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फर्जी आईएफएस चलाती थी पुलिस अफसरों पर रौब

Fri, 05 Apr 2019 03:46 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Fri, 05 Apr 2019 03:46 AM IST
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Fake IFS was launched on police officers
मेरठ - फोटो : अमर उजाला
 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को चकमा देकर मेरठ से एस्कॉर्ट लेने वाली फर्जी आईएफएस जोया खान प्रॉक्सी मेल और आवाज बदलने वाले एप से पुलिस को झांसा देती थी। महिला के मोबाइल में वॉयस कनवर्टर एप था। इसके जरिये वह खुद ही पीए अनिल शर्मा बनकर अधिकारियों को फोन करती थी और अपने काम कराती थी।
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एसएसपी नोएडा वैभव कृष्ण के मुताबिक, महिला और उसके पति हर्ष प्रताप सिंह ने रौब झाड़ने के लिए स्कूलों में दाखिला कराने, रिश्तेदारों व परिवार को फायदा पहुंचाने के लिए फर्जी आईएफएस का खेल खेला था। पुलिस ने दंपती को गिरफ्तार कर नीली बत्ती वाली एसयूवी, यूएनओ का स्टीकर लगी मर्सिडीज, दो वॉकी-टॉकी, पिस्टलनुमा लाइटर, दो लैपटॉप, चार एंड्रॉयड फोन बरामद किए हैं। अमर उजाला ने जोया की गिरफ्तारी की खबर बृहस्पतिवार को प्रकाशित की थी।
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एसएसपी ने प्रेसवार्ता में बताया कि जनवरी में जोया खान ने गाजियाबाद निवासी बताकर उनसे संपर्क किया। उसने खुद को संयुक्त सचिव, विदेश मंत्रालय और यूनाईटेड नेशन आर्गनाईजेशन काउंसिल, वाशिंगटन डीसी बताकर गौड़ सिटी में गाड़ी में तोड़फोड़ की शिकायत की थी। इस पर एनसीआर दर्ज कर जांच की गई थी। 23 मार्च को महिला ने एसएसपी से एक बार फिर संपर्क कर फ्लैट नंबर-सी 1601 प्रीस्टीन एवन्यू सोसाइटी गौड़ सिटी-2, ग्रेटर नोएडा में निवास बताया और सिक्योरिटी चीफ एटदिरेट यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल डॉट ओआरजी से एस्कॉर्ट के लिए मेल किया। इसके बाद यहां भी उसे एस्कॉर्ट दी जाने लगी। जब एसएसपी से उसकी मुलाकात हुई तो उन्हें बातचीत में कुछ चीजें खटकीं। इस पर उन्होंने जांच के आदेश दिए तो पता चला कि महिला के यूनाईटेड नेंशस के मेल का एड्रेस गोडैडी डोमेन से रजिस्टर्ड था, जिसका भुगतान महिला ने अपने नेट बैंकिंग खाते से किया था। जोया खान और उसके पति ने जिन मोबाइल नंबरों से वीआईपी सेल और एसपी यातायात कार्यालय से संपर्क कर एस्कॉर्ट ली थी वह फर्जी पाए गए। इसके बाद दंपती को गिरफ्तार किया गया। जोया ने मर्सिडीज कार पर यूएन लिखा लोगो लगा रखा था। उसके पास नीली बत्ती वाली एसयूवी भी थी। दोनों गाड़ियां बरामद कर ली गईं
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पीसीएस की तैयारी कर रहा था पति
महिला का पति पीसीएस की तैयारी कर रहा था। इससे पहले वह एसबीआई में पीओ की जॉब कर छोड़ चुका था। महिला राजनीति विज्ञान से पोस्ट ग्रेजुएट है। महिला के पिता मेरठ के जाने माने चिकित्सक हैं और हर्ष के पिता यूपी में बड़े सरकारी अधिकारी हैं।
यूएन के फर्जी आईकार्ड से देती थी झांसा
पुलिस ने जोया से यूनाईटेड नेंशस आर्गनाईजेशन सिक्योरिटी काउंसिल का पर्सनल फर्जी पहचान पत्र बरामद किया है। इसमें न्यूक्लियर पॉलिसी ऑफिसर स्टेशन-वाशिंगटन डीसी दर्ज है। इसके अलावा यूनाईटेड स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट्स के फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस पर फर्जी मोहर लगी है। इस पर वुडवार्ड अपार्टमेंट पीएलएनडब्ल्यू वाशिंगटन डीसी लिखा है। वहीं, एक ड्राइविंग लाइसेंस जोया के नाम से मूल पते मेरठ के नाम पर दर्ज है, जो परिवहन निगम ने जारी किया है।
 बगैर जांच किए फर्जी आईएफएस जोया को सौंपी एस्कार्ट
मेरठ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से चार दिन पहले पुलिस की एस्कॉर्ट लेकर फर्जी आईएफएस महिला जोया खान शहर में घूमी थी। जोया खान और उसके पति हर्ष प्रताप सिंह की गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा समेत छह जिलों की पुलिस जोया को बगैर जांच किए वीआईपी सुविधा मुहैया करा देती थी। कभी किसी ने जानने का भी प्रयास तक नहीं किया तो आखिर जोया कौन है। यह मामला पीएम की सुरक्षा में सीधे-सीधे चूक करने का है। क्योंकि जोया के साथ में चलने वाले पुलिसकर्मी भी जोया को प्रधानमंत्री की सिक्योरिटी में प्रमुख सचिव होना मानते थे।
नोएडा पुलिस ने फर्जी आईएफएस महिला जोया खान और उसके पति हर्ष प्रताप सिंह को गिरफ्तार करके कई बड़े खुलासे किए हैं। जोया व उसके पति ने छह जिलों के पुलिस सिस्टम का डेढ़ साल तक मजाक बनाया। जब और जहां से चाहती थी, वहां से एस्कॉर्ट ले लेती थी। जोया फर्जी आईडी से एसएसपी को ई-मेल करती थी। हाल की बात करें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले भी पुलिस को जोया खान ने चकमा देकर एस्कॉर्ट ली। 24, 25, 26 और 27 मार्च को रात आठ बजे तक जोया खान के पास पुलिस एस्कॉर्ट और पर्सनल सिक्योरिटी अफसर (पीएसओ) रहा था।  
कल पीएम की सुरक्षा में जाना है...
28 मार्च सुबह 11:05 बजे प्रधानमंत्री को सिवाया टोल के पास चुनावी सभा में पहुंचना तय था। 27 मार्च की रात आठ बजे जोया खान पुलिस एस्कार्ट लेकर अपने घर पर पहुंची। जोया ने पुलिस से कहा कि अब तुम जाओ, कल प्रधानमंत्री की सुरक्षा में मुझे जाना है। दोपहर 12 बजे मैं तुम लोगों को खुद कॉल करके बुलाऊंगी। 28 मार्च को कोई कॉल नहीं आई। पुलिस कॉल का इंतजार करती रही।
शहर में घूमती रही जोया खान
24, 25, 26 व 27 मार्च तक जोया पुलिस एस्कॉर्ट लेकर शहर में घूमती रही। सवाल उठने लाजिमी हैं कि आखिर जोया का शहर में अपना रुतबा दिखाने के पीछे क्या मकसद था। जिसकी अभी जांच चल रही है। बड़ी बात कि शहर में जोया एस्कॉर्ट लेकर घूमती रही। लेकिन किसी ने उससे कभी पूछना का प्रयास तक नहीं किया।
नकली पिस्टल से दिखाती रुतबा
फर्जी आईएफएस जोया खान नीली बत्ती गाड़ी में चलती थी। उसकी गाड़ी में नकली पिस्टल (लाइटर) और दो वॉकीटॉकी मिले हैं। जिससे वह साथ में चलने वाली एस्कार्ट और पीएसओ पर रुतबा दिखाती थी। महिला अधिकारी समझकर साथ में चलने वाले पुलिसकर्मियों ने भी कभी जानने का प्रयास नहीं किया था कि आखिर जोया खान कौन है?
दुकान पर कब्जा करना चाहती थी जोया
जोया अपने पति हर्ष प्रताप को अपना पीए बताती थी। 27 मार्च को जोया एस्कार्ट और पीएसओ आसिफ अली के साथ घंटाघर स्थित एक दुकान पर पहुंची थी। जोया दुकान पर कब्जा करने की बात कर रही थी। जिस पर व्यापारियों ने हंगामा कर दिया था। व्यापारियों ने हल्ला मचाया था कि एक महिला अधिकारी कब्जा कराने आई है। व्यापारी दौड़कर थाने पहुंच गए। पुलिस पहुंची। लेकिन इससे पहले जोया वहां से निकल गई थी।
छह जिलों से लेती थी वीआईपी सुविधा
एसएसपी नोएडा वैभव कृष्ण ने प्रेसवार्ता में बताया है कि मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, मुरादाबाद और अलीगढ़ समेत छह जिलों से जोया खुद को आईएफएस अफसर बताकर एस्कार्ट लेती थी। पुलिस अफसरों को फोन पर फटकार लगाने की बात भी सामने आई है। सभी छह जनपदों ने अपने-अपने यहां से जोया खान द्वारा ली गई वीआईपी सुविधा की रिपोर्ट नोएडा भेजी है, ताकि उनको भी मुकदमे में शामिल किया जाए।
कंट्रोल रूम से आती थी कॉल
फर्जी आईएफएस अफसर जोया खान सीधे थानेदार के सीयूजी नंबर पर कॉल करती थी। उन्हें हड़काकर पूछती थी कि एस्कॉर्ट कहां रह गई। थानेदार बोलते कि हमें तो कोई संदेश नहीं आया। तभी दो-तीन मिनट बाद कंट्रोल रूम से थानेदार के पास कॉल आती थी कि मैडम को एस्कॉर्ट मुहैया कराओ। दौराला, कंकरखेड़ा, सदर बाजार थाने से वह एस्कॉर्ट ले चुकी थी।

मामले की जड़ तक पहुंचेंगे
फर्जी आईएफएस अधिकारी जोया खान व उसके पति हर्ष प्रताप सिंह को नोएडा में गिरफ्तार कर लिया गया है। उसको एस्कॉर्ट और पीएसओ कैसे मुहैया कराया गया, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस मामले की जड़ तक पहुंचेगी। -प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन

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