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पुलिस का मुखबिर रहा हिस्ट्रीशीटर, सारे हथकंडे जानता है
Updated Wed, 23 May 2018 02:36 AM IST
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मेरठ। परीक्षितगढ़ से नवविवाहिता को अगवा कर ले जाने वाले हिस्ट्रीशीटर शहजाद को ढूंढने में पुलिस पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। बताते हैं कि शहजाद पुलिस का मुखबिर रहा है, जो पुलिस से बचने के सभी हथकंडे जानता है। शायद यही वजह है कि सोशल साइट पर एक्टिव होने के बावजूद पुलिस उसका दो महीने से सुराग नहीं लगा पाई।
आठ अप्रैल को परीक्षितगढ़ के खजूरी-अल्लीपुर मार्ग पर हिस्ट्रीशीटर शहजाद ने अपने चार साथियों के साथ नवविवाहिता का अपहरण किया था। इस दौरान नवविवाहिता के पति और देवर पर जानलेवा हमला किया था। मामला दो समुदायों के बीच जुड़ा होने के चलते सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद भी हिस्ट्रीशीटर शहजाद व नवविवाहिता का सुराग नहीं लगा। भाजपा विधायक दिनेश खटीक और सतवीर त्यागी भी पुलिस-प्रशासन को चेतावनी दे चुके हैं।
मामला सीएम तक
यह आरोपी सोशल साइटों पर अपडेट है। भड़काऊ पोस्ट तक एफबी पर डाल रहा है। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। शहजाद पर 50 हजार के इनाम की संस्तुति होने के बाद उसके पीछे पुलिस के साथ एसटीएफ भी लगा दी गई है।
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यह दलील दे रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों में चर्चा है कि शहजाद पुलिस का अच्छा मुखबिर रहा है, इसलिए उसे पता है कि पुलिस अपराधियों को कैसे पकड़ती है। इससे बचने के लिए वह सारे वह हथकंडे आजमा रहा है, जिसे पुलिस आजमाती है। फोन कॉल के बजाय वह इंटरनेट कॉल और व्हाट्स एप के बजाय मेसेंजर का ज्यादा प्रयोग कर रहा है। यह बात और है कि वह पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में एक्टिव रहा और पुलिस उसे ढूंढ नहीं पाई। यहां तक कि उसने अपहृत नवविवाहिता के साथ फेसबुक पर सेल्फी भी पोस्ट की।
बसपा नेता की जांच में जुटी पुलिस
हिस्ट्रीशीटर को संरक्षण देने में बसपा के एक नेता का नाम सामने आया है। एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया कि बसपा नेता की जांच कराई जा रही है। सोशल साइट पर भी उसका रिकॅार्ड खंगाला गया है। पुलिस को आशंका है कि बसपा नेता ही उसको पैसे पहुंचा रहा है। लेकिन अभी पुलिस को इसके सुबूत नहीं मिले। सुबूत मिलते ही पुलिस बसपा नेता को अपहरण के मामले में नामजद करने के बाद गिरफ्तार करेगी।
सोशल साइट पर चुप्पी साधी
बसपा नेता की पोल खुलने पर सोशल साइट पर उसने चुप्पी साध ली है। पुलिस शहजाद के एफबी अकाउंट और बसपा नेता पर नजर रखे है। बसपा नेता ने भी तीन दिन से सोशल साइट पर कोई कमेंट नहीं किया है। पुलिस अफसरों का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर कितना ही शातिर क्यों न हो, लेकिन पुलिस से ज्यादा दिन नहीं बच पाएगा।
खास बातें:
- पल-पल बदल रहा लोकेशन, नहीं ढूंढ पा रही पुलिस
- हिस्ट्रीशीटर शहजाद के पीछे लगी पुलिस-एसटीएफ
- परीक्षितगढ़ से नवविवाहिता के अपहरण का मामला
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आठ अप्रैल को परीक्षितगढ़ के खजूरी-अल्लीपुर मार्ग पर हिस्ट्रीशीटर शहजाद ने अपने चार साथियों के साथ नवविवाहिता का अपहरण किया था। इस दौरान नवविवाहिता के पति और देवर पर जानलेवा हमला किया था। मामला दो समुदायों के बीच जुड़ा होने के चलते सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद भी हिस्ट्रीशीटर शहजाद व नवविवाहिता का सुराग नहीं लगा। भाजपा विधायक दिनेश खटीक और सतवीर त्यागी भी पुलिस-प्रशासन को चेतावनी दे चुके हैं।
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मामला सीएम तक
यह आरोपी सोशल साइटों पर अपडेट है। भड़काऊ पोस्ट तक एफबी पर डाल रहा है। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। शहजाद पर 50 हजार के इनाम की संस्तुति होने के बाद उसके पीछे पुलिस के साथ एसटीएफ भी लगा दी गई है।
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यह दलील दे रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों में चर्चा है कि शहजाद पुलिस का अच्छा मुखबिर रहा है, इसलिए उसे पता है कि पुलिस अपराधियों को कैसे पकड़ती है। इससे बचने के लिए वह सारे वह हथकंडे आजमा रहा है, जिसे पुलिस आजमाती है। फोन कॉल के बजाय वह इंटरनेट कॉल और व्हाट्स एप के बजाय मेसेंजर का ज्यादा प्रयोग कर रहा है। यह बात और है कि वह पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में एक्टिव रहा और पुलिस उसे ढूंढ नहीं पाई। यहां तक कि उसने अपहृत नवविवाहिता के साथ फेसबुक पर सेल्फी भी पोस्ट की।
बसपा नेता की जांच में जुटी पुलिस
हिस्ट्रीशीटर को संरक्षण देने में बसपा के एक नेता का नाम सामने आया है। एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया कि बसपा नेता की जांच कराई जा रही है। सोशल साइट पर भी उसका रिकॅार्ड खंगाला गया है। पुलिस को आशंका है कि बसपा नेता ही उसको पैसे पहुंचा रहा है। लेकिन अभी पुलिस को इसके सुबूत नहीं मिले। सुबूत मिलते ही पुलिस बसपा नेता को अपहरण के मामले में नामजद करने के बाद गिरफ्तार करेगी।
सोशल साइट पर चुप्पी साधी
बसपा नेता की पोल खुलने पर सोशल साइट पर उसने चुप्पी साध ली है। पुलिस शहजाद के एफबी अकाउंट और बसपा नेता पर नजर रखे है। बसपा नेता ने भी तीन दिन से सोशल साइट पर कोई कमेंट नहीं किया है। पुलिस अफसरों का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर कितना ही शातिर क्यों न हो, लेकिन पुलिस से ज्यादा दिन नहीं बच पाएगा।
खास बातें:
- पल-पल बदल रहा लोकेशन, नहीं ढूंढ पा रही पुलिस
- हिस्ट्रीशीटर शहजाद के पीछे लगी पुलिस-एसटीएफ
- परीक्षितगढ़ से नवविवाहिता के अपहरण का मामला