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पुलिस की नजर में अतुल प्रधान नेता नहीं मुल्जिम: एसएसपी
Updated Fri, 10 Nov 2017 01:10 AM IST
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मेरठ। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी सपा नेता अतुल प्रधान के प्रति एसएसपी मंजिल सैनी दहल ने बृहस्पतिवार को सख्त रवैया अपना लिया। कहा है कि अतुल प्रधान पुलिस की नजर में अब नेता नहीं बल्कि मुल्जिम है। उसके खिलाफ 25 में से 10 मुकदमों में गैर जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। अतुल ही नहीं बल्कि उसकी मदद करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुमित गुर्जर एनकाउंटर को लेकर अतुल प्रधान ने पुलिस महकमे को खुलेआम चुनौती दी थी। इस विवादित भाषण का वीडियो भी वायरल हुआ। जिस पर अतुल प्रधान और समर्थकों पर संगीन धाराओं में केस दर्ज हुए। लेकिन पांच दिनों बाद भी पुलिस अतुल प्रधान को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
एसएसपी मंजिल सैनी ने बृहस्पतिवार को बताया कि अतुल प्रधान के खिलाफ अभी तक 25 मुकदमे सामने आए हैं। जिनमें दोबारा से जांच की जा रही है। इनमें जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा, बलवा जैसे 10 मुकदमों में अतुल प्रधान के खिलाफ गैर जमानती वारंट लिए गए हैं। गिरफ्तारी के लिए पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमें लगी हैं। एसएसपी के अनुसार अतुल प्रधान बागपत के चिरचिटा गांव में पंचायत के बाद से भूमिगत है। उसके मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ है। हमारी नजर में अतुल अब नेता नहीं, मुल्जिम है। इसलिए उसके निर्धारित कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है। पुलिस उसके साथ मुल्जिमों की तरह ही बर्ताव करेगी। अतुल को सहयोग देने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा। सभी मुकदमों में उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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खास बात
- अतुल प्रधान के खिलाफ 10 मुकदमों में जारी हुए गैर जमानती वारंट
- एसएसपी ने कहा, बागपत के चिरचिटा गांव से ही भूमिगत हुआ अतुल
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सुमित गुर्जर एनकाउंटर को लेकर अतुल प्रधान ने पुलिस महकमे को खुलेआम चुनौती दी थी। इस विवादित भाषण का वीडियो भी वायरल हुआ। जिस पर अतुल प्रधान और समर्थकों पर संगीन धाराओं में केस दर्ज हुए। लेकिन पांच दिनों बाद भी पुलिस अतुल प्रधान को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
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एसएसपी मंजिल सैनी ने बृहस्पतिवार को बताया कि अतुल प्रधान के खिलाफ अभी तक 25 मुकदमे सामने आए हैं। जिनमें दोबारा से जांच की जा रही है। इनमें जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा, बलवा जैसे 10 मुकदमों में अतुल प्रधान के खिलाफ गैर जमानती वारंट लिए गए हैं। गिरफ्तारी के लिए पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमें लगी हैं। एसएसपी के अनुसार अतुल प्रधान बागपत के चिरचिटा गांव में पंचायत के बाद से भूमिगत है। उसके मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ है। हमारी नजर में अतुल अब नेता नहीं, मुल्जिम है। इसलिए उसके निर्धारित कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है। पुलिस उसके साथ मुल्जिमों की तरह ही बर्ताव करेगी। अतुल को सहयोग देने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा। सभी मुकदमों में उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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खास बात
- अतुल प्रधान के खिलाफ 10 मुकदमों में जारी हुए गैर जमानती वारंट
- एसएसपी ने कहा, बागपत के चिरचिटा गांव से ही भूमिगत हुआ अतुल