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फोरेंसिक लैब ने लौटाए सीसीटीवी की डीवीआर, लैपटॉप
Sat, 11 May 2019 03:48 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Sat, 11 May 2019 03:48 AM IST
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विमलचंद
- फोटो : अमर उजाला
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हैवान विमल चंद के खिलाफ सुबूत जुटाने में पुलिस की लापरवाही सामने आई हैं। कागजी कार्रवाई ठीक से नहीं होने के कारण फोरेंसिक लैब लखनऊ ने सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर और लैपटॉप लौटा दिए हैं। पुलिस ने अधूरी कागजी कार्रवाई पुख्ता सुबूतों के साथ भेजी थी, जो कि वापस आ गई।
मेडिकल थानाक्षेत्र के जागृति विहार कोठी नंबर 162/6 में बच्चियों से दरिंदगी के मामले में मेडिकल पुलिस ने लापरवाही सामने आई है। 28 अप्रैल को हैवान विमल चंद की पोल खुली थी। पुलिस ने हैवान विमलचंद के घर से बरामद सीसीटीवी कैमरे की वीडियो, फोटो, डीवीआर और लैपटॉप लखनऊ की फोरेंसिक लैब में भेजे थे। पुलिस की कमजोर लिखापढ़ी के चलते फोरेंसिक लैब से कुछ सुबूत लौटा दिए। पुलिस का कहना कि कुछ त्रुटि रह गई थी। जिसको पूरा करने के बाद फिर से डीवीआर, लैपटॉप, हैवान और बच्चियों के कपड़ों को भेजा जाएगा।
हैवान की रिमांड में देरी क्यों?
तीन पीड़ित बच्चियों के 164 के बयान हो चुके हैं। हैवान की रिमांड अर्जी कोर्ट में डालने पर भी पुलिस देरी कर रही है। पुलिस कहती कि हैवान को जेल से बाहर निकालना एक मुसीबत है। कचहरी से थाने तक उसके साथ मारपीट होने का शक है। अभी लोगों में हैवान के प्रति आक्रोश है। थोड़ा देरी हो जाए तो हैवान को रिमांड पर लेकर ठीक से पूछताछ हो सकती है।
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कौन है फुटेज में दिखने वाला शख्स
लोगों के जेहन में एक सवाल उठता कि सीसीटीवी कैमरे में हैवान और बच्चियों के बीच में बैठा शख्स कौन हो सकता है। इसको जानने के लिए लोग उत्सुक हैं। लोगों का कहना कि हैवान के घर पर कौन लोग आते थे, इसकी जांच होनी बेहद जरूरी है। फुटेज में दो महिला भी हैं, जिनको पुलिस अभी ढूंढ नहीं पायी है।
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मेडिकल थानाक्षेत्र के जागृति विहार कोठी नंबर 162/6 में बच्चियों से दरिंदगी के मामले में मेडिकल पुलिस ने लापरवाही सामने आई है। 28 अप्रैल को हैवान विमल चंद की पोल खुली थी। पुलिस ने हैवान विमलचंद के घर से बरामद सीसीटीवी कैमरे की वीडियो, फोटो, डीवीआर और लैपटॉप लखनऊ की फोरेंसिक लैब में भेजे थे। पुलिस की कमजोर लिखापढ़ी के चलते फोरेंसिक लैब से कुछ सुबूत लौटा दिए। पुलिस का कहना कि कुछ त्रुटि रह गई थी। जिसको पूरा करने के बाद फिर से डीवीआर, लैपटॉप, हैवान और बच्चियों के कपड़ों को भेजा जाएगा।
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हैवान की रिमांड में देरी क्यों?
तीन पीड़ित बच्चियों के 164 के बयान हो चुके हैं। हैवान की रिमांड अर्जी कोर्ट में डालने पर भी पुलिस देरी कर रही है। पुलिस कहती कि हैवान को जेल से बाहर निकालना एक मुसीबत है। कचहरी से थाने तक उसके साथ मारपीट होने का शक है। अभी लोगों में हैवान के प्रति आक्रोश है। थोड़ा देरी हो जाए तो हैवान को रिमांड पर लेकर ठीक से पूछताछ हो सकती है।
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कौन है फुटेज में दिखने वाला शख्स
लोगों के जेहन में एक सवाल उठता कि सीसीटीवी कैमरे में हैवान और बच्चियों के बीच में बैठा शख्स कौन हो सकता है। इसको जानने के लिए लोग उत्सुक हैं। लोगों का कहना कि हैवान के घर पर कौन लोग आते थे, इसकी जांच होनी बेहद जरूरी है। फुटेज में दो महिला भी हैं, जिनको पुलिस अभी ढूंढ नहीं पायी है।