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सिंचाई विभाग के क्लर्क ने गृह क्लेश के चलते गंगनहर में छलांग लगाई
Updated Fri, 15 Sep 2017 01:45 PM IST
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गांव पूठखास निवासी क्लर्क सिंचाई विभाग में था तैनात
देरशाम तक तलाश में जुटे रहे परिजन, गोताखोरों की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
रोहटा।
थाना क्षेत्र के गांव पूठखास निवासी सिंचाई विभाग के क्लर्क ने गृहकलह के चलते गंगनहर में छलांग लगा दी। देरशाम तक परिजन उसकी तलाश करते रहे। लेकिन उसका पता नहीं चला। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने पुलिस से गोताखोरों से उसकी तलाश कराने की मांग की।
गांव निवासी वीरेन्द्र गिरी (55) पुत्र इतवार गिरी वर्तमान में गोकुल विहार कालोनी रोहटा रोड, मेरठ में परिवार समेत रहते हैं। वीरेन्द्र मेरठ में सिंचाई विभाग में वरिष्ठ क्लर्क के पद पर तैनात हैं। उनका परिवार से कई दिनों से विवाद चल रहा था। बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे वह घर से ड्यूटी पर जाने की बात कहकर निकले, लेकिन ऑफिस जाने की जगह वह पूठ गांव पहुंच गए। यहां शराब पीने के बाद उन्हाेंने गंगनहर पुल पर पहुंचकर नहर में छलांग लगा दी। वहां से गुजर रहे लोगों ने देखा तो शोर मचाया। कुछ युवक उन्हें निकालने के लिए गंगनहर में कूदे, लेकिन कुछ पता नहीं चला। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने पुलिस से गोताखोरों को बुलाने की मांग करते हुए हंगामा भी किया। देर शाम तक वीरेंद्र के परिजन गंगनहर में उसकी तलाश करते रहे।
तीन साल पहले पुत्र ने दी थी जान
तीन साल पहले वीरेन्द्र गिरी के तीन पुत्रों में सबसे बड़े पुत्र गौरव ने भी गंगनहर में कूदकर जान दे दी थी। बताया जाता है कि वह दूसरी बिरादरी की एक लड़की से शादी करना चाहता था, लेकिन परिजन इस बात पर सहमत नहीं थे। इसके चलते उसके अपनी प्रेमिका के साथ गंगनहर में कूद कर जान दे दी थी। घटना के तीन दिन बाद दोनों के शव पूठ गांव के पास ही मिले थे। परिवार अभी इस घटना के उबर भी नहीं पाया था कि वीरेन्द्र ने भी गंगनहर में छलांग लगा दी।
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देरशाम तक तलाश में जुटे रहे परिजन, गोताखोरों की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
रोहटा।
थाना क्षेत्र के गांव पूठखास निवासी सिंचाई विभाग के क्लर्क ने गृहकलह के चलते गंगनहर में छलांग लगा दी। देरशाम तक परिजन उसकी तलाश करते रहे। लेकिन उसका पता नहीं चला। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने पुलिस से गोताखोरों से उसकी तलाश कराने की मांग की।
गांव निवासी वीरेन्द्र गिरी (55) पुत्र इतवार गिरी वर्तमान में गोकुल विहार कालोनी रोहटा रोड, मेरठ में परिवार समेत रहते हैं। वीरेन्द्र मेरठ में सिंचाई विभाग में वरिष्ठ क्लर्क के पद पर तैनात हैं। उनका परिवार से कई दिनों से विवाद चल रहा था। बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे वह घर से ड्यूटी पर जाने की बात कहकर निकले, लेकिन ऑफिस जाने की जगह वह पूठ गांव पहुंच गए। यहां शराब पीने के बाद उन्हाेंने गंगनहर पुल पर पहुंचकर नहर में छलांग लगा दी। वहां से गुजर रहे लोगों ने देखा तो शोर मचाया। कुछ युवक उन्हें निकालने के लिए गंगनहर में कूदे, लेकिन कुछ पता नहीं चला। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने पुलिस से गोताखोरों को बुलाने की मांग करते हुए हंगामा भी किया। देर शाम तक वीरेंद्र के परिजन गंगनहर में उसकी तलाश करते रहे।
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तीन साल पहले पुत्र ने दी थी जान
तीन साल पहले वीरेन्द्र गिरी के तीन पुत्रों में सबसे बड़े पुत्र गौरव ने भी गंगनहर में कूदकर जान दे दी थी। बताया जाता है कि वह दूसरी बिरादरी की एक लड़की से शादी करना चाहता था, लेकिन परिजन इस बात पर सहमत नहीं थे। इसके चलते उसके अपनी प्रेमिका के साथ गंगनहर में कूद कर जान दे दी थी। घटना के तीन दिन बाद दोनों के शव पूठ गांव के पास ही मिले थे। परिवार अभी इस घटना के उबर भी नहीं पाया था कि वीरेन्द्र ने भी गंगनहर में छलांग लगा दी।
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