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बदन सिंह बद्दो की फरारी में ये खतरनाक कनेक्शन, सफेदपोशों के गुंडा राज की खुली पोल

Tue, 16 Apr 2019 02:40 PM IST
कपिल kapil गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 16 Apr 2019 02:40 PM IST
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Badan Singh Baddo's dangerous connections with white collars and now the many secret opens
कुख्यात बदन सिंह बद्दो - फोटो : social media

पश्चिमी यूपी में कुख्यातों का सफेदपोशों से खतरनाक कनेक्शन है। कुख्यात बदन सिंह बद्दो, सुशील मूंछ, सुंदर भाटी, मुकीम काला, योगेश भदौड़ा व ऊधमसिंह सहित कई अपराधियों का गुंडा राज सफेदपोशों की संरक्षण में चलता है। कई नेताओं के कारनामे पुलिस ने उजागर किए। लेकिन कुछ दिनों बाद पुलिस भी खामोश होकर बैठ जाती है। क्योंकि दामन तो पुलिस का भी दागदार है। कई कुख्यातों की पैठ पुलिस वालों में भी है। 

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ढाई लाख के इनामी मोस्ट वांटेड बदन सिंह बद्दो की फरारी में कई सफेदपोशों के नाम सामने आए हैं। बद्दो की फरारी में पुलिस करन पब्लिक स्कूल के संचालक भानू प्रताप सिंह, फाइनेंसर गुरमीत सिंह उर्फ मिक्की, ट्रांसपोर्टर डिपिन सूरी, सोनू सहगल, व्यापारी नेता लल्लू मक्कड़ समेत 12 लोगों को जेल भेज चुकी है। पुलिस का दावा कि बद्दो की फरारी में अभी मेरठ के कई सफेदपोशों को बेनकाब करना बाकी है। सवाल उठता कि आखिर सफेदपोश खतरनाक अपराधियों को संरक्षण क्यों दे रहे हैं। सफेदपोश ही समाज में इसका क्या मैसेज देना चाहते हैं। इन्हीं कुख्यातों की आड़ में सफेदपोशों की दुकान चल रही है या फिर आम जनता पर दबंगई चल रही है। पुलिस जांच में जिन सफेदपोशों के नाम उजागर होते हैं, उन पर मजबूत कार्रवाई नहीं होती। इसको लेकर लोगों में अलग-अलग चर्चाएं है। कई नेता तो कुख्यातों के समर्थन में बयान तक दे चुके हैं। 
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नेताओं की महिला के घर महफिल
कुख्यात बदन सिंह बद्दो की फरारी के मामले में कई सफेदपोशों की पोल खुली है। बद्दो मुकुट महल होटल से भागने के बाद शहर के पॉश इलाके साकेत में एक महिला के घर पर गया था। उक्त महिला के यहां स्कूल संचालक भानू प्रताप बद्दो को लेकर गया था। बताया गया कि उक्त महिला के कई नेताओं से संपर्क हैं। जो महिला के घर पर अक्सर आते हैं। बद्दो की फरारी में महिला का कनेक्शन था। लेकिन नेताओं ने सिफारिश लगवाकर उसको बचा लिया। चर्चा है कि महिला ने बद्दो की कई सफेदपोशों से मुलाकात कराई थी।

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बदमाशों में पुलिस की गहरी पैठ 
पुलिस और बदमाशों की गहरी पैठ है। बदन सिंह बद्दो, सुशील मूंछ, सुंदर भाटी, योगेश भदौड़ा और अन्य कई शातिर अपराधी पुलिस के संपर्क में रहते हैं। फरारी होने या जेल में बंद होने के बावजूद भी पुलिस इन कुख्यातों की मदद करती है। इसके कई सुबूत पुलिस को मिले, बावजूद मजबूत कार्रवाई नहीं हुई। सुशील मूंछ की फरारी में भी इसकी पोल खुली थी। लेकिन सिस्टम की बदनामी के चलते पुलिस अधिकारी भी खामोश बैठे रहे। यही वजह बनीं कि बद्दो की फरारी होते ही पुलिस से साठगांठ कर सुशील मूंछ सरेंडर हो गया। 

देखकर अनदेखी करती है पुलिस 
जिला पंचायत चुनाव में पब्लिक और पुलिस अधिकारियों ने बखूबी देखा है। कुख्यात योगेश भदौड़ा की पत्नी सुमन भदौड़ा जीती और फिर एक पार्टी के प्रत्याशी को पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में वोट देकर आई। जबकि सुमन हत्या के मामले में वांछित चल रही थी। पुलिस और बदमाशों की आंख मिचौली को किसने नहीं देखा। चर्चा भी रही कि एक पार्टी ने सुमन को पहले ही भरोसा दिलाया था कि वोट करने के दौरान उसकी गिरफ्तारी नहीं होगी। हुआ भी कुछ ऐसा ही। पुलिस की इस खामोशी के पीछे क्या वजह हो सकती है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

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