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डॉक्टर का अपहरणकर्ता सोना लूट का मास्टरमाइंड
Sun, 24 Feb 2019 02:19 AM IST
HARI om sharan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: HARI om sharan
Updated Sun, 24 Feb 2019 02:19 AM IST
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सोना लूट का खुलासा करते एडीजी जोन प्रशांत कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
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बेगमपुल स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी में 10.220 किलो सोना लूटकांड का मास्टरमाइंड दिल्ली के डॉक्टर का अपहरणकर्ता कुख्यात सुशील दादरी निकला। पुलिस ने सुशील समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 4.042 किलो सोना और 8.50 लाख रुपये कैश बरामद कर लिया। तीन आरोपियों की तलाश जारी है।
एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार, आईजी रामकुमार वर्मा, एसएसपी नितिन तिवारी, एसटीएफ एसपी दिनेश सिंह, एसपी सिटी मुजफ्फरनगर सतपाल सिंह और एएसपी रणविजय सिंह ने एडीजी कार्यालय में प्रेसवार्ता करके सोना लूटकांड का खुलासा किया। एडीजी ने बताया कि 21 फरवरी की शाम बेगमपुल स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी में बदमाशों ने कर्मचारियों को बंधक बनाकर दस किलो सोना लूटा था।
इस घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस और एसटीएफ को लगाया। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सोना लूट के सरगना सुशील कुमार पुत्र सत्यवीर सिंह निवासी दादरी दौराला, भगत सिंह पुत्र धूम सिंह निवासी वंडर सिटी कंकरखेड़ा और दीपक कुमार पुत्र रामफल निवासी दादरी कंकरखेड़ा को गिरफ्तार किया। तीनों की निशानदेही पर सोना व कैश बरामद हुआ है। आरोपियों की गिरफ्तारी पल्लवपुरम से हुई। एडीजी जोन ने खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 50 हजार का इनाम दिया है।
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शातिर अपराधी है सुशील
लूटकांड का सरगना सुशील शातिर अपराधी है। सुशील दिल्ली में ओला कंपनी में गाड़ी चलाता था। साल 2017 में दिल्ली के डॉ. श्रीकांत गौड़ का सुशील और उसके भाई ने अपहरण कर पांच करोड़ की फिरौती ओला कंपनी से मांगी थी। डॉक्टर को मेरठ में बंधक बनाकर रखा था। यह मामला दिल्ली और यूपी सरकार तक पहुंचा तो दोनों राज्यों की पुलिस डॉक्टर की बरामदगी के लिए लगी थी। दिल्ली और मेरठ पुलिस ने डॉ. श्रीकांत को सकुशल बरामद कर आरोपी सुशील समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। 13 महीने बाद सुशील जेल से छूटा था। उसने ही लूटकांड की प्लानिंग बनाकर साथी भगत सिंह तालियान समेत पांच साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
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एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार, आईजी रामकुमार वर्मा, एसएसपी नितिन तिवारी, एसटीएफ एसपी दिनेश सिंह, एसपी सिटी मुजफ्फरनगर सतपाल सिंह और एएसपी रणविजय सिंह ने एडीजी कार्यालय में प्रेसवार्ता करके सोना लूटकांड का खुलासा किया। एडीजी ने बताया कि 21 फरवरी की शाम बेगमपुल स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी में बदमाशों ने कर्मचारियों को बंधक बनाकर दस किलो सोना लूटा था।
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इस घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस और एसटीएफ को लगाया। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सोना लूट के सरगना सुशील कुमार पुत्र सत्यवीर सिंह निवासी दादरी दौराला, भगत सिंह पुत्र धूम सिंह निवासी वंडर सिटी कंकरखेड़ा और दीपक कुमार पुत्र रामफल निवासी दादरी कंकरखेड़ा को गिरफ्तार किया। तीनों की निशानदेही पर सोना व कैश बरामद हुआ है। आरोपियों की गिरफ्तारी पल्लवपुरम से हुई। एडीजी जोन ने खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 50 हजार का इनाम दिया है।
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शातिर अपराधी है सुशील
लूटकांड का सरगना सुशील शातिर अपराधी है। सुशील दिल्ली में ओला कंपनी में गाड़ी चलाता था। साल 2017 में दिल्ली के डॉ. श्रीकांत गौड़ का सुशील और उसके भाई ने अपहरण कर पांच करोड़ की फिरौती ओला कंपनी से मांगी थी। डॉक्टर को मेरठ में बंधक बनाकर रखा था। यह मामला दिल्ली और यूपी सरकार तक पहुंचा तो दोनों राज्यों की पुलिस डॉक्टर की बरामदगी के लिए लगी थी। दिल्ली और मेरठ पुलिस ने डॉ. श्रीकांत को सकुशल बरामद कर आरोपी सुशील समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। 13 महीने बाद सुशील जेल से छूटा था। उसने ही लूटकांड की प्लानिंग बनाकर साथी भगत सिंह तालियान समेत पांच साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।