बैंक लूट मामला: जांच में चौंकाने वाले खुलासे, सामने आई अधिकारियों की लापरवाही, पूछताछ जारी
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बागपत जिले में सिंडिकेट बैंक शाखा तुगाना में 15 लाख की लूट के मामले में बैंक अधिकारियों की लापरवाही और अदूरदर्शिता भी सामने आई है। शाखा पांच लाख रुपये नकदी की सीमा वाली है, लेकिन चार सितंबर से बैंक में 15 लाख का कैश रखा हुआ था। उस पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। जांच में खुलासा हुआ है कि बदमाशों के पास बैंक के अंदर की पूरी जानकारी थी।
नौ सितंबर को दिन दहाड़े तुगाना गांव में स्थित सिंडिकेट बैंक शाखा में बाइक सवार तीन नकाबपोश बदमाश 15 लाख रूपये लूट ले गए थे। पुलिस व बैंक अधिकारी जांच में जुटे हुए हैं। जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। लूट की घटना बैंक अधिकारियों की लापरवाही के कारण हुई।
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एएसपी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि बैंक में चार सितंबर से 15 लाख रुपये का कैश रखा हुआ था। बैंक में मैनेजर हरमिंदर सिंह, सहायक मैनेजर अंकित, चपरासी राहुल व सफाई कर्मचारी भूदेव का स्टाफ है। बैंक अधिकारी और कर्मचारियों को ही कैश की जानकारी थी। सायरन खराब पड़ा हुआ है। सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी किसी सुरक्षित स्थान पर नहीं थी। बल्कि मेज पर ही डीवीआर रखी हुई थी। एक मकान के छोटे से कमरे में बैंक चल रहा है। बैंक में चैनर गेट भी नहीं है। खिड़कियों पर जाली तक नहीं लगी हुई है। स्ट्रांग रूम नहीं है। छोटी सी अलमारी में कैश रखा हुआ था। बैंक के अंदर की पूरी जानकारी बदमाशों के पास थी। बदमाशों को पता था कि कैश कहां पर रखा हुआ है। उन्होंने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
बैंक में पांच लाख तक कैश रखने की क्षमता
तुगाना के सिंडिकेट बैंक शाखा में पांच लाख रुपये तक का कैश रखने की क्षमता है। लेकिन बैंक में छह दिन से 15 लाख का कैश रखा था। मैनेजर हरमिंदर की माने तो किसान क्रेडिट कार्ड के लिए कैश आया हुआ था। नौ सितंबर को कैश बंटना था। यदि नौ सितंबर को कैश बंटना था तो दो बजे तक कैश क्यों नहीं बांटा गया। यहां से डेढ़ किलोमीटर दूर लूंब में सिंडिकेट बैंक शाखा है। इसमें सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं और गार्ड भी तैनात है। सुरक्षा की दृष्टि से इस शाखा में कैश क्यों नहीं रखा गया। बैंक अधिकारी भी गहराई से जांच कर रहे हैं।
लूट से पहले छुट्टी लेकर चले गए कर्मियों की जांच
वारदात से पहले सहायक मैनेजर अंकित व चपरासी राहुल बैंक मैनेजर से मौखिक छुट्टी लेकर चले गए थे। दोनों के इस तरह जाने की जांच पुलिस कर रही है। बैंक अधिकारी और पुलिस प्रकरण की जांच में जुटी है।
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जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई : एलडीएम
लीड बैंक मैनेजर (एलडीएम) प्रदीप थरोट ने बताया कि बैंक लूट प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच चल रही है। बैंक में केसीसी का पैसा रखा हुआ था। यह कैश क्यों नहीं बांटा गया, इसकी भी जांच की जा रही है। बैंक के सहायक प्रबंधक अंकित और चपरासी राहुल के मौखिक छुट्टी लेकर जाने की भी जांच की जा रही है। अभी तक जांच में कई लापरवाही सामने आई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार से बैंक में लेन-देन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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