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मांग पूरी न होने पर मां से दूधमुंहा बेटा छीना
Updated Thu, 21 Dec 2017 02:14 AM IST
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मेरठ। कार और दो लाख की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों पर मां को दूधमुंहा बच्चे से अलग करने का आरोप लगा है। महिला ने परतापुर थाने पर पति सहित ससुराल वालों के खिलाफ तहरीर दी है।
पुलिस के अनुसार गढ़ी खटीकान सरधना निवासी सरिता ने आरोप लगाते हुए बताया कि उसकी शादी करीब तीन साल पहले परतापुर में हुई थी। शादी में परिजनों ने 8 लाख खर्च किए थे। ससुराल वाले इससे संतुष्ट नहीं थे। वे कार और दो लाख की मांग करके मारपीट करते थे। आरोप है कि गर्भपात कराने की कोशिश भी की। सितंबर 2016 में उसने बेटे को जन्म दिया। लेकिन दो दिन बाद ही उसकी मौत हो गई। उसके ससुराल वालों का उत्पीड़न जारी रहा। ससुराल आए उसके माता-पिता से भी मारपीट की गई। जिसकी रिपोर्ट भी उन्होंने दर्ज कराई। बाद में उसे भी मारपीट कर घर से निकाल दिया। लेकिन परिवार की इज्जत की खातिर वो वापस आ गई।
आरोप है कि 13 नवंबर को उसने एक पुत्र को जन्म दिया। बच्चा नर्सरी में रहा। वो भी अस्पताल में भर्ती रही। जब वो अस्पताल से ससुराल आई तो पति और ससुराल के लोगों ने कहा कि अस्पताल में बहुत रुपये खर्च हो गए। उसके कहने पर उसके परिजनों ने 40 हजार रुपये ससुराल में भेजे। लेकिन ससुराल वाले इससे खुश नहीं थे। आरोप है कि ससुराल वालों ने दो लाख और एक कार की मांग करते हुए उसे घर से निकाल दिया। उसे उसके दुधमुंहे बच्चे से भी नहीं मिलने दिया। कह दिया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी बच्चा वही रखेंगे। सरिता ने अपने दुधमुंहे बच्चे को दिलाने और ससुरालियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए परतापुर थाने में तहरीर दी है।
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खास बात:
ससुराल वालों पर दो लाख और कार मांगने का आरोप, परतापुर थाने में तहरीर दी
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पुलिस के अनुसार गढ़ी खटीकान सरधना निवासी सरिता ने आरोप लगाते हुए बताया कि उसकी शादी करीब तीन साल पहले परतापुर में हुई थी। शादी में परिजनों ने 8 लाख खर्च किए थे। ससुराल वाले इससे संतुष्ट नहीं थे। वे कार और दो लाख की मांग करके मारपीट करते थे। आरोप है कि गर्भपात कराने की कोशिश भी की। सितंबर 2016 में उसने बेटे को जन्म दिया। लेकिन दो दिन बाद ही उसकी मौत हो गई। उसके ससुराल वालों का उत्पीड़न जारी रहा। ससुराल आए उसके माता-पिता से भी मारपीट की गई। जिसकी रिपोर्ट भी उन्होंने दर्ज कराई। बाद में उसे भी मारपीट कर घर से निकाल दिया। लेकिन परिवार की इज्जत की खातिर वो वापस आ गई।
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आरोप है कि 13 नवंबर को उसने एक पुत्र को जन्म दिया। बच्चा नर्सरी में रहा। वो भी अस्पताल में भर्ती रही। जब वो अस्पताल से ससुराल आई तो पति और ससुराल के लोगों ने कहा कि अस्पताल में बहुत रुपये खर्च हो गए। उसके कहने पर उसके परिजनों ने 40 हजार रुपये ससुराल में भेजे। लेकिन ससुराल वाले इससे खुश नहीं थे। आरोप है कि ससुराल वालों ने दो लाख और एक कार की मांग करते हुए उसे घर से निकाल दिया। उसे उसके दुधमुंहे बच्चे से भी नहीं मिलने दिया। कह दिया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी बच्चा वही रखेंगे। सरिता ने अपने दुधमुंहे बच्चे को दिलाने और ससुरालियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए परतापुर थाने में तहरीर दी है।
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खास बात:
ससुराल वालों पर दो लाख और कार मांगने का आरोप, परतापुर थाने में तहरीर दी