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सरधना में प्रेमी युगल की मौत के बाद दूसरे दिन भी तनाव
Updated Sat, 08 Sep 2018 02:28 AM IST
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औरंगानगर रार्धना गांव में प्रेमी युगल की मौत के बाद सांप्रदायिक तनाव का मामला
संगीनों के साये में गांव में किशोरी के शव का हुआ अंतिम संस्कार
तनाव के चलते युवक का शव गांव के बजाय सरधना में सुपुर्द-ए-खाक
अमर उजाला ब्यूरो
सरधना/मेरठ। सरधना क्षेत्र के औरंगानगर रार्धना गांव में बृहस्पतिवार को प्रेमी युगल की मौत के मामले में बखेड़े के बाद शुक्रवार दिन भर तनावपूर्ण शांति रही। आरएएफ, पीएसी और पुलिस फोर्स की मौजूदगी के बीच एक अनजानी दहशत बरकरार रही। किशोरी तनु के शव का गांव में ही संगीनों के साये में अंतिम संस्कार किया गया। लेकिन सांप्रदायिक तनाव के चलते युवक खालिद के शव को गांव के बजाय सरधना में कालंद चुंगी के पास कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
शुक्रवार सुबह गांव के श्मशान घाट पर किशोरी के शव के अंतिम संस्कार के दौरान भाजपा विधायक ठा. संगीत सिंह सोम और ठाकुर चौबीसी के सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। इस बीच भारी भीड़ को देखते खालिद के शव को शाम को पोस्टमार्टम के बाद गांव में न लाकर नगर के मोहल्ला कमरानवाबान निवासी खालिद के बडे़ भाई आस मोहम्मद के घर लाया गया। जहां से कब्रिस्तान ले जाया गया। इस दौरान एसपी देहात राजेश कुमार, एसडीएम सरधना अमित भारती, तहसीलदार अविनाश कुमार, सीओ सरधना संतोष कुमार सिंह और इंस्पेक्टर सरधना के अलावा कई थानों की फोर्स और पीएसी गांव में तैनात रही।
परिजनों में मचा कोहराम
पोस्टमार्टम के बाद किशोरी का शव जब घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। उस समय गांव में ठाकुर चौबीसी के आसपास के गांवों से लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था। तनाव को देखते हुए गांव के बाहर मुख्य रास्तों और अंदर भी अलग-अलग स्थानों पर फोर्स लगाई गई थी। गांव में दूसरे समुदाय के लोगों की संख्या कम है। ऐसे में पुलिस ने मिश्रित आबादी को देखते भी सुरक्षा कड़ी की थी। ठाकुर चौबीसी के दूसरे गावों के गणमान्य लोगों ने कहा कि वह गांव का सौहार्द नहीं बिगड़ने देंगे। कुछ शरारती तत्व ही माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे। नहीं तो हिंदू पक्ष के लोगों ने तो दूसरे समुदाय के परिवारों को बृहस्पतिवार रात न सिर्फ पुलिस का सहयोग करते हुए सुरक्षित निकाला था बल्कि उन्हें अपने घर में पनाह भी दी। शुक्रवार रात गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए फोर्स का मूवमेंट रहा। किशोरी और युवक के घर पर भी फोर्स डेरा डाले रही। पूरे मामले में एसएसपी स्थिति पर नजर रखे रहे।
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गांव में शांति है
गांव में दोनों पक्षों के लोगों से बात की गई है। गांव में शांतिपूर्ण स्थिति है। सुरक्षा की दृष्टि से फोर्स तैनात की गई है। दोनों ही पक्षों के लोगों ने कोई भी कार्रवाई न कराने की बात कही है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर गए थे। -अखिलेश कुमार, एसएसपी
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औरंगानगर रार्धना गांव में प्रेमी युगल की मौत के बाद सांप्रदायिक तनाव का मामला
संगीनों के साये में गांव में किशोरी के शव का हुआ अंतिम संस्कार
तनाव के चलते युवक का शव गांव के बजाय सरधना में सुपुर्द-ए-खाक
अमर उजाला ब्यूरो
सरधना/मेरठ। सरधना क्षेत्र के औरंगानगर रार्धना गांव में बृहस्पतिवार को प्रेमी युगल की मौत के मामले में बखेड़े के बाद शुक्रवार दिन भर तनावपूर्ण शांति रही। आरएएफ, पीएसी और पुलिस फोर्स की मौजूदगी के बीच एक अनजानी दहशत बरकरार रही। किशोरी तनु के शव का गांव में ही संगीनों के साये में अंतिम संस्कार किया गया। लेकिन सांप्रदायिक तनाव के चलते युवक खालिद के शव को गांव के बजाय सरधना में कालंद चुंगी के पास कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
शुक्रवार सुबह गांव के श्मशान घाट पर किशोरी के शव के अंतिम संस्कार के दौरान भाजपा विधायक ठा. संगीत सिंह सोम और ठाकुर चौबीसी के सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। इस बीच भारी भीड़ को देखते खालिद के शव को शाम को पोस्टमार्टम के बाद गांव में न लाकर नगर के मोहल्ला कमरानवाबान निवासी खालिद के बडे़ भाई आस मोहम्मद के घर लाया गया। जहां से कब्रिस्तान ले जाया गया। इस दौरान एसपी देहात राजेश कुमार, एसडीएम सरधना अमित भारती, तहसीलदार अविनाश कुमार, सीओ सरधना संतोष कुमार सिंह और इंस्पेक्टर सरधना के अलावा कई थानों की फोर्स और पीएसी गांव में तैनात रही।
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परिजनों में मचा कोहराम
पोस्टमार्टम के बाद किशोरी का शव जब घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। उस समय गांव में ठाकुर चौबीसी के आसपास के गांवों से लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था। तनाव को देखते हुए गांव के बाहर मुख्य रास्तों और अंदर भी अलग-अलग स्थानों पर फोर्स लगाई गई थी। गांव में दूसरे समुदाय के लोगों की संख्या कम है। ऐसे में पुलिस ने मिश्रित आबादी को देखते भी सुरक्षा कड़ी की थी। ठाकुर चौबीसी के दूसरे गावों के गणमान्य लोगों ने कहा कि वह गांव का सौहार्द नहीं बिगड़ने देंगे। कुछ शरारती तत्व ही माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे। नहीं तो हिंदू पक्ष के लोगों ने तो दूसरे समुदाय के परिवारों को बृहस्पतिवार रात न सिर्फ पुलिस का सहयोग करते हुए सुरक्षित निकाला था बल्कि उन्हें अपने घर में पनाह भी दी। शुक्रवार रात गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए फोर्स का मूवमेंट रहा। किशोरी और युवक के घर पर भी फोर्स डेरा डाले रही। पूरे मामले में एसएसपी स्थिति पर नजर रखे रहे।
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गांव में शांति है
गांव में दोनों पक्षों के लोगों से बात की गई है। गांव में शांतिपूर्ण स्थिति है। सुरक्षा की दृष्टि से फोर्स तैनात की गई है। दोनों ही पक्षों के लोगों ने कोई भी कार्रवाई न कराने की बात कही है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर गए थे। -अखिलेश कुमार, एसएसपी