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महिला की हत्या कर शव छत से फेंका
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sun, 07 Aug 2016 02:06 AM IST
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ग्रीन सिटी में हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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ग्रीन सिटी कॉलोनी में महिला की हत्या कर शव छत से नीचे फेंक दिया। महिला का पूरा शरीर झुलसा था और उसके चेहरे पर चोट के निशान थे। महिला की मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीण ने जमकर हंगामा किया और पथराव कर दिया। सूचना पर पहुंचे सीओ से लोगों की हाथापाई हुई। लोगों ने रुड़की रोड पर जाम लगाने की भी कोशिश की। महिला के पति ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सोफीपुर गांव निवासी धर्मवती (45) पत्नी चंद्रपाल घरों में साफ-सफाई का काम करती थी। शनिवार को वह ग्रीन सिटी कॉलोनी निवासी प्रमोद चौधरी के आवास पर काम करने गई थी, जहां उसकी हत्या कर दी गई। आरोप है कि प्रमोद की पत्नी पुष्पा ने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। करीब दो बजे पल्लवपुरम पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद महिला के परिजन और ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। महिला का शव देख लोग भड़क गए हत्या का आरोप लगा प्रमोद के मकान पर पथराव शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर सीओ दौराला डॉ अरविंद कुमार, एसओ पल्लवपुरम तेज सिंह यादव, एसओ कंकरखेड़ा यादराम यादव, एसओ महिला थाना समेत कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी मौके पर पहुंची। वहां ग्रामीणों की पुलिस के साथ हाथापाई हो गई। वहीं पूर्व पार्षद महेंद्र भारती और बसपा नेता नसीम पासा ने परिजनों और ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद पुलिस शव उठाने लगी तो महिलाएं भड़क गईं और महिला के बेटे के आने तक शव नहीं उठने देने की बात कही। उधर, कॉलोनी के लोगों का कहना है कि महिला की मौत हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से हुई। महिला के पति चंद्रपाल ने मकान मालिक प्रमोद और उसके परिवार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। वहीं पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
चार घंटे तक चला हंगामा
महिला की मौत लगभग एक बजे हुई थी। करीब तीन बजे परिजन और ग्रामीण कॉलोनी पहुंचे। हंगामे के बीच पुलिस ने कई बार शव को उठाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीणों के रोष को देख वो पीछे हट गई। बाद में शाम सात बजे परिजनों ने शव उठने दिया।
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घर में आग लगा दो
महिला की बेटी आरती का रो-रोकर बुरा हाल था। उसने कहा कि मकान में आग लगा दो, हत्यारे घर में अंदर ही है। उन्होंने पुलिस को सूचना भी नहीं दी। अगर समय रहते इलाज मिल जाता तो उसकी मां बच सकती थी। वहीं महिला के पति चंद्रपाल ने बताया कि उसकी पत्नी को जो पैसे मिलते थे वो प्रमोद की पत्नी पुष्पा के पास जमा करा देती थी। उसकी पत्नी कई दिन से जमा किए गए 50 हजार रुपये मांग रही थी, लेकिन पैसे नहीं दिए। शनिवार को वह पैसे लेने गई तो उसकी हत्या कर दी।
घर में घुसकर हमले की कोशिश
मकान मालिक प्रमोद चौधरी की रुड़की में दवा बनाने की कंपनी है। उनका बेटा अक्षय मर्चेंट नेवी में इंजीनियर है। उनकी पत्नी पुष्पा मकान में अकेली रहती है। हंगामे के दौरान लोगों ने घर में घुसकर पुष्पा पर हमला करने की कोशिश की। पुलिस ने किसी तरह लोगों को बाहर निकालकर महिला को बचाया। करीब छह घंटे तक मकान में बंद रही पुष्पा ने बताया कि वे 13 जुलाई को ही मकान में शिफ्ट हुए हैं। उसका पति और बेटा घर से बाहर गए हैं। धर्मवती कुछ दिन पहले ही उनके यहां पर काम करने आई थी। शनिवार को वह एक बजे चली गई थी। घर के ऊपरी हिस्से का ताला लगा हुआ था। धर्मवती की मौत कैसे हुई उसे इसकी जानकारी नहीं है।
आपस में भिड़े ग्रामीण
हंगामे के दौरान कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीण दो गुटों में बंट गए। दोनों गुटों में जमकर मारपीट हुई। हालांकि बाद में एक गुट वहां से चला गया। कई बार सीओ दौराला और ग्रामीणों में तीखी नोकझोंक हुई। सीओ ने कई युवकों को हिरासत में लेने की बात कही तो वे शांत हुए।
छत पर मिली चूड़ियां
लोगों ने बताया कि हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से महिला की मौत हुई। पुलिस ने मकान की छत पर जाकर जांच की तो वहां एक सीमेंट का कट्टा और चूड़ी पड़ी मिली। जबकि थोड़ा सा कपड़ा लाइन पर भी पड़ा हुआ था।
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सोफीपुर गांव निवासी धर्मवती (45) पत्नी चंद्रपाल घरों में साफ-सफाई का काम करती थी। शनिवार को वह ग्रीन सिटी कॉलोनी निवासी प्रमोद चौधरी के आवास पर काम करने गई थी, जहां उसकी हत्या कर दी गई। आरोप है कि प्रमोद की पत्नी पुष्पा ने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। करीब दो बजे पल्लवपुरम पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद महिला के परिजन और ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। महिला का शव देख लोग भड़क गए हत्या का आरोप लगा प्रमोद के मकान पर पथराव शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर सीओ दौराला डॉ अरविंद कुमार, एसओ पल्लवपुरम तेज सिंह यादव, एसओ कंकरखेड़ा यादराम यादव, एसओ महिला थाना समेत कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी मौके पर पहुंची। वहां ग्रामीणों की पुलिस के साथ हाथापाई हो गई। वहीं पूर्व पार्षद महेंद्र भारती और बसपा नेता नसीम पासा ने परिजनों और ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद पुलिस शव उठाने लगी तो महिलाएं भड़क गईं और महिला के बेटे के आने तक शव नहीं उठने देने की बात कही। उधर, कॉलोनी के लोगों का कहना है कि महिला की मौत हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से हुई। महिला के पति चंद्रपाल ने मकान मालिक प्रमोद और उसके परिवार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। वहीं पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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चार घंटे तक चला हंगामा
महिला की मौत लगभग एक बजे हुई थी। करीब तीन बजे परिजन और ग्रामीण कॉलोनी पहुंचे। हंगामे के बीच पुलिस ने कई बार शव को उठाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीणों के रोष को देख वो पीछे हट गई। बाद में शाम सात बजे परिजनों ने शव उठने दिया।
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घर में आग लगा दो
महिला की बेटी आरती का रो-रोकर बुरा हाल था। उसने कहा कि मकान में आग लगा दो, हत्यारे घर में अंदर ही है। उन्होंने पुलिस को सूचना भी नहीं दी। अगर समय रहते इलाज मिल जाता तो उसकी मां बच सकती थी। वहीं महिला के पति चंद्रपाल ने बताया कि उसकी पत्नी को जो पैसे मिलते थे वो प्रमोद की पत्नी पुष्पा के पास जमा करा देती थी। उसकी पत्नी कई दिन से जमा किए गए 50 हजार रुपये मांग रही थी, लेकिन पैसे नहीं दिए। शनिवार को वह पैसे लेने गई तो उसकी हत्या कर दी।
घर में घुसकर हमले की कोशिश
मकान मालिक प्रमोद चौधरी की रुड़की में दवा बनाने की कंपनी है। उनका बेटा अक्षय मर्चेंट नेवी में इंजीनियर है। उनकी पत्नी पुष्पा मकान में अकेली रहती है। हंगामे के दौरान लोगों ने घर में घुसकर पुष्पा पर हमला करने की कोशिश की। पुलिस ने किसी तरह लोगों को बाहर निकालकर महिला को बचाया। करीब छह घंटे तक मकान में बंद रही पुष्पा ने बताया कि वे 13 जुलाई को ही मकान में शिफ्ट हुए हैं। उसका पति और बेटा घर से बाहर गए हैं। धर्मवती कुछ दिन पहले ही उनके यहां पर काम करने आई थी। शनिवार को वह एक बजे चली गई थी। घर के ऊपरी हिस्से का ताला लगा हुआ था। धर्मवती की मौत कैसे हुई उसे इसकी जानकारी नहीं है।
आपस में भिड़े ग्रामीण
हंगामे के दौरान कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीण दो गुटों में बंट गए। दोनों गुटों में जमकर मारपीट हुई। हालांकि बाद में एक गुट वहां से चला गया। कई बार सीओ दौराला और ग्रामीणों में तीखी नोकझोंक हुई। सीओ ने कई युवकों को हिरासत में लेने की बात कही तो वे शांत हुए।
छत पर मिली चूड़ियां
लोगों ने बताया कि हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से महिला की मौत हुई। पुलिस ने मकान की छत पर जाकर जांच की तो वहां एक सीमेंट का कट्टा और चूड़ी पड़ी मिली। जबकि थोड़ा सा कपड़ा लाइन पर भी पड़ा हुआ था।