दरोगा सहित 15 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा, जानें- क्या है मामला
मेरठ में हाईवे पर महिला द्वारा लिफ्ट लेकर झांसा देकर अवैध पैसे की मांग करने और झूठे मुकदमे में फंसाने के मामले में दरोगा, तीन सिपाहियों और दो महिलाओं सहित 15 आरोपियों को प्रभारी जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट) शिव सिंह यादव ने मंगलवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार गौतमबुद्ध नगर के थाना सेक्टर 39 नोएडा में सेक्टर 30 फरीदाबाद (हरियाणा) निवासी विनय प्रताप सिंह पुत्र कमलदेव सिंह ने तहरीर दी थी। उसके अनुसार 10 जून 2019 को समय करीब आठ बजे मैं अपने निवास से परी चौक की तरफ जा रहा था कि महात्मा गांधी फ्लाईओवर के पास एक महिला ने हाथ देकर मेरी गाड़ी को रुकवाया। मैंने गाड़ी यह सोचकर रोकी कि महिला कोई समस्या में है। गाड़ी रोकने पर महिला ने बताया कि मेरा पर्स ऑटो में छूट गया है, कृपया करके मुझे सेक्टर-18 नोएडा तक छोड़ दीजिए। जिस पर मैंने महिला को अपनी गाड़ी में बैठा लिया। महिला ने पुलिस चौकी की तरफ से निकलने को कहा।
पुलिस चौकी के पास पहुंचते ही महिला ने शोर मचाना शुरू कर दिया कि मेरे साथ इस व्यक्ति ने दुष्कर्म करने का प्रयास किया है। इस पर पुलिस वालों ने मुझे चौकी पर ले जाकर बंद कर दिया और एक लाख रुपये की मांग करने लगे। जिस पर 50 हजार रुपये लिए और गाड़ी खड़ी कर ली गयी कि बाकी पैसे लाओ और तब गाड़ी छूटेगी।
इस मामले की शिकायत पर पुलिस ने चौकी सेक्टर 44 पहुंचकर मेरे साथ घटना कारित करने वाले सुनील शर्मा, कांस्टेबिल मनोज कुमार, अजयवीर, देवेंद्र कुमार व पीसीआर के चालक विपिन सिंह, दुर्वेश कुमार, राजेश तथा कार में लिफ्ट लेने वाली महिला व सहयोगी अनूप, सलीम खान, सतीश उर्फ अंकित, हरिओम शर्मा, सुरेश कुमार सिंह, देशराज और एक अन्य महिला को गिरफ्तार कर स्पेशल जज (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) मंजीत सिंह श्योरान की अदालत में पेश किया गया। जिनके अवकाश पर होने पर प्रभारी जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट) शिव सिंह यादव की अदालत के समक्ष पेश किया गया। जहां से आरोपियों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। सरकारी वकील सिराजुद्दीन ने बताया कि सभी आरोपियों पर धारा 384 आईपीसी व 7/8 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा में न्यायिक हिरासत में लेकर सभी को जेल भेज दिया है। इस मामले के विवेचनाधिकारी सीओ पीयूष कुमार ने भारी पुलिस बल के साथ आरोपियों को अदालत में पेश किया।
छायाकारों से की बदसलूकी
जब इस मामले में नोएडा पुलिस द्वारा आरोपियों को अदालत में पेश करने के लिये ले जाया जा रहा था तो रास्ते में 13 न्यायालय बिल्डिंग के नीचे छायाकारों द्वारा फोटो लेने का प्रयास किया तो पीसीआर के आरोपी चालक ने मीडियाकर्मियों से बदसलूकी और धमकी दी। जिस पर काफी देर तक वहां पर हंगामा होता रहा।
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