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मोहर्रम की जुलूस में अफरातफरी, लाठीचार्ज
Updated Sat, 22 Sep 2018 01:56 AM IST
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मेरठ। घंटाघर पर मुहर्रम के जुलूस में शरारती तत्वों की बवाल कराने की साजिश पुलिस की सूझबूझ से नाकाम हो गई। आधा दर्जन लोग जुलूस निकाल रहे लोगों के साथ-साथ उनको देखने वाली महिलाओं की वीडियो बना रहे थे। इस पर लोग शरारती तत्वों के पीछे दौड़ पड़े। इस दौरान दोनों तरफ से तनातनी हो गई। तभी मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति को संभाला।
देहलीगेट थानाक्षेत्र के खैरनगर में मुहर्रम का जुलूस निकल रहा था। घंटाघर के पास करीब आधा दर्जन लोग जुलूस में शामिल हो गए। जिनमें दो युवक शराब के नशे में धुत थे और जुलूस निकाल रहे लोगों से अभद्रता करने लगे। जबकि अन्य लोग वीडियो बनाने लगे। वे महिलाओं की वीडियो भी बना रहे थे, तभी जुलूस निकालने वाले लोगों ने उन पर हमला बोल दिया। इस पर वीडियो बनाने वाले लोग भागकर एक समुदाय के मोहल्ले में घुस गए। धर्मशाला के पास दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। इससे पहले मामला तूल पकड़ता कि एसओ देहलीगेट विजय गुप्ता व एसएसआई दिलशाद अहमद ने फोर्स के साथ पहुंचकर लाठीचार्ज कर दिया। वहीं पुलिस ने जुलूस निकाल रहे लोगों को समझाबुझाकर शांत किया।
बवाल कराने की साजिश
मुहर्रम के जुलूस में बवाल कराने की शरारती तत्वों की गहरी साजिश थी। पहले अराजकता फैलाकर जुलूस में अफरातफरी मचा दी और फिर उसकी वीडियो बनाने लगे। लोगों में चर्चा थी कि अफरातफरी की वीडियो को वायरल कर शरारती तत्व शहर का माहौल खराब कराने चाहते थे। जुलूस का समापन कराने के बाद पुलिस ने खैरनगर और घंटाघर पर दुकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी। जिसमें आरोपियों के चेहरों को अभी साफ न आने की बात कही जा रही है। लोगों ने बताया कि जुलूस में पुलिस अलर्ट नहीं होती तो बवाल हो सकता था। सीओ और एसओ ने इस जुलूस में दो कंपनी पीएसी और चार थानेदार समेत फोर्स पहले से तैनात की हुई थी। पुलिस का कहना है कि मुहर्रम के जुलूस में अक्सर हर साल बवाल कराने की साजिश रची जाती है। इसकी जांच की जा रही है।
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अफवाहों का बाजार गर्माया
घंटाघर पर मुहर्रम के जुलूस में बवाल होने की अफवाह फैला दी गई। एसपी सिटी रणविजय सिंह और सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला भी फोर्स लेकर पहुंचे। सीओ कोतवाली ने माइक लेकर लोगों को समझाया कि जुलूस को शांतिपूर्वक निकलने दो। किसी ने अराजकता फैलाने की कोशिश की तो सख्त कार्रवाई होगी। इस दौरान क्षेत्रीय पार्षद और जिम्मेदार लोग भी वहां पहुंचे। सिविल डिफेंस के लोगों को एक्टिव किया गया। वहीं जुलूस को सकुशल संपन्न कराने के लिए रेलवे रोड स्थित ईदगाह चौराहे तक पुलिस और पीएसी का कड़ा पहरा लगाया गया। शाम छह बजे तक जुलूस निकला। पुलिस ने घेरा बनाकर जुलूस को निकाला। उसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी।
किसने भेजे थे शरारती तत्व
जुलूस में अराजकता फैलाने के लिए शरारती तत्वों को किसने भेजा था। जुलूस देखतीं महिलाओं की वीडियो और फिर अफरातफरी की वीडियो क्यों बनाई जा रही थी। शहर में अफवाह तक फैला दी कि घंटाघर पर बवाल हो गया है। ऐसे कई सवाल पुलिस के जेहन में हैं, जिनकी वह जांच करने में जुटी है।
कुछ शरारती तत्वों ने माहौल खराब करने की कोशिश की थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लाठीचार्ज किया और उन्हें खदेड़ा। बाद में जुलूस को शांतिपूर्वक संपन्न कराया गया। शरारती तत्वों की तलाश की जा रही है। रणविजय सिंह, एसपी सिटी
देहलीगेट थानाक्षेत्र के खैरनगर में मुहर्रम का जुलूस निकल रहा था। घंटाघर के पास करीब आधा दर्जन लोग जुलूस में शामिल हो गए। जिनमें दो युवक शराब के नशे में धुत थे और जुलूस निकाल रहे लोगों से अभद्रता करने लगे। जबकि अन्य लोग वीडियो बनाने लगे। वे महिलाओं की वीडियो भी बना रहे थे, तभी जुलूस निकालने वाले लोगों ने उन पर हमला बोल दिया। इस पर वीडियो बनाने वाले लोग भागकर एक समुदाय के मोहल्ले में घुस गए। धर्मशाला के पास दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। इससे पहले मामला तूल पकड़ता कि एसओ देहलीगेट विजय गुप्ता व एसएसआई दिलशाद अहमद ने फोर्स के साथ पहुंचकर लाठीचार्ज कर दिया। वहीं पुलिस ने जुलूस निकाल रहे लोगों को समझाबुझाकर शांत किया।
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बवाल कराने की साजिश
मुहर्रम के जुलूस में बवाल कराने की शरारती तत्वों की गहरी साजिश थी। पहले अराजकता फैलाकर जुलूस में अफरातफरी मचा दी और फिर उसकी वीडियो बनाने लगे। लोगों में चर्चा थी कि अफरातफरी की वीडियो को वायरल कर शरारती तत्व शहर का माहौल खराब कराने चाहते थे। जुलूस का समापन कराने के बाद पुलिस ने खैरनगर और घंटाघर पर दुकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी। जिसमें आरोपियों के चेहरों को अभी साफ न आने की बात कही जा रही है। लोगों ने बताया कि जुलूस में पुलिस अलर्ट नहीं होती तो बवाल हो सकता था। सीओ और एसओ ने इस जुलूस में दो कंपनी पीएसी और चार थानेदार समेत फोर्स पहले से तैनात की हुई थी। पुलिस का कहना है कि मुहर्रम के जुलूस में अक्सर हर साल बवाल कराने की साजिश रची जाती है। इसकी जांच की जा रही है।
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अफवाहों का बाजार गर्माया
घंटाघर पर मुहर्रम के जुलूस में बवाल होने की अफवाह फैला दी गई। एसपी सिटी रणविजय सिंह और सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला भी फोर्स लेकर पहुंचे। सीओ कोतवाली ने माइक लेकर लोगों को समझाया कि जुलूस को शांतिपूर्वक निकलने दो। किसी ने अराजकता फैलाने की कोशिश की तो सख्त कार्रवाई होगी। इस दौरान क्षेत्रीय पार्षद और जिम्मेदार लोग भी वहां पहुंचे। सिविल डिफेंस के लोगों को एक्टिव किया गया। वहीं जुलूस को सकुशल संपन्न कराने के लिए रेलवे रोड स्थित ईदगाह चौराहे तक पुलिस और पीएसी का कड़ा पहरा लगाया गया। शाम छह बजे तक जुलूस निकला। पुलिस ने घेरा बनाकर जुलूस को निकाला। उसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी।
किसने भेजे थे शरारती तत्व
जुलूस में अराजकता फैलाने के लिए शरारती तत्वों को किसने भेजा था। जुलूस देखतीं महिलाओं की वीडियो और फिर अफरातफरी की वीडियो क्यों बनाई जा रही थी। शहर में अफवाह तक फैला दी कि घंटाघर पर बवाल हो गया है। ऐसे कई सवाल पुलिस के जेहन में हैं, जिनकी वह जांच करने में जुटी है।
कुछ शरारती तत्वों ने माहौल खराब करने की कोशिश की थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लाठीचार्ज किया और उन्हें खदेड़ा। बाद में जुलूस को शांतिपूर्वक संपन्न कराया गया। शरारती तत्वों की तलाश की जा रही है। रणविजय सिंह, एसपी सिटी