{"_id":"5a32db184f1c1bd9798c2a30","slug":"15132824706-city-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपा पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष समेत दो को जेल भेजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सपा पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष समेत दो को जेल भेजा
Updated Fri, 15 Dec 2017 01:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ।
जानलेवा हमले के नामजद पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजदीप विकल और आदेश प्रधान को बृहस्पतिवार मेडिकल पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उनको जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी कई महीने से वांछित चल रहे थे। इस मामले को लेकर समाजवादी छात्रसभा के छात्रों आक्रोश है।
चौधरी चरणसिंह यूनिवर्सिटी के छात्रनेता एवं अतुल प्रधान के रिश्तेदार राजदीप विकल और आदेश प्रधान निवासी साधारनपुर इंचौली को जानलेवा हमले के दो मामलों में पुलिस ने गिरफ्तार कर एसीजेएम कोर्ट संख्या 10, नीरज बख्शी के न्यायालय में पेश किया। अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। दोनों आरोपियों की तरफ से दाखिल जमानत अर्जी को भी अदालत ने गंभीर अपराध पाते हुए खारिज कर दिया।
थाना मेडिकल में राजदीप विकल पुत्र महाराज सिंह निवासी साधारण थाना इंचौली के विरुद्ध जुलाई माह में पुलिस की तरफ से जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिस पर पुलिस ने विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति के चलते राजदीप व आदेश प्रधान को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया था। राजदीप पर दो मुकदमे जानलेवा हमले के दर्ज थे। वहीं आदेश प्रधान के खिलाफ भी एक मामला जानलेवा हमले का दर्ज था।
विज्ञापन
आरोपियों की तरफ से अधिवक्ता गगन राणा ने तर्क दिया कि राजदीव और आदेश पर आईपीसी की धारा 307 का अपराध नहीं बनता और उन्हें विश्वविद्यालय की राजनीति के तहत गिरफ्तार किया गया है। जबकि राजदीप पर एक मुकदमा वर्ष 2015 का है तथा दूसरा माह जुलाई 2017 का है। पुलिस ने पूर्व में कार्रवाई नहीं की। अदालत ने इस मामले में सुनवाई के बाद आईपीसी की धारा-307 में न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजने का आदेश दिया।
खास बात
सपा नेता अतुल प्रधान का रिश्तेदार बताया गया राजदीप विकल
विज्ञापन
जानलेवा हमले के नामजद पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजदीप विकल और आदेश प्रधान को बृहस्पतिवार मेडिकल पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उनको जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी कई महीने से वांछित चल रहे थे। इस मामले को लेकर समाजवादी छात्रसभा के छात्रों आक्रोश है।
चौधरी चरणसिंह यूनिवर्सिटी के छात्रनेता एवं अतुल प्रधान के रिश्तेदार राजदीप विकल और आदेश प्रधान निवासी साधारनपुर इंचौली को जानलेवा हमले के दो मामलों में पुलिस ने गिरफ्तार कर एसीजेएम कोर्ट संख्या 10, नीरज बख्शी के न्यायालय में पेश किया। अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। दोनों आरोपियों की तरफ से दाखिल जमानत अर्जी को भी अदालत ने गंभीर अपराध पाते हुए खारिज कर दिया।
विज्ञापन
थाना मेडिकल में राजदीप विकल पुत्र महाराज सिंह निवासी साधारण थाना इंचौली के विरुद्ध जुलाई माह में पुलिस की तरफ से जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिस पर पुलिस ने विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति के चलते राजदीप व आदेश प्रधान को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया था। राजदीप पर दो मुकदमे जानलेवा हमले के दर्ज थे। वहीं आदेश प्रधान के खिलाफ भी एक मामला जानलेवा हमले का दर्ज था।
विज्ञापन
आरोपियों की तरफ से अधिवक्ता गगन राणा ने तर्क दिया कि राजदीव और आदेश पर आईपीसी की धारा 307 का अपराध नहीं बनता और उन्हें विश्वविद्यालय की राजनीति के तहत गिरफ्तार किया गया है। जबकि राजदीप पर एक मुकदमा वर्ष 2015 का है तथा दूसरा माह जुलाई 2017 का है। पुलिस ने पूर्व में कार्रवाई नहीं की। अदालत ने इस मामले में सुनवाई के बाद आईपीसी की धारा-307 में न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजने का आदेश दिया।
खास बात
सपा नेता अतुल प्रधान का रिश्तेदार बताया गया राजदीप विकल