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पुलिस के लिए मामूली ये मौत, सिस्टम भी खामोश

Fri, 01 Dec 2017 02:37 AM IST
Updated Fri, 01 Dec 2017 02:37 AM IST
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पुलिस के लिए मामूली ये मौत, सिस्टम भी खामोश
मेरठ। एक किशोरी के साथ सरेआम छेड़छाड़ होती है। बड़ा भाई विरोध करता है तो मनचले उसे किशोरी के सामने ही सड़क पर बेरहमी से पीटकर जान से मारने की धमकी देते हैं। तमाशा देखने वाला समाज इस गुंडागर्दी के खिलाफ सामने नहीं आता और पीड़ित परिवार उसी समाज के डर से चुप बैठ जाता है। नतीजा अवसाद में घिरकर युवक फांसी लगाकर जान दे देता है। एक घर का चिराग बुझने के बाद केस दर्ज कर चुप बैठने वाली पुलिस के लिए भी ये मौत मामूली है। जबकि छेड़छाड़ पर प्रभावी अंकुश का दावा करने वाला सरकारी सिस्टम भी खामोश है। सवाल यह है कि क्या बहन-बेटियां इस घुटन भरे माहौल में इसी तरह असुरक्षित रहेंगी।
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दावे तो बड़े-बड़े हुए थे
प्रदेश सरकार ने सत्ता में आते ही छेड़छाड़ की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के बड़े-बड़े किए थे। प्रत्येक थाने में एंटी रोमियो स्क्वाएड बनाए गए थे। शुरुआत में इसका काफी असर भी रहा। स्कूल-कॉलेजों से लेकर गली-मोहल्ले से मनचले गायब हो गए थे। लेकिन एकाएक यह अभियान ठंडे बस्ते में चला गया और छेड़छाड़ फिर आम हो गईं। स्कूल-कॉलेजों के बाहर, सार्वजनिक स्थलों और गली मोहल्लों में मनचलों का जमघट लगने लगा। इसी सप्ताह दो बड़ी घटनाएं हुईं। मुख्यमंत्री के कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी की बेटी से घंटाघर पर छेड़छाड़ और खींचतान हुई। बुधवार को ही हापुड़ रोड़ पर हापुड़ निवासी युवती मनचलों का शिकार बनी।
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पुलिस का नहीं कोई खौफ
गली-मोहल्लों में दबंग किस्म के युवक आती-जाती महिलाओं, युवतियों और छात्राओं से छेड़छाड़ करते हैं। लेकिन इन्हें थाना पुलिस और फैंटम का कोई खौफ नहीं है। इक्का-दुक्का गश्त होती है। कॉलेज टाइम में जमघट लगाकर खड़े होने वाले मनचलों पर कोई सख्ती नहीं बरती जाती। यह हाल ब्रह्मपुरी ही नहीं, कमोवेश हर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के उदासीन रवैये और समाज के डर से कई पीड़ित थाने तक नहीं जाते। इंद्रानगर में हुई घटना में यदि युवती का भाई आत्महत्या न करता तो शायद छेड़छाड़ का यह मामला भी ब्रह्मपुरी पुलिस के पास तक नहीं पहुंचता। घटना के बाद ब्रह्मपुरी और इंद्रानगर के लोगों का भी कहना था कि मनचलों में पुलिस का खौफ ही नहीं रहा। पुलिस यदि सख्ती दिखाए और मनचलों में डर पैदा करे तो इस तरह की घटनाएं खुद रुक जाएंगी।
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पुलिस के लिए तो साधारण मामला
छेड़छाड़ की घटनाओं को लेकर पुलिस कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुकदमा दर्ज करने के बाद भी ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक के प्रयास नहीं किए। पुलिस के लिए यह एक साधारण घटना है क्योंकि एक युवा व्यापारी को जान देने के लिए मजबूर करने वाले मोहल्ले में खुले घूम रहे हैं और पुलिस चुप बैठी है। पीड़ित परिवार के अलावा मोहल्ले वालों में इसको लेकर रोष व्याप्त है।

परिवार में मचा कोहराम
पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है। यह युवक अपने पिता के साथ दूध के कारोबार में हाथ बंटाता था। पीड़िता ब्रह्मपुरी क्षेत्र के एक कालेज की छात्रा है। युवक की मौत के बाद उसके मां-पिता, इकलौती बहन और दोनों भाइयों का रो रोकर बुरा हाल है।
खास बात
- पुलिस-प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद नहीं रुक रही छेड़खानी
- हालात यहां तक पहुंच चुके हैं कि एक युवा व्यापारी ने दे दी जान
- पुलिस ने मौत के जिम्मेदार आरोपियों को पकड़ने तक की कोशिश नहीं की
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