फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   सावित्री की हत्या में पुलिस सिस्टम की नाकामी

सावित्री की हत्या में पुलिस सिस्टम की नाकामी

Thu, 08 Feb 2018 02:40 AM IST
Updated Thu, 08 Feb 2018 02:40 AM IST
विज्ञापन
सावित्री की हत्या में पुलिस सिस्टम की नाकामी
मेरठ। सावित्री की मौत से पुलिस सिस्टम की नाकामी उजागर हुई है। बेटे चेतन के हत्यारोपी चश्मदीद गवाह मां सावित्री और भाई मितन को लगातार धमकी दे रहे थे। किसी अनहोनी से आशंकित मां-बेटा सुरक्षा के लिए एसएसपी ऑफिस में बिलख रहे थे। लेकिन एसएसपी के निर्देश के बावजूद सरूरपुर थाना पुलिस सुरक्षा देने में नाकाम साबित हुई।
विज्ञापन

यह मिली थी सुरक्षा
एक फरवरी को सावित्री और मितन एसएसपी के पास गुहार लगाने पहुंचे थे। एसएसपी ने एसओ सरूरपुर को निर्देश दिए थे कि इस परिवार को तुरंत सुरक्षा मुहैया कराएं। इसके बावजूद भी थाना पुलिस गंभीर नहीं हुई। केवल एक सिपाही नंदकिशोर दो फरवरी की रात सुरक्षा की बाबत पहुंचा और तीन फरवरी की सुबह तबियत खराब होना बताकर थाने चला गया था। उसी दिन आरोपियों ने सावित्री और उसके दोनों बेटों को खेत पर घेरकर गोलियां बरसा दी थीं। सावित्री ने अपनी जान देकर बेटों की जान बचा ली।
विज्ञापन

सावित्री को चार गोलियां मारीं
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सावित्री को चार गोलियां मारी गई थीं। इनमें दो गोलियां सिर से सटाकर मारीं तो दो गोलियां सिर के बराबर से छूती निकली थीं। पुलिस और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सावित्री को गोली तमंचों से मारी गई। पोस्टमार्टम के दौरान सावित्री के सिर में फंसी 315 बोर की गोली निकाली गई। पुलिस का दावा है कि हमलावरों ने तमंचे से गोलियां चलाई थीं। सिर में दूसरा निशान भी 315 बोर की गोली का बताया गया। अभी इस मामले में नौ आरोपी फरार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कब तक ये लापरवाही
जनपद में लगातार बढ़ती क्राइम की घटनाओं को देखते हुए एडीजी, आईजी और एसएसपी थानों की पुलिस को अलर्ट रहने के निर्देश देते हों। लेकिन पुलिस लापरवाही बनी है। निर्देश मिलने के बाद भी पुलिस एक्टिव नहीं होती। परतापुर के सोहरका गांव में दोहरा हत्याकांड हो या सरूरपुर के हसनपुर रजापुर गांव में सावित्री की हत्या का मामला, दोनों मामलों में थाना पुलिस की लापरवाही सामने आई है।
खास बातें:
- चश्मदीद गवाह मां-बेटा सुरक्षा मांगते बिलख पड़े थे एसएसपी के सामने
- एसएसपी के निर्देश पर भी सरूरपुर थाना पुलिस ने नहीं मुहैया कराई थी सुरक्षा
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed