{"_id":"5a206e8f4f1c1b95188b748b","slug":"171512074895-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिटौली गांव से युवक लापता, हत्या की आशंका","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जिटौली गांव से युवक लापता, हत्या की आशंका
Updated Fri, 01 Dec 2017 02:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ/कंकरखेड़ा।
जिटौली गांव से एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। मकान से कुछ दूरी पर उक्त युवक के खून से सने कपड़े और खून के निशान मिलने से पुलिस में खलबली है। पुलिस का कहना कि युवक अपने दोस्तों के साथ शराब पी रहा था। इसी दौरान उनका झगड़ा हो गया था, तभी से युवक लापता है। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा पीपी सिंह के मुताबिक सरधना थानाक्षेत्र के दबथुआ निवासी पीयूष चौधरी (38) पुत्र सेंसरपाल चौधरी कंकरखेड़ा क्षेत्र के गांव जिटौली में सनी चौधरी के मकान में किराए पर रहता था। वह यहां पर डेयरी का काम करना चाहता था। बुधवार रात पीयूष मकान मालिक सनी व चार दोस्त मोनू, रोहित, अजय, विकास के साथ घर पर शराब पी रहा था।
बृहस्पतिवार तड़के मोहल्ले के लोग जागे तो देखा कि मकान पर कोई नहीं था और उसका दरवाजा खुला पड़ा था। इसके अलावा गली में कई जगह खून पड़ा था और पीयूष के खून से सने कपड़े व चप्पल पड़ी हुई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पीयूष की तलाश की, लेकिन सुराग नहीं मिला।
विज्ञापन
परिजनों ने उसकी हत्या की आशंका जताकर तहरीर दी है। पुलिस ने अज्ञात में केस दर्ज किया है। इंस्पेक्टर पीपी सिंह का कहना है कि मामला गंभीर है। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा। पीयूष के दोस्त मोनू, रोहित व अजय अभी फरार हैं। वहीं मकान मालिक सनी, कालू, विकास को हिरासत में लिया है। पीयूष के दोस्तों का भी आपराधिक रिकॉर्ड है।
जांच में उलझी पुलिस
किराये के मकान में शराब पार्टी, उसके बाद पीयूष का लापता होना और मौके पर खून के निशान मिलना। इन सबकी जांच में पुलिस उलझी हुई है। यह मकान चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष को किराए पर दिया था। पीयूष की उससे दोस्ती थी। पीयूष भी उसके साथ आकर रहने लगा। पुलिस ने सर्विलांस से भी मदद मांगी है।
हत्या में हुआ था नामजद
पीयूष शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। उसकी पत्नी व बच्चे देहरादून में रहते है। 2012 में सरधना चौपले पर बाइक भिड़ने को लेकर रामदेव मलिक उर्फ गुड्डू पुत्र देव मलिक निवासी गांव सोरम गोला थाना शाहपुर मुजफ्फरनगर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसमें पीयूष, उसका भाई अरविंद, अमित नामजद हुए थे। वह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। इसके अलावा सरधना थाने में भी पीयूष पर कई मामले में दर्ज हैं।
खास बात
जिटौली गांव का मामला, युवक के खून से सने कपड़े और निशान मिलने से खलबली
विज्ञापन
जिटौली गांव से एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। मकान से कुछ दूरी पर उक्त युवक के खून से सने कपड़े और खून के निशान मिलने से पुलिस में खलबली है। पुलिस का कहना कि युवक अपने दोस्तों के साथ शराब पी रहा था। इसी दौरान उनका झगड़ा हो गया था, तभी से युवक लापता है। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा पीपी सिंह के मुताबिक सरधना थानाक्षेत्र के दबथुआ निवासी पीयूष चौधरी (38) पुत्र सेंसरपाल चौधरी कंकरखेड़ा क्षेत्र के गांव जिटौली में सनी चौधरी के मकान में किराए पर रहता था। वह यहां पर डेयरी का काम करना चाहता था। बुधवार रात पीयूष मकान मालिक सनी व चार दोस्त मोनू, रोहित, अजय, विकास के साथ घर पर शराब पी रहा था।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार तड़के मोहल्ले के लोग जागे तो देखा कि मकान पर कोई नहीं था और उसका दरवाजा खुला पड़ा था। इसके अलावा गली में कई जगह खून पड़ा था और पीयूष के खून से सने कपड़े व चप्पल पड़ी हुई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पीयूष की तलाश की, लेकिन सुराग नहीं मिला।
विज्ञापन
परिजनों ने उसकी हत्या की आशंका जताकर तहरीर दी है। पुलिस ने अज्ञात में केस दर्ज किया है। इंस्पेक्टर पीपी सिंह का कहना है कि मामला गंभीर है। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा। पीयूष के दोस्त मोनू, रोहित व अजय अभी फरार हैं। वहीं मकान मालिक सनी, कालू, विकास को हिरासत में लिया है। पीयूष के दोस्तों का भी आपराधिक रिकॉर्ड है।
जांच में उलझी पुलिस
किराये के मकान में शराब पार्टी, उसके बाद पीयूष का लापता होना और मौके पर खून के निशान मिलना। इन सबकी जांच में पुलिस उलझी हुई है। यह मकान चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष को किराए पर दिया था। पीयूष की उससे दोस्ती थी। पीयूष भी उसके साथ आकर रहने लगा। पुलिस ने सर्विलांस से भी मदद मांगी है।
हत्या में हुआ था नामजद
पीयूष शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। उसकी पत्नी व बच्चे देहरादून में रहते है। 2012 में सरधना चौपले पर बाइक भिड़ने को लेकर रामदेव मलिक उर्फ गुड्डू पुत्र देव मलिक निवासी गांव सोरम गोला थाना शाहपुर मुजफ्फरनगर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसमें पीयूष, उसका भाई अरविंद, अमित नामजद हुए थे। वह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। इसके अलावा सरधना थाने में भी पीयूष पर कई मामले में दर्ज हैं।
खास बात
जिटौली गांव का मामला, युवक के खून से सने कपड़े और निशान मिलने से खलबली