{"_id":"5995f9f54f1c1b2a4a8b456e","slug":"171503001077-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"थाना उड़ाने की धमकी में सट्टेबाजों पर शक गहराया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
थाना उड़ाने की धमकी में सट्टेबाजों पर शक गहराया
Updated Fri, 18 Aug 2017 01:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। रेलवे रोड थाने को सिलेंडर से उड़ाने की धमकी के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला सट्टेबाजों की आपसी गुटबाजी माना जा रहा है। पुलिस ने क्षेत्र के एक चर्चित सट्टेबाज के यहां भी दबिश दी। लेकिन वह फरार मिला। थाने के कुछ पुलिसकर्मी भी संदेह के दायरे में हैं।
इस प्रकरण में मंदिर समिति के अध्यक्ष हरीशचंद्र की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने मंदिर जाकर मामले की जांच की। मंदिर समिति के पदाधिकारियों, पुजारियों से जानकारी ली गई। थानाध्यक्ष रेलवे रोड के अनुसार धमकी भरा पत्र एक धार्मिक पुस्तक के अंदर रखा हुआ था। आशंका है कि मंदिर में आने-जाने वाले व्यक्ति ने ही ये पत्र रखा है।
पत्र में जिस तरह मंदिर के आसपास जुआ, सट्टा चलने की बात लिखी गई है, उससे माना जा रहा है कि इसके पीछे सट्टेबाजों की आपसी गुटबाजी भी हो सकती है। संभावना है कि एक-दूसरे के इलाके में दखलंदाजी को लेकर उनमें कोई विवाद रहा हो और किसी को फंसाने के लिए यह पत्र डाला गया हो। पत्र में थाना पुलिस पर भी सट्टेबाजी को बढ़ावा देेने का आरोप लगाकर सुधरने की नसीहत दी गई है। ऐसे में रेलवे रोड थाना पुलिस पर भी सवाल उठे हैं। सूत्रों के अनुसार थाने में लंबे समय से टिके कुछ पुलिसकर्मी भी संदेह के दायरे में हैं। खासतौर से बीट कांस्टेबलों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बृहस्पतिवार को चर्चा रही कि थानाध्यक्ष ने कुछ पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी बदल दी है। वहीं, धमकी भरा पत्र मिलने के बाद मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने सुरक्षा मांगी है।
विज्ञापन
- थाना रेलवे रोड को उड़ाने की धमकी का पत्र मिलने का मामला
- पुलिस ने दर्ज किया केस, सट्टेबाजों की आपसी गुटबाजी की आशंका
विज्ञापन
इस प्रकरण में मंदिर समिति के अध्यक्ष हरीशचंद्र की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने मंदिर जाकर मामले की जांच की। मंदिर समिति के पदाधिकारियों, पुजारियों से जानकारी ली गई। थानाध्यक्ष रेलवे रोड के अनुसार धमकी भरा पत्र एक धार्मिक पुस्तक के अंदर रखा हुआ था। आशंका है कि मंदिर में आने-जाने वाले व्यक्ति ने ही ये पत्र रखा है।
विज्ञापन
पत्र में जिस तरह मंदिर के आसपास जुआ, सट्टा चलने की बात लिखी गई है, उससे माना जा रहा है कि इसके पीछे सट्टेबाजों की आपसी गुटबाजी भी हो सकती है। संभावना है कि एक-दूसरे के इलाके में दखलंदाजी को लेकर उनमें कोई विवाद रहा हो और किसी को फंसाने के लिए यह पत्र डाला गया हो। पत्र में थाना पुलिस पर भी सट्टेबाजी को बढ़ावा देेने का आरोप लगाकर सुधरने की नसीहत दी गई है। ऐसे में रेलवे रोड थाना पुलिस पर भी सवाल उठे हैं। सूत्रों के अनुसार थाने में लंबे समय से टिके कुछ पुलिसकर्मी भी संदेह के दायरे में हैं। खासतौर से बीट कांस्टेबलों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बृहस्पतिवार को चर्चा रही कि थानाध्यक्ष ने कुछ पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी बदल दी है। वहीं, धमकी भरा पत्र मिलने के बाद मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने सुरक्षा मांगी है।
विज्ञापन
- थाना रेलवे रोड को उड़ाने की धमकी का पत्र मिलने का मामला
- पुलिस ने दर्ज किया केस, सट्टेबाजों की आपसी गुटबाजी की आशंका