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जानी और सरधना में दो किसानों की हत्या

Tue, 04 Jul 2017 10:19 PM IST
Updated Tue, 04 Jul 2017 10:19 PM IST
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जानी और सरधना में दो किसानों की हत्या
सरधना/जानी (मेरठ)। सरधना और जानी में दो किसानों की हत्या से सनसनी फैल गई। एक किसान को गोली मारकर शव जंगल में फेंक दिया गया जबकि दूसरे किसान को घर में सोते समय गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया गया। एसपी देहात का कहना है कि दोनों मामलों का जल्द खुलासा किया जाएगा।
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सरधना थानाक्षेत्र के नया गांव निवासी शशिकांत उर्फ कलवा (45) पुत्र ओमदत्त शर्मा सोमवार को मंदिर के पुजारी के साथ जलभराव की शिकायत करने डीएम ऑफिस गए थे। लेकिन गांव में पुजारी ही वापस लौटा था। शशिकांत की पत्नी बबीता अपने मायके मैनापूठी गई हुई थी। मंगलवार सुबह छह बजे सरधना पुलिस ने बबीता को सूचना दी कि शशिकांत का शव सरधना-खिर्वा मार्ग स्थित पेट्रोल पंप के पास मिला है। बबीता बेटे विशाल को लेकर मौके पर पहुंची। शशिकांत के शरीर पर चोटों के निशान थे। एक गोली उसके पेट में लगी थी। पत्नी और बेटे का रो रोकर बुरा हाल हो गया।
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परिजन बोले, यह हत्या के बदले हत्या
पुलिस के मुताबिक एक साल पहले गांव में लाला नाम के युवक की हत्या हुई थी। जिसमें शशिकांत के दो भाई ऋषिकांत और सूरज नामजद हुए थे। जिसमें एक भाई जमानत पर है और दूसरा जेल में है। हत्या के चलते दोनों पक्षों और गांव में रंजिश चल रही है। वहीं, परिजनों का आरोप है कि हत्या के बदले में शशिकांत की गोली मारकर हत्या हुई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि लाला की हत्या में शशिकांत के भाइयों को सजा हो सकती है। शशिकांत के छोटे भाई विकास ने आरोप लगाया है कि रंजिश का बदला लेने के लिये शशिकांत की पंकज व अंकुर पुत्र कृपाल ने दो अज्ञात साथियों के साथ गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने पंकज व अंकुर के अलावा दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। एसपी देहात राजेश कुमार के अनुसार शशिकांत की हत्या में कई बातें सामने आ रही हैं। यह भी तथ्य है कि शशिकांत सोमवार रात कहां रहा। हत्या के पीछे गहरी साजिश मानी जा रही है। जांच के बाद खुलासा होगा।
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घर में कत्ल, परिजन रहे अनजान
जानी थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव लोहड्डा निवासी सुशील (38) किसान था। उसका इकलौता पुत्र गाजियाबाद में अपने मामा के घर रहकर पढ़ रहा है। गांव में एक ही आंगन में बने तीन मकानों में एक में सुशील पत्नी सुदेश के साथ रहता था। दूसरे मकान में उसका पिता सत्यवीर सिंह और तीसरे में चचेरा भाई कंवरपाल रहता है।
सुशील की पत्नी सुदेश के अनुसार सोमवार रात वह मकान की पहली मंजिल पर सोई हुई थी। नीचे बरामदे मेें चारपाई पर सुशील सोया था। मंगलवार सुबह जब वह नीचे आई तो चारपाई से कुछ दूर सुशील का खून से लथपथ शव पड़ा था। पूरे आंगन में खून बिखरा हुआ था। शव देखकर सुदेश की चीख निकल गई। चीख सुनकर अन्य परिजन और ग्रामीण वहां पहुंचे। पुलिस के अनुसार सुशील की हत्या धारदार हथियार से गला रेत कर की गई थी। वहीं, उसके पेट और हाथ पर भी गहरे घाव थे। पुलिस ने पूछताछ की तो परिजनों ने किसी से रंजिश से इंकार किया। चचेरे भाई राजपाल सिंह ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

हत्या का खुलासा चुनौती
सुशील की हत्या की वजह और आरोपियों का पता लगाना चुनौती बन गया है। पुलिस के अनुसार घटना के दौरान आरोपियों के साथ सुशील की हाथापाई भी हुई। पहले हमला चारपाई पर सोते सुशील पर किया गया। पुलिस इस बात से हैरान है कि हमलावरों से जान बचाने के लिये सुशील मौके से भागा। लेकिन उसकी किसी ने आवाज नहीं सुनी। पुलिस के अनुसार पूछताछ में परिजनों का कहना है कि घर के किसी सदस्य ने सुशील की चीख पुकार नहीं सुनी थी। ऐसे में मामला परिवार से भी जुड़ा हो सकता है। एसपी देहात का कहना है कि सुशील की हत्या में किसी करीबी का हाथ हो सकता है। हैरानी की बात है कि घर में हत्या हो गई और परिवार के लोगों ने उसकी चीख तक नहीं सुनी। सभी बिंदुओं पर जांच चल रही है।
खास बात
- एक किसान का जंगल में गोली लगा शव मिला, दो नामजद सहित चार पर केस
- दूसरे किसान का घर में सोते समय गला रेता, मामला परिवार से जुड़ा माना जा रहा
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