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सुरेंद्र हत्याकांड: कोर्ट ने पूर्व प्रधान समेत चार को सुनाई उम्रकैद की सजा, 17 साल पहले हुआ था कत्ल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Sat, 30 Nov 2019 08:57 PM IST
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आरोपियों को ले जाती पुलिस
आरोपियों को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

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मुजफ्फरनगर में विशेष न्यायालय एसएसटी एक्ट के न्यायाधीश ने कान्हाहेड़ी के सुरेंद्र हत्याकांड में पूर्व प्रधान समेत चार लोगों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर 2.42 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा पाने वालों में दो भाई भी शामिल हैं। हत्या की रंजिश में 17 साल पहले यह कत्ल हुआ था। 
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अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना तितावी क्षेत्र के गांव मुकंदपुर निवासी सोमपाल सिंह ने 25 सितंबर 2002 को सूचना दी थी कि पूरन के गन्ने के खेत में एक अज्ञात लाश पड़ी है। मृतक की पहचान चरथावल क्षेत्र के गांव कान्हाहेड़ी निवासी सुरेंद्र उर्फ बॉबी के रूप में परिजनों ने की थी। मृतक के पिता रेशम ने गांव के ही कल्लू प्रधान (तत्कालीन), उसके भाई अलीहसन, नूरहसन व ईश्वर के नामजद तितावी थाने पर बेटे की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि सन 2001 में कल्लू प्रधान के चाचा शमशेर के कत्ल में सुरेंद्र उर्फ बॉबी आरोपी था। उसका मुकदमा कोर्ट में चल रहा था। 24 सितंबर 2002 को चारों अभियुक्त फैसले की बात कह कर सुरेंद्र व उसके चाचा जोगेंद्र व हुकम सिंह के साथ अदालत आये थे और फैसले की बात के बाद जोगेंद्र व हुकम सिंह रिश्तेदारी में चले गए। सुरेंद्र को चारों अभियुक्त गांव में ले जाने को कह कर लेकर चले गए, मगर सुरेंद्र गांव में नहीं पहुंचा। इन चारों अभियुक्तों ने उसकी गोली मार कर हत्या करके उसके शव को थाना तितावी क्षेत्र के गांव मुकंदपुर के जंगल में फेंक दिया था। 


इस मुकदमे की सुनवाई जनपद के विशेष जज पंकज कुमार अग्रवाल के विशेष न्यायालय एससीएसटी एक्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक यशपाल सिंह और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अंजुम खान ने कोर्ट में छह गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने 28 नवंबर को दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त कल्लू पूर्व प्रधान, अलीहसन, नूरहसन व ईश्वर निवासी ग्राम कान्हाहेड़ी को सुरेंद्र की हत्या करने का दोषी करार देते हुए जेल भेजा है। सजा पर शनिवार को सुनवाई हुई। अदालत ने उक्त चारों को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
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