अदालत ने किसान हत्या मामले में छह आरोपियों को सुनाई उम्रकैद की सजा
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मुजफ्फरनगर में रतनपुरी थाना क्षेत्र के गांव रियावली नंगला में पांच साल पूर्व हुई किसान की हत्या के मामले में न्यायालय ने छह आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। 2014 में हुए इस हत्याकांड को दंगे के बाद सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार रतनपुरी थाने पर 8 जून 2014 को रियावली नंगला निवासी गुलजार ने अपने पिता तरीकत की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसमें बताया था कि रात में उसके पिता तरीकत फसल की सिंचाई करने नलकूप पर गए थे। वहां गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई। हत्याकांड में गांव के ही शाकिर, जाकिर उर्फ मुखिया, नौशाद उर्फ नोटी पुत्रगण तैमूर के अलावा जाहिद उर्फ फत्ता, तुल्ला व साबिर पुत्रगण फतेह मोहम्मद को नामजद किया था। हत्या का कारण पुरानी रंजिश और ग्राम प्रधान पद की चुनावी रंजिश बताया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद विवेचना पूर्ण होने पर चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या एक) वीर नायक सिंह के न्यायालय में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी और वादी के अधिवक्ता प्रमोद त्यागी ने कोर्ट में 11 गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील सुनकर पत्रावली का अवलोकन और साक्ष्यों के आधार पर हत्याकांड में सभी छह आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने शाकिर, जाकिर, नौशाद, जाहिद, तुल्ला और साबिर को उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। सजा सुनाए जाने के बाद हत्यारों को जेल भेज दिया गया।
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तीन भाई पांच साल से है जेल में बंद
तरीकत हत्याकांड में सजा पाने वाले तीन भाई शाकिर, जाकिर और नौशाद बीते पांच साल से जेल में बंद है, जबकि दूसरे तीन भाइयों जाहिद, फत्ता, साबिर को जमानत मिल गई थी। सजा सुनाए जाने पर वह भी अब जेल चले गए।
चर्चित हुआ था तरीकत हत्याकांड
पांच साल पूर्व रियावली नंगला में हुए तरीकत हत्याकांड तब चर्चित हुआ था। जब 2013 में दंगे के कुछ माह बाद ही यह हत्याकांड हुआ था। जिसे लेकर कुछ लोगों ने इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की थी, मगर पुलिस ने सूझबूझ से हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को जेल भेजा था।
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