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जेल से बोला विमलचंद, मैं शारीरिक संबंध बनाने में अक्षम
Fri, 21 Jun 2019 03:54 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Fri, 21 Jun 2019 03:54 AM IST
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विमलचंद
- फोटो : अमर उजाला
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जागृति विहार में बच्चियों से दरिंदगी करने वाला विमलचंद वर्मा खुद को बचाने के लिए जुगत भिड़ाने में जुट गया है। उसने खुद को शारीरिक संबंध बनाने में अक्षम बताते हुए पुलिस अधिकारियों से पोटेंशियल टेस्ट (क्षमता परीक्षण) कराने की मांग की है। साथ ही सीसीटीवी कैमरे लगने वाले टेक्नीशियन पर फंसाने का आरोप लगाया है।
मेडिकल थानाक्षेत्र में जागृति विहार 162/6 कोठी में एलआईसी से रिटायर्ड अधिकारी विमलचंद छोटी-छोटी बच्चियों से दरिंदगी करता था। एक मई 2019 को अमर उजाला ने इसकी जांच पड़ताल कर दो मई को एक्सक्लूसिव समाचार प्रकाशित किया था। पुलिस ने विमलचंद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तीन पीड़ित बच्चियों ने विमलचंद के खिलाफ 164 के बयान दर्ज कराए थे। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने सुबूत जुटाए और चार्जशीट तैयार कर ली, जिसमें बच्चियों से दरिंदगी वाले फोटो भी संग्लन हैं। फोरेंसिक रिपोर्ट भी लगेगी। विमलचंद ने जमानत अर्जी लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
अब विमलचंद ने खुद को बचाने के लिए नया पैंतरा चला है। उसने एसएसपी, सीओ सिविल लाइन, नौचंदी पुलिस (विवेचक) को डाक से प्रार्थना पत्र भेजकर खुद को बीमार बताकर पोटेंशियल टेस्ट कराने की मांग की है। इसकी एक कॉपी अमर उजाला को भी भेजी है। उसका कहना है कि वह शारीरिक संबंध बनाने में अक्षम है। उसकी उम्र 65 साल है और पत्नी की मौत को चार साल बीत चुके हैं।
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बच्चियों के परिजनों पर बना रहा दबाव
बताया जा रहा है कि जिन बच्चियों ने विमलचंद के खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं, उनके परिजनों को भी पैसा देकर बयान से पलटने को कहा जा रहा है। हाल ही में जेल में मिलने गए परिचितों से भी उसने इस बात के लिए दबाव बनाने को कहा था। अमेरिका से उसकी बेटी भी अपने परिचितों के जरिये पैरवी कर रही है।
टेक्नीशियन पर फोड़ रहा ठीकरा
विमलचंद ने अपनी कोठी में सीसीटीवी कैमरे लगाने वाले टेक्नीशियन आशु कनौजिया पर भी आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि आशु उसकी कोठी पर कब्जा करना चाहता है। पहले उसने कोठी में अपनी परिचित दो महिलाएं भेजीं। बाद में उनके साथ बच्चियों को भी भेजा। बाद में उसकी अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। 85 हजार रुपये भी ले लिए। हालांकि आशु कन्नोजिया ने ही सबसे पहले तत्कालीन एसओ मेडिकल से विमलचंद की करतूत की शिकायत की थी। आशु ने इस मामले का खुलासा करने में अहम भूमिका निभाई थी।
हमने पोटेंशियल टेस्ट के साथ लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की भी मांग पुलिस अधिकारियों से की है। ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।
संजय सक्सेना, विमलचंद के अधिवक्ता
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मेडिकल थानाक्षेत्र में जागृति विहार 162/6 कोठी में एलआईसी से रिटायर्ड अधिकारी विमलचंद छोटी-छोटी बच्चियों से दरिंदगी करता था। एक मई 2019 को अमर उजाला ने इसकी जांच पड़ताल कर दो मई को एक्सक्लूसिव समाचार प्रकाशित किया था। पुलिस ने विमलचंद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तीन पीड़ित बच्चियों ने विमलचंद के खिलाफ 164 के बयान दर्ज कराए थे। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने सुबूत जुटाए और चार्जशीट तैयार कर ली, जिसमें बच्चियों से दरिंदगी वाले फोटो भी संग्लन हैं। फोरेंसिक रिपोर्ट भी लगेगी। विमलचंद ने जमानत अर्जी लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
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अब विमलचंद ने खुद को बचाने के लिए नया पैंतरा चला है। उसने एसएसपी, सीओ सिविल लाइन, नौचंदी पुलिस (विवेचक) को डाक से प्रार्थना पत्र भेजकर खुद को बीमार बताकर पोटेंशियल टेस्ट कराने की मांग की है। इसकी एक कॉपी अमर उजाला को भी भेजी है। उसका कहना है कि वह शारीरिक संबंध बनाने में अक्षम है। उसकी उम्र 65 साल है और पत्नी की मौत को चार साल बीत चुके हैं।
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बच्चियों के परिजनों पर बना रहा दबाव
बताया जा रहा है कि जिन बच्चियों ने विमलचंद के खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं, उनके परिजनों को भी पैसा देकर बयान से पलटने को कहा जा रहा है। हाल ही में जेल में मिलने गए परिचितों से भी उसने इस बात के लिए दबाव बनाने को कहा था। अमेरिका से उसकी बेटी भी अपने परिचितों के जरिये पैरवी कर रही है।
टेक्नीशियन पर फोड़ रहा ठीकरा
विमलचंद ने अपनी कोठी में सीसीटीवी कैमरे लगाने वाले टेक्नीशियन आशु कनौजिया पर भी आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि आशु उसकी कोठी पर कब्जा करना चाहता है। पहले उसने कोठी में अपनी परिचित दो महिलाएं भेजीं। बाद में उनके साथ बच्चियों को भी भेजा। बाद में उसकी अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। 85 हजार रुपये भी ले लिए। हालांकि आशु कन्नोजिया ने ही सबसे पहले तत्कालीन एसओ मेडिकल से विमलचंद की करतूत की शिकायत की थी। आशु ने इस मामले का खुलासा करने में अहम भूमिका निभाई थी।
हमने पोटेंशियल टेस्ट के साथ लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की भी मांग पुलिस अधिकारियों से की है। ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।
संजय सक्सेना, विमलचंद के अधिवक्ता