{"_id":"59a9c5394f1c1b18278b4dd5","slug":"111504298297-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"148 खातों में हुआ साढ़े तीन अरब का लेनदेन, जांच शुरू","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
148 खातों में हुआ साढ़े तीन अरब का लेनदेन, जांच शुरू
Updated Sat, 02 Sep 2017 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ।
जिले में 148 बैंक खाते संदेह के घेरे में हैं। पिछले दस माह में इन सभी अकाउंट में करीब साढ़े तीन अरब का लेनदेन हुआ है। इनकी बैंक अधिकारियों ने लखनऊ मुख्यालय को ट्रांजेक्शन रिपोर्ट भेजी है। इसके बाद फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट ने साइबर सेल को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मेरठ में जिन अकाउंट को संबंधित बैंक ने ट्रांजेक्शन के आधार पर संदेह के घेरे में माना है उनमें अधिकतर खाते शहर की बैंक शाखाओं में खुले हुए हैं। एक नवंबर 2016 से 15 अगस्त 2017 तक इन खातों में करीब साढे़ तीन अरब रुपये का लेनदेन हुआ है। इनमें कुछ खाते पिछले दिनों बंद हो चुके हैं। साइबर सेल के प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि जब किसी बैंक खाते में नियमित रूप से अलग-अलग जगह अथवा प्रदेशों से धनराशि जमा होती है। इनसे अधिकतर धनराशि एटीएम के माध्यम से निकाली गई है। बैंक खाते में मोटी रकम जमा करने और फिर थोड़ी-थोड़ी कर निकालने की प्रकिया देख संबंधित बैंक सस्पीशियस ट्रांजेक्शन रिपोर्ट (एसटीआर) जारी कर देता है। यह रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय को जाती है। बैंक से जारी एसटीआर के आधार पर फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट काम करती है। इसके लखनऊ मुख्यालय ने 148 बैंक खातों को संदिग्ध पाया। जिसके बाद साइबर सेल को एक-एक खाते की जांच कर संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
व्यक्तिगत और फर्म द्वारा खोले गए हैं खाते
साइबर सेल प्रभारी का कहना है कि 148 खाते संदिग्ध हैं वे व्यक्तिगत और फर्म के नाम पर खोले गए हैं। एक-एक फर्म के नाम पर आठ से दस खाते खुले हुए हैं। इनमें खाताधारक मेरठ के हैं। हालांकि अधिकतर खातों में धन दूसरे राज्यों से आया है। इसे मेरठ के एटीएम से निकाला जा रहा है। ऐसे में साइबर सेल का मानना है कि खाते खोलने के लिए फर्जी आईडी का प्रयोग कर हो सकता है खाता धारक को भी धन दिया जा रहा हो।
विज्ञापन
तीन खातों में जमा हुए 9.2 करोड़ रुपये
लिसाड़ीगेट और कोतवाली क्षेत्र की बैंक शाखा के तीन खातों में ही 9.2 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। कई संस्था के नाम हैं। इनमें झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिमी बंगाल, मध्यप्रदेश से धन जमा किया जा रहा है। साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि कंकरखेड़ा की टीकाराम कालोनी निवासी धीरज के नाम पर एक फर्जी खाता खोला गया है। इसमें दो युवकों की गिरफ्तारी हुई है।
धोखाधड़ी का धंधा
साइबर सेल प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि आईसीआईसीआई बैंक के सबसे ज्यादा खाते हैं। इसमें बैंक की गलती नहीं है। बैंक ने तो सस्पीशियस ट्रांजेक्शन रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय को भेजी है। पड़ताल में सामने आ रहा है कि नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी, फाइनेंशियल फ्रॉड, लोन दिलाने के नाम पर और अन्य मामलों में भी धोखाधड़ी की गई है।
कोट
जिले में संदिग्ध बैंक एकाउंट की जांच साइबर सेल द्वारा की जा रही है। इसके बाद ही पता चल सकेगा कि कहां से फ्राड हुआ है। जांच के बाद ही रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।-शिवराम यादव, एसपी क्राइम
मुख्य बातें
पिछले दस माह में मेरठ में अलग-अलग बैंकों के 148 अकाउंट संदेह के घेरे में
फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट लखनऊ के आदेश पर साइबर सेल ने शुरू की जांच
साइबर सेल की टीम को जांच कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश
विज्ञापन
जिले में 148 बैंक खाते संदेह के घेरे में हैं। पिछले दस माह में इन सभी अकाउंट में करीब साढ़े तीन अरब का लेनदेन हुआ है। इनकी बैंक अधिकारियों ने लखनऊ मुख्यालय को ट्रांजेक्शन रिपोर्ट भेजी है। इसके बाद फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट ने साइबर सेल को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मेरठ में जिन अकाउंट को संबंधित बैंक ने ट्रांजेक्शन के आधार पर संदेह के घेरे में माना है उनमें अधिकतर खाते शहर की बैंक शाखाओं में खुले हुए हैं। एक नवंबर 2016 से 15 अगस्त 2017 तक इन खातों में करीब साढे़ तीन अरब रुपये का लेनदेन हुआ है। इनमें कुछ खाते पिछले दिनों बंद हो चुके हैं। साइबर सेल के प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि जब किसी बैंक खाते में नियमित रूप से अलग-अलग जगह अथवा प्रदेशों से धनराशि जमा होती है। इनसे अधिकतर धनराशि एटीएम के माध्यम से निकाली गई है। बैंक खाते में मोटी रकम जमा करने और फिर थोड़ी-थोड़ी कर निकालने की प्रकिया देख संबंधित बैंक सस्पीशियस ट्रांजेक्शन रिपोर्ट (एसटीआर) जारी कर देता है। यह रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय को जाती है। बैंक से जारी एसटीआर के आधार पर फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट काम करती है। इसके लखनऊ मुख्यालय ने 148 बैंक खातों को संदिग्ध पाया। जिसके बाद साइबर सेल को एक-एक खाते की जांच कर संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
व्यक्तिगत और फर्म द्वारा खोले गए हैं खाते
साइबर सेल प्रभारी का कहना है कि 148 खाते संदिग्ध हैं वे व्यक्तिगत और फर्म के नाम पर खोले गए हैं। एक-एक फर्म के नाम पर आठ से दस खाते खुले हुए हैं। इनमें खाताधारक मेरठ के हैं। हालांकि अधिकतर खातों में धन दूसरे राज्यों से आया है। इसे मेरठ के एटीएम से निकाला जा रहा है। ऐसे में साइबर सेल का मानना है कि खाते खोलने के लिए फर्जी आईडी का प्रयोग कर हो सकता है खाता धारक को भी धन दिया जा रहा हो।
विज्ञापन
तीन खातों में जमा हुए 9.2 करोड़ रुपये
लिसाड़ीगेट और कोतवाली क्षेत्र की बैंक शाखा के तीन खातों में ही 9.2 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। कई संस्था के नाम हैं। इनमें झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिमी बंगाल, मध्यप्रदेश से धन जमा किया जा रहा है। साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि कंकरखेड़ा की टीकाराम कालोनी निवासी धीरज के नाम पर एक फर्जी खाता खोला गया है। इसमें दो युवकों की गिरफ्तारी हुई है।
धोखाधड़ी का धंधा
साइबर सेल प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि आईसीआईसीआई बैंक के सबसे ज्यादा खाते हैं। इसमें बैंक की गलती नहीं है। बैंक ने तो सस्पीशियस ट्रांजेक्शन रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय को भेजी है। पड़ताल में सामने आ रहा है कि नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी, फाइनेंशियल फ्रॉड, लोन दिलाने के नाम पर और अन्य मामलों में भी धोखाधड़ी की गई है।
कोट
जिले में संदिग्ध बैंक एकाउंट की जांच साइबर सेल द्वारा की जा रही है। इसके बाद ही पता चल सकेगा कि कहां से फ्राड हुआ है। जांच के बाद ही रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।-शिवराम यादव, एसपी क्राइम
मुख्य बातें
पिछले दस माह में मेरठ में अलग-अलग बैंकों के 148 अकाउंट संदेह के घेरे में
फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट लखनऊ के आदेश पर साइबर सेल ने शुरू की जांच
साइबर सेल की टीम को जांच कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश