फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   सता के दबाव में आरोपियों को बचाने का खेल

सता के दबाव में आरोपियों को बचाने का खेल

Mon, 30 Oct 2017 02:38 AM IST
Updated Mon, 30 Oct 2017 02:38 AM IST
विज्ञापन
सता के दबाव में आरोपियों को बचाने का खेल
मेरठ। नवजीत के परिजन पुलिस के इस खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं। नवजीत की बहन शैलप्रीत ने पांच मुख्य सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्य हत्यारोपी मानव की गिरफ्तारी न होने से उन्हें अपनी जान का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन

01: हत्या की वजह कुछ ओर
कार हटाने और पहिये की हवा निकालने जैसी छोटी बात पर मानव नवजीत की हत्या करेगा, ऐसा संभव नहीं है। नवजीत का मानव के साथ पहले भी कई बार झगड़ा और मारपीट हो चुकी है। लेकिन मानव ने कभी ऐसा नहीं किया। उसकी हत्या की ये वजह नहीं हो सकती। कोई दूसरी वजह है।
विज्ञापन

02: प्लानिंग बनाकर हुई हत्या
नवजीत की हत्या पूरी प्लानिंग से हुई है। जहां पर ये लोग जमा हुए थे। वहीं पर इसकी प्लानिंग बनी है। उसी के तहत सुनियोजित ढंग से सब कुछ हुआ है। तभी तो एक के बाद एक मानव सहित सभी लोग मौके पर पहुंच गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

03: बयान बदल रहा प्रवीण
प्रवीण बार-बार अपने बयान बदल रहा है। उन्हें जानकारी मिली है कि जब पुलिस ने उसे पकड़ा था तो पहले बताया जा रहा था कि पहली गोली प्रवीण ने चलाई है जो नवजीत की बाजू पर लगी है। लेकिन खुलासे में ये बात सामने नहीं आई।
04: नामजद पकड़े तो क्यों नहीं दिखाई गिरफ्तारी
उन्होंने इस घटना में मानव सहित छह लोगों को नामजद कराया था। इन नामजदों में से दो लोगों को पुलिस शुक्रवार को ही उनके सामने पकड़कर थाने लाई थी। लेकिन घटना के खुलासे में इन लोगों की गिरफ्तारी नहीं दिखाई। हो सकता है कि पुलिस उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है।
05: सत्ता पक्ष का दबाव
शैलप्रीत का आरोप है कि इस घटना में एक सत्ताधारी पार्टी से जुडे़ पदाधिकारी के भाई का भी पर्दे के पीछे रोल है। लेकिन उन्हें लग रहा है कि पुलिस राजनीतिक दबाव के चलते उसे बचाने की कोशिश कर रही है। पुलिस को निष्पक्ष ढंग से इसकी जांच कर घटना की तह तक पहुंचना चाहिए ।

नहीं हुई एसएसपी से मुलाकात
शैलप्रीत ने बताया कि वह रविवार को परिजनों के साथ एसएसपी मंजिल सैनी से मिलने उनके आवास पर गई थी। वह उन्हें कुछ जानकारी देना चाहते थे। लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हुई। उन्हें सोमवार सुबह 10 बजे बुलाया गया है।


दो कार कब्जे में, दबिश
इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके परिजनों, रिश्तेदारों और दोस्तों पर दबाव बनाकर दबिश दी जा रही हैं। मानव की कार और विभोर की डस्टर गाड़ी पुलिस ने कब्जे में ली हुई है।


विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed