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अवैध संबंध, मतभेद इशारा, कातिल है कोई अपना
Fri, 15 Mar 2019 03:31 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Fri, 15 Mar 2019 03:31 AM IST
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मेरठ
- फोटो : अमर उजाला
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नलकूप विभाग के जेई सुशील कुमार की हत्या की थ्योरी थोड़ी उलझी हुई है। अवैध संबंध, परिवार में मतभेद का इशारा और रंजिश पर पुलिस की जांच टिकी है। पुलिस का दावा है कि कातिल कोई करीबी है, जिसने इस वारदात को प्लानिंग के तहत अंजाम दिया। दूसरे दिन भी पुलिस की पूछताछ जारी रही। लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। 36 घंटे पूछताछ करने के बाद पुलिस ने साथी जेई को थाने से छोड़ दिया।
जेल चुगी पुलिस चौकी के पास बुधवार सुबह नौ बजे घर में ही बदमाशों ने जेई सुशील की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। सुशील कुमार मूल रूप से सहारनपुर के सलोनी गांव के निवासी थे। साल 2017 से पत्नी मोनिका उर्फ डॉली और तीन बच्चों के साथ ट्यूबवेल कॉलोनी के क्वार्टर में रहते थे। खून के छींटे पुलिस को उनके क्वार्टर के सामने साथी जेई भारत सिंह के क्वार्टर में मिले थे। जिसको लेकर पुलिस ने जेई भारत को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार को सुशील का शव उसके पैतृक गांव सलोनी सहारनपुर पहुंचा। जहां उसके आठ साल के बेटे आर्यन ने मुखाग्नि दी। पुलिस ने तीनों बच्चों, मोनिका और भारत सिंह से पूछताछ की, लेकिन नतीजा शून्य रहा। एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि हत्या करने वाला कोई सुशील का बेहद करीबी है। जिसको पहले से जानकारी थी कि मोनिका दवाई लेने जाएगी व बच्चे साइकिल चलाने जाएंगे। करीब 30 मिनट में वारदात को अंजाम दिया गया।
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अंधविश्वास, रोने के पीछे क्या?
पत्नी मोनिका ने बताया कि सुशील को स्वप्न आते थे। जिसके बाद वह खुद की मौत होने की बात करते थे। हत्या की वारदात से पहले रोने के पीछे क्या मकसद हो सकता है। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। भारत सिंह के क्वार्टर में खून के छींटे कैसे है। पत्नी से छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा कर लेना, कुछ तो हत्या से जुड़ा होगा। इस सब सवालों के जवाब पुलिस तलाशने में जुटी है।
भारत आप जाओ, फिर बुलाएंगे
36 घंटे पूछताछ करने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने जेई भारत सिंह को रात 10 बजे थाने से छोड़ दिया। इंस्पेक्टर सिविल लाइन अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने कहा कि भारत अब तुम चले जाओ, आपको फिर बुलाएंगे। भारत को उसके एक रिश्तेदार की सुपुर्दगी में दिया गया है। हालांकि भारत सिंह ने कहा कि सुशील की हत्या से मेरा कोई लेनादेना नहीं है। पुलिस जांच कर रही है, मैं पूरा सहयोग करूंगा।
सर्विलांस की टीम भी जुटी
पुलिस ने भारत सिंह, मोनिका, सुशील समेत 15 लोगों के मोबाइल की सीडीआर निकाली है। सर्विलांस टीम जांच में जुटी है। क्राइम ब्रांच ने पांच संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया। नलकूप विभाग के अधिकारियों ने भी पुलिस अधिकारियों से मिलकर खुलासा करने की बात कहीं हैं।
किसी ने कातिलों को नहीं देखा
30 मिनट के अंतराल में कातिलों ने वारदात को अंजाम दिया। जिन क्वार्टरों में जेई रहते है, वह ऐसी जगह हैं जहां आमतौर पर बेवजह लोग नहीं जाते है। वहां जो जाएगा, किसी न किसी को दिखेगा जरूर। लेकिन हत्या के बाद कातिल कहां से भागे, यह सवाल बड़ा है। क्योंकि क्वार्टरों के बाहर तो सुशील के बच्चे साइकिल चला रहे थे। किसने कातिलों को नहीं देखा। हालांकि पुलिस ने आसपास के करीब 50 लोगों से पूछताछ की।
जेल चुगी पुलिस चौकी के पास बुधवार सुबह नौ बजे घर में ही बदमाशों ने जेई सुशील की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। सुशील कुमार मूल रूप से सहारनपुर के सलोनी गांव के निवासी थे। साल 2017 से पत्नी मोनिका उर्फ डॉली और तीन बच्चों के साथ ट्यूबवेल कॉलोनी के क्वार्टर में रहते थे। खून के छींटे पुलिस को उनके क्वार्टर के सामने साथी जेई भारत सिंह के क्वार्टर में मिले थे। जिसको लेकर पुलिस ने जेई भारत को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
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पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार को सुशील का शव उसके पैतृक गांव सलोनी सहारनपुर पहुंचा। जहां उसके आठ साल के बेटे आर्यन ने मुखाग्नि दी। पुलिस ने तीनों बच्चों, मोनिका और भारत सिंह से पूछताछ की, लेकिन नतीजा शून्य रहा। एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि हत्या करने वाला कोई सुशील का बेहद करीबी है। जिसको पहले से जानकारी थी कि मोनिका दवाई लेने जाएगी व बच्चे साइकिल चलाने जाएंगे। करीब 30 मिनट में वारदात को अंजाम दिया गया।
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अंधविश्वास, रोने के पीछे क्या?
पत्नी मोनिका ने बताया कि सुशील को स्वप्न आते थे। जिसके बाद वह खुद की मौत होने की बात करते थे। हत्या की वारदात से पहले रोने के पीछे क्या मकसद हो सकता है। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। भारत सिंह के क्वार्टर में खून के छींटे कैसे है। पत्नी से छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा कर लेना, कुछ तो हत्या से जुड़ा होगा। इस सब सवालों के जवाब पुलिस तलाशने में जुटी है।
भारत आप जाओ, फिर बुलाएंगे
36 घंटे पूछताछ करने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने जेई भारत सिंह को रात 10 बजे थाने से छोड़ दिया। इंस्पेक्टर सिविल लाइन अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने कहा कि भारत अब तुम चले जाओ, आपको फिर बुलाएंगे। भारत को उसके एक रिश्तेदार की सुपुर्दगी में दिया गया है। हालांकि भारत सिंह ने कहा कि सुशील की हत्या से मेरा कोई लेनादेना नहीं है। पुलिस जांच कर रही है, मैं पूरा सहयोग करूंगा।
सर्विलांस की टीम भी जुटी
पुलिस ने भारत सिंह, मोनिका, सुशील समेत 15 लोगों के मोबाइल की सीडीआर निकाली है। सर्विलांस टीम जांच में जुटी है। क्राइम ब्रांच ने पांच संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया। नलकूप विभाग के अधिकारियों ने भी पुलिस अधिकारियों से मिलकर खुलासा करने की बात कहीं हैं।
किसी ने कातिलों को नहीं देखा
30 मिनट के अंतराल में कातिलों ने वारदात को अंजाम दिया। जिन क्वार्टरों में जेई रहते है, वह ऐसी जगह हैं जहां आमतौर पर बेवजह लोग नहीं जाते है। वहां जो जाएगा, किसी न किसी को दिखेगा जरूर। लेकिन हत्या के बाद कातिल कहां से भागे, यह सवाल बड़ा है। क्योंकि क्वार्टरों के बाहर तो सुशील के बच्चे साइकिल चला रहे थे। किसने कातिलों को नहीं देखा। हालांकि पुलिस ने आसपास के करीब 50 लोगों से पूछताछ की।