जेल से बाहर आने पर हथियारों का शौदागर बन गया मलूक

Ghaziabad Bureau Updated Fri, 08 Dec 2017 12:58 AM IST
पांच हजार का मुनाफा होने पर ही बेचता था हथियार
मोदीनगर। पंजाब के आरएसएस नेता के हत्यारों को हथियार सप्लाई करने वाला सप्लायर मलूक 2011 में जेल से बाहर आने के बाद हथियारों का सौदागर बन गया था। इसके साथ ही उसने एक नियम भी बना लिया था कि कोई भी हथियार वह महज पांच हजार रुपये के मुनाफ पर बेच देता था। ज्यादा मुनाफ हो तो ठीक, वरना कम से पांच हजार रुपये का मुनाफा होना जरूरी था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2011 में नहाली ग्राम प्रधान जाकिर की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। मामले में मलूक को जेल गया था। इसी साल जेल से छूटने के बाद मलूक ने हथियारों की सप्लाई बड़े पैमाने पर शुरू कर दी गई। वह पूर्व में भी मलूक दो बार जेल जा चुका है, लेकिन इस दौरान भी उसका हथियारों की सप्लाई का काम फलता फूलता गया। इसके साथ ही उनसे एक नियम बताया कि एक हथियार को बेचने पर कम से कम पांच हजार के मुनाफा जरूर लेगा। अगर ग्राहक अधिक कीमत देता था तो ठीक, लेकिन वह पांच हजार रुपये के मुनाफा के नीचे नहीं जाता था। सूत्रों के मुताबिक दो माह पूर्व ही मलूक ने दिल्ली निवासी इकबाल गैंग से 25 हजार में एक पिस्टल खरीदी थी। इसके बाद हथियार को 30 हजार में हापुड़ निवासी राहुल को बेच दिया था। पिछले छह महीने में मलूक ने मेरठ, हापुड़ और दिल्ली में चार पिस्टल बड़े मुनाफे में बेची थीं। हालांकि पुलिस मलूक को गिरफ्तार एनआईए को सौंप दिया है। एनआईए टीम मलूक से पूछताछ कर रही है।

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