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झिटकरी गांव में नाला निर्माण का विवाद गर्माया-प्रधान पक्ष ने दी धर्म परिर्वन की चेतावनी
Updated Tue, 16 Jan 2018 08:28 PM IST
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सरधना।
क्षेत्र के झिटकरी गांव में बस्ती के पानी की निकासी को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा है। इस पर दोनों पक्षों ने डीएम और एसएसपी से मिलकर शिकायत की। वहीं, ग्रामीणों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर धर्म परिवर्तन की चेतावनी दी।
ग्राम झिटकरी में किसान और कुछ ग्रामीणों के बीच नाला निर्माण को लेकर अरसे से विवाद चल रहा है। जिस किसान के खेत में कई वर्षों से बस्ती का दूषित पानी जा रहा था उससे फसल बर्बाद हो रही थी। तहसील रिकार्ड में उसके खेत में चकरोड दर्ज थी। इस पर किसान मुनेश शर्मा ने नाला निर्माण के खिलाफ कोर्ट से स्टे हासिल कर लिया तथा पानी की निकासी बंद कर दी। इससे बस्ती में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। इस पर मामला आला अधिकारियों तक पहुंचा। एसडीएम राकेश कुमार के निर्देश पर बीडीओ ने बस्ती का पानी एक तालाब तक पहुुंचाने के लिए गांव में टीम भेजी, लेकिन ग्रामीण एवं वर्तमान ग्राम प्रधान पक्ष नाली का निर्माण किसान खेत की तरफ नाली निर्माण चाह रहे हैं। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच किसी भी खून खराबे से इनकार नहीं किया जा सकता है। दोनों पक्ष मंगलवार को डीएम से मिले। किसान मुनेश शर्मा के परिजन डीएम समीर वर्मा एवं एसएसपी मंजिल सैनी से मिले तथा न्याय की गुहार लगाई। कोर्ट के स्टे के बाद भी पानी जबरन खेत में चलाने की शिकायत की। उधर, ग्राम प्रधान पक्ष के नेतृत्व में ग्रामीण डीएम एवं एसएसपी से मिले और अपना पक्ष रखा। समाधान नहीं होने पर धर्म परिवर्तन की चेतावनी दी। डीएम समीर वर्मा ने 18 जनवरी को एसडीएम राकेश कुुमार सिंह को मौके पर भेजकर शिकायत का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। गांव में दोनों पक्षों में तनाव है।
झिटकरी गांव में बस्ती के दूषित पानी की निकासी को लेकर किसान एवं ग्राम प्रधान पक्ष के बीच विवाद से तहसील प्रशासन भी खासा परेशान है। जहां किसान ने कोर्ट से नाला एवं नाली निर्माण खेत में नहीं होने देने के लिए स्टे लिया हुआ है। वहीं, ग्राम प्रधान पक्ष नाला निर्माण किसान के खेत की तरफ चाह रहा है। किसान के हक में स्टे होने पर तहसील प्रशासन नाला निर्माण तालाब की तरफ को कराना चाहता है। ग्राम प्रधान संत सिंह एवं ग्रामीण तालाब की तरफ नाला निर्माण करने का विरोध कर रहे हैं। वे किसान के खेत में नाला निर्माण की मांग पर अडे़ हैं।
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दोनों पक्षों ने मंगलवार को एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन करके कार्रवाई की मांग की। किसान पक्ष से सुरेशदत्त शर्मा पुत्र बलवीर दत्त, मुनेशदत्त शर्मा पुत्र बलवीर, लोकेशदत्त पूरे परिवार के साथ तहसील पहुंचे और डीएम समीर वर्मा तथा एसएसपी मंजिल सैनी के सामने कोर्ट के स्टे के बावजूद नाला निर्माण कराने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जबरन रात्रि में खेत में नाला निर्माण के लिए मिट्टी की खुदाई की है। उसे बंद कराने की मांग की। वहीं, दूसरी तरफ ग्राम प्रधान संत सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण तहसील मुख्यालय पहुंचे और किसान पर जबरन बस्ती का पानी बंद कर दिए जाने का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्राम प्रधान संत सिंह एवं ग्रामीणों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर धर्म परिवर्तन की चेतावनी दी। इस मौके पर ग्राम प्रधान संत सिंह ने कहा कि सरकार में हिंदुओं की सुनवाई नहीं हो रही है। यहां पर प्रधान संत सिंह, अजयपाल, सुरेंद्र सिंह, समरपाल, सचिन, अंकित, योगेंद्र सिंह, राजसिंह, अरुण कुुमार, विपिन कुमार, जितेंद्र कुमार, जन्म सिंह, ब्रजेश शर्मा, सुंदर सिंह, सचिन, नरेश आदि शामिल रहे। दोनों पक्षों की शिकायत सुनने के बाद डीएम समीर वर्मा और एसएसपी मंजिल सैनी ने एसडीएम राकेश कुमार सिंह, बीडीओ सरधना, सीओ संतोष कुमार एवं थानाध्यक्ष को पुलिस बल के साथ गांव पहुंचकर समस्या का समाधान कराने के निर्देश किए। एसडीएम राकेश कुमार सिंह एवं तहसीलदार पवन जायसवाल ने 18 जनवरी को गांव पहुंचकर समस्या का समाधान कराने की बात कही। इसके बाद दोनों पक्ष गांव लौटे, फिलहाल दोनों पक्ष में नाला निर्माण को लेकर विवाद बरकरार है।
मुख्य बातें
खेत में नाला निर्माण को लेकर किसान और ग्रामीण आमने-सामने
दोनों पक्षों ने कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर डीएम के समक्ष रखा पक्ष
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क्षेत्र के झिटकरी गांव में बस्ती के पानी की निकासी को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा है। इस पर दोनों पक्षों ने डीएम और एसएसपी से मिलकर शिकायत की। वहीं, ग्रामीणों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर धर्म परिवर्तन की चेतावनी दी।
ग्राम झिटकरी में किसान और कुछ ग्रामीणों के बीच नाला निर्माण को लेकर अरसे से विवाद चल रहा है। जिस किसान के खेत में कई वर्षों से बस्ती का दूषित पानी जा रहा था उससे फसल बर्बाद हो रही थी। तहसील रिकार्ड में उसके खेत में चकरोड दर्ज थी। इस पर किसान मुनेश शर्मा ने नाला निर्माण के खिलाफ कोर्ट से स्टे हासिल कर लिया तथा पानी की निकासी बंद कर दी। इससे बस्ती में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। इस पर मामला आला अधिकारियों तक पहुंचा। एसडीएम राकेश कुमार के निर्देश पर बीडीओ ने बस्ती का पानी एक तालाब तक पहुुंचाने के लिए गांव में टीम भेजी, लेकिन ग्रामीण एवं वर्तमान ग्राम प्रधान पक्ष नाली का निर्माण किसान खेत की तरफ नाली निर्माण चाह रहे हैं। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच किसी भी खून खराबे से इनकार नहीं किया जा सकता है। दोनों पक्ष मंगलवार को डीएम से मिले। किसान मुनेश शर्मा के परिजन डीएम समीर वर्मा एवं एसएसपी मंजिल सैनी से मिले तथा न्याय की गुहार लगाई। कोर्ट के स्टे के बाद भी पानी जबरन खेत में चलाने की शिकायत की। उधर, ग्राम प्रधान पक्ष के नेतृत्व में ग्रामीण डीएम एवं एसएसपी से मिले और अपना पक्ष रखा। समाधान नहीं होने पर धर्म परिवर्तन की चेतावनी दी। डीएम समीर वर्मा ने 18 जनवरी को एसडीएम राकेश कुुमार सिंह को मौके पर भेजकर शिकायत का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। गांव में दोनों पक्षों में तनाव है।
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झिटकरी गांव में बस्ती के दूषित पानी की निकासी को लेकर किसान एवं ग्राम प्रधान पक्ष के बीच विवाद से तहसील प्रशासन भी खासा परेशान है। जहां किसान ने कोर्ट से नाला एवं नाली निर्माण खेत में नहीं होने देने के लिए स्टे लिया हुआ है। वहीं, ग्राम प्रधान पक्ष नाला निर्माण किसान के खेत की तरफ चाह रहा है। किसान के हक में स्टे होने पर तहसील प्रशासन नाला निर्माण तालाब की तरफ को कराना चाहता है। ग्राम प्रधान संत सिंह एवं ग्रामीण तालाब की तरफ नाला निर्माण करने का विरोध कर रहे हैं। वे किसान के खेत में नाला निर्माण की मांग पर अडे़ हैं।
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दोनों पक्षों ने मंगलवार को एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन करके कार्रवाई की मांग की। किसान पक्ष से सुरेशदत्त शर्मा पुत्र बलवीर दत्त, मुनेशदत्त शर्मा पुत्र बलवीर, लोकेशदत्त पूरे परिवार के साथ तहसील पहुंचे और डीएम समीर वर्मा तथा एसएसपी मंजिल सैनी के सामने कोर्ट के स्टे के बावजूद नाला निर्माण कराने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जबरन रात्रि में खेत में नाला निर्माण के लिए मिट्टी की खुदाई की है। उसे बंद कराने की मांग की। वहीं, दूसरी तरफ ग्राम प्रधान संत सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण तहसील मुख्यालय पहुंचे और किसान पर जबरन बस्ती का पानी बंद कर दिए जाने का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्राम प्रधान संत सिंह एवं ग्रामीणों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर धर्म परिवर्तन की चेतावनी दी। इस मौके पर ग्राम प्रधान संत सिंह ने कहा कि सरकार में हिंदुओं की सुनवाई नहीं हो रही है। यहां पर प्रधान संत सिंह, अजयपाल, सुरेंद्र सिंह, समरपाल, सचिन, अंकित, योगेंद्र सिंह, राजसिंह, अरुण कुुमार, विपिन कुमार, जितेंद्र कुमार, जन्म सिंह, ब्रजेश शर्मा, सुंदर सिंह, सचिन, नरेश आदि शामिल रहे। दोनों पक्षों की शिकायत सुनने के बाद डीएम समीर वर्मा और एसएसपी मंजिल सैनी ने एसडीएम राकेश कुमार सिंह, बीडीओ सरधना, सीओ संतोष कुमार एवं थानाध्यक्ष को पुलिस बल के साथ गांव पहुंचकर समस्या का समाधान कराने के निर्देश किए। एसडीएम राकेश कुमार सिंह एवं तहसीलदार पवन जायसवाल ने 18 जनवरी को गांव पहुंचकर समस्या का समाधान कराने की बात कही। इसके बाद दोनों पक्ष गांव लौटे, फिलहाल दोनों पक्ष में नाला निर्माण को लेकर विवाद बरकरार है।
मुख्य बातें
खेत में नाला निर्माण को लेकर किसान और ग्रामीण आमने-सामने
दोनों पक्षों ने कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर डीएम के समक्ष रखा पक्ष