ी में बैठाकर ले गया था। जिसके बाद उसके पिता की हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया गया। पुलिस ने रामशरण यादव के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
राजेंद्र हुआ गायब
पुलिस ने रविवार और सोमवार को राजेंद्र शर्मा के घर पर दबिश दी। उसके घर पर उसकी पत्नी और बच्चे मिले। सदर बाजार पुलिस के अनुसार पत्नी ने बताया कि 24 सितंबर को राजेंद्र के चचेरे भाई का निधन हो गया था और तभी से पंजाब गया है। पुलिस ने राजेंद्र की मोबाइल के जरिए लोकेशन लेनी चाही तो पता चला कि दो दिन से राजेंद्र का मोबाइल फोन स्विच ऑफ है।