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तीन करोड़ की धोखाधड़ी में 17 को जेेल 

Wed, 23 Mar 2016 01:38 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला/ब्यूरो, मेरठ Updated Wed, 23 Mar 2016 01:38 AM IST
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17 prison in fraud
ठगी करने के आरोपी युवक। - फोटो : अमर उजाला
लोन दिलाने के नाम पर 300 से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बना चुके फर्जी फाइनेंस कंपनी के 17 कर्मचारियों को पुलिस ने मंगलवार को जेल भेज दिया। इनमें मुख्य आरोपी भी शामिल है। मौके से पकड़ी गई 24 लड़कियों को नोटिस देकर छोड़ दिया गया है। फाइनेंस कंपनी के ऑफिस से पुलिस ने बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज और अन्य सामान भी बरामद किया है।
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एसएसपी डीसी दूबे ने बताया कि सोमवार की रात क्राइम ब्रांच की साइबर सेल और एसओ ब्रह्मपुरी ने 17 युवकों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने इम्पॉवर प्रो सर्विसेज प्रा. लि. कंपनी की वेबसाइट बनाकर पर्सनल, प्रोपर्टी और एजूकेशन लोन के नाम तीन सौ से अधिक लोगों से ठगी की। आरोपी लोन दिलाने के नाम पर आवेदकों से धनराशि वसूल करते थे।
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लोन नहीं मिलने पर जब आवेदक धनराशि की मांग करते थे तो उन्हें धमकी दी जाती थी। फाइनेंस कंपनी फर्जी तरह से चल रही थी। इसका कोई रजिस्ट्रेशन भी नहीं था। कंपनी का डायरेक्टर सोनू जैदी उर्फ अशरफ अब्बास है। वह अपना नाम रणजीत शुक्ला भी बताता था। पूछताछ में उसने करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने की बात कबूली है।
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वहां कार्यरत युवक और युवतियों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाता था। दिल्ली, बिहार, मध्यप्रदेश, पंजाब और वेस्ट यूपी के लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है। इससे पूर्व आरोपी ने एसआर फाइनेंस, राजलक्ष्मी सोल्यूशन कंसलटेंसी नामक कंपनियां भी चलाई थी। इन फर्जी कंपनियों का मामला प्रकाश में आने पर सोनू जैदी ने यह नई कंपनी बनाई थी। 

ऐसे की गई गिरफ्तारी 
क्राइम ब्रांच की साइबर सेल के प्रभारी कर्मवीर सिंह और एसओ ब्रहमपुरी सतेंद्र यादव ने बताया कि अलीगढ़ के गौलारा थाना के विजयगढ़ निवासी महेश पुत्र शीलेंद्र ने इंटरनेट पर इस कंपनी की वेबसाइट देखी थी। उसने कंपनी के मेरठ स्थित पते पर संपर्क किया तो आरोपियों ने उससे लोन दिलाने के नाम पर 7 हजार रुपये जमा कराए।

बाद में फाइल चार्ज के रूप में 17 हजार रुपये लिए गए। पीड़ित महेश ने लोन नहीं मिलने पर रकम की मांग की तो आरोपियों ने उसे जान की धमकी दी। इस पर पीड़ित ने एसएसपी से मामले की शिकायत की। एसएसपी ने साइबर सेल को मामले की जांच सौंपी। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर सोमवार की रात को पुलिस ने छापामारी क ी। 


यह हुई बरामदगी 
62 हजार रुपये, दो सीपीयू, पांच टीएफटी, कीबोर्ड, 4 प्रिंटर, 2105 लोन के फार्म, 7 लैंडलाइन फोन उपकरण, 28 मोबाइल फोन, तीन दर्जन से अधिक स्टांप पेपर, 67 आईडी, 50 से अधिक मार्कशीट, 2200 कंपनी के लैटरपेड, लोन के 7 हजार पंफलेट और अन्य सामान बरामद किया है।


शहर में फैला है फाइनेंसरों का जाल 
एसएसपी दिनेश चंद दूबे ने बताया कि शहर में कई स्थानों पर फर्जी फाइनेंस कंपनियों के ऑफिस चलने की जानकारी मिल रही हैं। पूरे मामले को लेकर एसपी क्राइम के नेतृत्व में टीम लगी हैं। शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। 
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