सुरेंद्र हत्याकांड: कोर्ट ने पूर्व प्रधान समेत चार को सुनाई उम्रकैद की सजा, 17 साल पहले हुआ था कत्ल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर में विशेष न्यायालय एसएसटी एक्ट के न्यायाधीश ने कान्हाहेड़ी के सुरेंद्र हत्याकांड में पूर्व प्रधान समेत चार लोगों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर 2.42 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा पाने वालों में दो भाई भी शामिल हैं। हत्या की रंजिश में 17 साल पहले यह कत्ल हुआ था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना तितावी क्षेत्र के गांव मुकंदपुर निवासी सोमपाल सिंह ने 25 सितंबर 2002 को सूचना दी थी कि पूरन के गन्ने के खेत में एक अज्ञात लाश पड़ी है। मृतक की पहचान चरथावल क्षेत्र के गांव कान्हाहेड़ी निवासी सुरेंद्र उर्फ बॉबी के रूप में परिजनों ने की थी। मृतक के पिता रेशम ने गांव के ही कल्लू प्रधान (तत्कालीन), उसके भाई अलीहसन, नूरहसन व ईश्वर के नामजद तितावी थाने पर बेटे की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि सन 2001 में कल्लू प्रधान के चाचा शमशेर के कत्ल में सुरेंद्र उर्फ बॉबी आरोपी था। उसका मुकदमा कोर्ट में चल रहा था। 24 सितंबर 2002 को चारों अभियुक्त फैसले की बात कह कर सुरेंद्र व उसके चाचा जोगेंद्र व हुकम सिंह के साथ अदालत आये थे और फैसले की बात के बाद जोगेंद्र व हुकम सिंह रिश्तेदारी में चले गए। सुरेंद्र को चारों अभियुक्त गांव में ले जाने को कह कर लेकर चले गए, मगर सुरेंद्र गांव में नहीं पहुंचा। इन चारों अभियुक्तों ने उसकी गोली मार कर हत्या करके उसके शव को थाना तितावी क्षेत्र के गांव मुकंदपुर के जंगल में फेंक दिया था।
इस मुकदमे की सुनवाई जनपद के विशेष जज पंकज कुमार अग्रवाल के विशेष न्यायालय एससीएसटी एक्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक यशपाल सिंह और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अंजुम खान ने कोर्ट में छह गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने 28 नवंबर को दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त कल्लू पूर्व प्रधान, अलीहसन, नूरहसन व ईश्वर निवासी ग्राम कान्हाहेड़ी को सुरेंद्र की हत्या करने का दोषी करार देते हुए जेल भेजा है। सजा पर शनिवार को सुनवाई हुई। अदालत ने उक्त चारों को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
इन धाराओं में सुनाई ये सजा
अदालत ने चारों आरोपियों को धारा 302 में आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 201 में सात-सात साल की सजा और 10-10 हजार रुपये जुर्माना और अली हसन को शस्त्र अधिनियम में तीन साल का कारावास व दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
यह भी पढ़ें: हत्याकांड: अदालत ने तीन भाइयों समेत नौ दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा, जुर्माना भी लगाया
जुर्माना की आधा धनराशि मृतक के पिता को मिलेगी
अदालत ने अपने फैसले में चारों आरोपियों पर लगाए गए कुल जुर्माना 2.42 लाख रुपये में से 50 प्रतिशत यानी 1.21 लाख रुपये मृतक सुरेंद्र के पिता रेशम को देने के आदेश दिए हैं।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/