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Kaithal News: बिना हेलमेट सड़कों पर बढ़ रहा मौत का आंकड़ा, तीन माह में ही 64 सड़क हादसों में 22 की मौत
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करनाल रोड से बिना हेलमेट के गुजरते बाइक सवार। संवाद
कैथल। सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी दोपहिया वाहन चालकों पर भारी पड़ रही है। बिना हेलमेट बाइक चलाने की लापरवाही सड़क हादसों में मौत का बड़ा कारण बन रही है। पुलिस की ओर से लगातार चालान और जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद बाइक सवार नियमों के लिए गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। तीन माह में ही 64 सड़क हादसों में 22 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
जिले में जून से अगस्त तक सड़क हादसों के आंकड़े भी चिंताजनक हैं। जून में कुल 30 सड़क हादसे हुए जिनमें आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हुए। जुलाई में हादसों की संख्या घटकर 15 रही लेकिन इनमें भी छह लोगों की जान चली गई और 14 लोग घायल हुए। अगस्त में अब तक 19 सड़क हादसे सामने आए हैं। इनमें आठ लोगों की मौत हुई जबकि 12 लोग घायल हुए। दोपहिया वाहन सवारों के हादसों में गंभीर चोट का सबसे ज्यादा खतरा सिर पर रहता है। हेलमेट नहीं पहनने की स्थिति में मामूली टक्कर भी जानलेवा साबित हो सकती है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घातक सड़क हादसों की पड़ताल में कई मामलों में बाइक सवारों का हेलमेट नहीं पहनना प्रमुख कारणों में शामिल रहा है। इसी कारण जुलाई और अगस्त में बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के सबसे अधिक चालान किए गए हैं।
चालान के बाद भी नहीं सुधर रहे हालात :
यातायात पुलिस की ओर से बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जुलाई और अगस्त में इस नियम का उल्लंघन करने वालों के सबसे अधिक चालान किए गए। इसके बावजूद कई बाइक सवार पुलिसकर्मियों को देखकर ही हेलमेट पहनते नजर आते हैं। कार्रवाई खत्म होते ही दोबारा नियमों की अनदेखी शुरू हो जाती है।
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हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं बल्कि जान बचाने के लिए जरूरी है। दोपहिया वाहन चालकों को हर बार सफर शुरू करने से पहले हेलमेट पहनना चाहिए। यातायात नियमों का पालन कर हादसों में होने वाली मौतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
- सतपाल, प्रभारी थाना यातायात
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जिले में जून से अगस्त तक सड़क हादसों के आंकड़े भी चिंताजनक हैं। जून में कुल 30 सड़क हादसे हुए जिनमें आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हुए। जुलाई में हादसों की संख्या घटकर 15 रही लेकिन इनमें भी छह लोगों की जान चली गई और 14 लोग घायल हुए। अगस्त में अब तक 19 सड़क हादसे सामने आए हैं। इनमें आठ लोगों की मौत हुई जबकि 12 लोग घायल हुए। दोपहिया वाहन सवारों के हादसों में गंभीर चोट का सबसे ज्यादा खतरा सिर पर रहता है। हेलमेट नहीं पहनने की स्थिति में मामूली टक्कर भी जानलेवा साबित हो सकती है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घातक सड़क हादसों की पड़ताल में कई मामलों में बाइक सवारों का हेलमेट नहीं पहनना प्रमुख कारणों में शामिल रहा है। इसी कारण जुलाई और अगस्त में बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के सबसे अधिक चालान किए गए हैं।
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चालान के बाद भी नहीं सुधर रहे हालात :
यातायात पुलिस की ओर से बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जुलाई और अगस्त में इस नियम का उल्लंघन करने वालों के सबसे अधिक चालान किए गए। इसके बावजूद कई बाइक सवार पुलिसकर्मियों को देखकर ही हेलमेट पहनते नजर आते हैं। कार्रवाई खत्म होते ही दोबारा नियमों की अनदेखी शुरू हो जाती है।
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हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं बल्कि जान बचाने के लिए जरूरी है। दोपहिया वाहन चालकों को हर बार सफर शुरू करने से पहले हेलमेट पहनना चाहिए। यातायात नियमों का पालन कर हादसों में होने वाली मौतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
- सतपाल, प्रभारी थाना यातायात

करनाल रोड से बिना हेलमेट के गुजरते बाइक सवार। संवाद