भाजपा नेता हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिले राज्यमंत्री भूपेंद्र सिंह, इंसाफ दिलाने का दिया भरोसा
सूबे के पंचायती राज्य मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर के परिवार को इंसाफ मिलेगा। वारदात की निष्पक्ष जांच होगी। वह पीड़ित परिवार के साथ हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर त्वरित कार्रवाई कराई जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
बृहस्पतिवार को राज्य मंत्री भूपेंद्र सिंह छपरौली पहुंचे और पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष संजय खोखर के परिवार से मिलकर हिम्मत बंधाई। खोखर के बड़े बेटे मनीष खोखर ने कहा कि सीबीआई जांच होनी चाहिए। वारदात के हर बिंदु की जांच से ही असली दोषी सामने आएंगे। कोई भी दोषी बचना नहीं चाहिए और कोई भी निर्दोष फंसना नहीं चाहिए। भूपेंद्र सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष पूरा प्रकरण रखने और निष्पक्ष व त्वरित कार्रवाई करने का भरोसा दिया। विधायक छपरौली सहेंद्र सिंह रमाला, विधायक बड़ौत कृष्णपाल मलिक, विधायक बागपत योगेश धामा, भाजपा जिलाध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर भी मौजूद रहे।
ये था पूरा मामला
थाना क्षेत्र के तिलवाड़ा मार्ग की चकरोड पर मॉर्निंग वॉक कर रहे भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। सनसनीखेज वारदात से लखनऊ तक हड़कंप मच गया था। इसके बाद डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने छपरौली इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया। संजय खोखर के बेटे ने चार नामजद समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। जांच के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं।
छपरौली के पट्टी धंधान निवासी भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर (52 वर्ष) ककौर कलां के जूनियर हाईस्कूल में अंग्रेजी के शिक्षक थे। मंगलवार सुबह छह बजे वह अपने बेटे अक्षय खोखर के साथ तिलवाड़ा मार्ग पर मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। मुर्गी फार्म के पास चकरोड पर अक्षय अपने पिता से आगे निकल गया। तभी ईख के खेत में छिपे बैठे हमलावर निकले और संजय खोखर की पीठ पर गोली मारी। वह गिर पड़े तो हमलावरों ने कनपटी से सटाकर दूसरी गोली मारी। मौके पर ही संजय खोखर की मौत हो गई। फायरिंग होते ही अक्षय किसी तरह जान बचाकर कस्बे की ओर दौड़ पड़ा। उधर, हमलावर खेतों के रास्ते फरार हो गए।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस को मौके पर तमंचे का एक कारतूस पड़ा मिला। दिन निकलते ही सनसनीखेज वारदात से लखनऊ तक हड़कंप मच गया। सीएम ऑफिस के ट्विटर हैंडल से 24 घंटे में कार्रवाई और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश चंद शर्मा ने भाजपा जिलाध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर से प्रकरण की जानकारी ली।
इसके बाद डीजीपी ने लापरवाही पर छपरौली इंस्पेक्टर दिनेश कुमार चिकारा को निलंबित कर दिया। मृतक के दूसरे बेटे मनीष खोखर ने साल 2018 के झगड़े का हवाला देते हुए छपरौली निवासी नितिन धनकड़, ककौर कलां निवासी मयंक डागर, हेवा गांव निवासी विनीत व अंकुर शर्मा और एक अज्ञात युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
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