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फैजान हत्याकांड का खुलासा, करीबी निकला हत्यारोपी
Updated Sun, 27 Aug 2017 02:04 AM IST
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मेरठ/कंकरखेड़ा। फैजान हत्याकांड का शनिवार को खुलासा हो गया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार हत्यारोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने कुकर्म का विरोध करने पर मासूम की हत्या की थी। पुलिस को शक न हो इसलिए वह पीड़ित परिवार का हमदर्द बनकर साथ घूमता रहा था।
एसपी सिटी मानसिंह चौहान और सीओ दौराला विजय प्रकाश ने कंकरखेड़ा थाने में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि पावलीखास गांव निवासी जरीफ का पुत्र फैजान (12 वर्ष) विगत 20 अगस्त की दोपहर लापता हो गया था। जिसका खून से लथपथ शव 21 अगस्त की सुबह गांव में ही एक खंडहर से बरामद हुआ था। हत्या के आरोप में गांव के ही मोहम्मद अहमद उर्फ छुटकी पुत्र रफीक अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया। जिसने पूछताछ में बताया कि फैजान को वह बहला फुसलाकर अपने घर ले गया था। उसने फैजान को 100 रुपये देकर बीड़ी का बंडल और पतंग मंगवाई थी। पतंग उड़वाने के बहाने वह उसे पड़ोस में ही शाहनवाज के बंद मकान में बुरी नीयत से ले गया था।
कुकर्म का प्रयास, पीटकर मार डाला
एसपी सिटी के अनुसार हत्यारोपी ने बताया कि उसने फैजान के साथ कुकर्म का प्रयास किया था। फैजान उससे बचने के लिए वहां लगी सीढ़ी पर चढ़ गया था। अहमद ने सीढ़ी को खींच लिया था, जिससे फैजान फर्श पर गिरकर घायल हो गया था। फैजान ने शोर मचाने का प्रयास किया तो अहमद ने उसे पीट पीटकर मार डाला था। बाद में शव को कमरे में बंद कर ताला लगा दिया था। उसके बाद आधी रात को शव घर के पास ही एक खंडहरनुमा मकान में फेंक आया था।
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हंगामे में रहा था सबसे आगे
एसपी सिटी ने बताया कि फैजान का शव 21 अगस्त की सुबह बरामद होने के बाद हत्यारोपी अहमद ही हंगामा करने में आगे रहा था। कार्रवाई की मांग को लेकर वह पीड़ित परिवार के साथ घूमता रहा था। यही नहीं, आरोपी ने कई बार पीड़ित परिवार के साथ थाने पहुंचकर भी हंगामा और नारेबाजी की थी। इस खुलासे पर एसएसपी ने कंकरखेड़ा पुलिस को पांच हजार रुपये का इनाम दिया है।
ऐसे आया पकड़ में
एसपी सिटी के अनुसार जांच के दौरान आसपास के लोगों ने फैजान को घटना वाले दिन शाम करीब चार बजे अहमद के घर देखना बताया था। जिसके बाद से फैजान गायब था। पुलिस ने परचून दुकानदार डालचंद उर्फ मामा से पूछताछ की, जिसने फैजान द्वारा दुकान से सामान ले जाने की बात कही। यहीं से पुलिस को अहमद पर शक होना शुरू हुआ। शव मिलने के बाद अहमद ही विरोध प्रदर्शन और हंगामे में सबसे आगे रहा तो यह शक और बढ़ गया। अहमद के फैजान के परिवार का करीबी होने के चलते उसके खिलाफ सुबूत जुटाए गए। जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पहले तो अहमद ने भ्रमित करने का प्रयास किया। लेकिन सुबूतों के सामने वह टिक नहीं पाया और फैजान की हत्या करना कबूल कर लिया।
ग्रामीणों पर भी होगी कार्रवाई
एसपी सिटी ने बताया कि घटना के बाद गांव के कुछ लोगों ने मामले को सांप्रदायिक तूल देने का प्रयास कर हंगामा किया। वह आरोपी के दूसरे समुदाय से जुड़ा होने की बात कह रहे थे। हंगामे के दौरान की वीडियो देखकर ऐसे ग्रामीणों को चिह्नित कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
खास बात:
- पुलिस के अनुसार कुकर्म का विरोध करने पर पीटकर मार डाला था मासूम
- हत्या के बाद हंगामा प्रदर्शन में रहा आगे, पीड़ित परिवार का हमदर्द बना रहा
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एसपी सिटी मानसिंह चौहान और सीओ दौराला विजय प्रकाश ने कंकरखेड़ा थाने में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि पावलीखास गांव निवासी जरीफ का पुत्र फैजान (12 वर्ष) विगत 20 अगस्त की दोपहर लापता हो गया था। जिसका खून से लथपथ शव 21 अगस्त की सुबह गांव में ही एक खंडहर से बरामद हुआ था। हत्या के आरोप में गांव के ही मोहम्मद अहमद उर्फ छुटकी पुत्र रफीक अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया। जिसने पूछताछ में बताया कि फैजान को वह बहला फुसलाकर अपने घर ले गया था। उसने फैजान को 100 रुपये देकर बीड़ी का बंडल और पतंग मंगवाई थी। पतंग उड़वाने के बहाने वह उसे पड़ोस में ही शाहनवाज के बंद मकान में बुरी नीयत से ले गया था।
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कुकर्म का प्रयास, पीटकर मार डाला
एसपी सिटी के अनुसार हत्यारोपी ने बताया कि उसने फैजान के साथ कुकर्म का प्रयास किया था। फैजान उससे बचने के लिए वहां लगी सीढ़ी पर चढ़ गया था। अहमद ने सीढ़ी को खींच लिया था, जिससे फैजान फर्श पर गिरकर घायल हो गया था। फैजान ने शोर मचाने का प्रयास किया तो अहमद ने उसे पीट पीटकर मार डाला था। बाद में शव को कमरे में बंद कर ताला लगा दिया था। उसके बाद आधी रात को शव घर के पास ही एक खंडहरनुमा मकान में फेंक आया था।
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हंगामे में रहा था सबसे आगे
एसपी सिटी ने बताया कि फैजान का शव 21 अगस्त की सुबह बरामद होने के बाद हत्यारोपी अहमद ही हंगामा करने में आगे रहा था। कार्रवाई की मांग को लेकर वह पीड़ित परिवार के साथ घूमता रहा था। यही नहीं, आरोपी ने कई बार पीड़ित परिवार के साथ थाने पहुंचकर भी हंगामा और नारेबाजी की थी। इस खुलासे पर एसएसपी ने कंकरखेड़ा पुलिस को पांच हजार रुपये का इनाम दिया है।
ऐसे आया पकड़ में
एसपी सिटी के अनुसार जांच के दौरान आसपास के लोगों ने फैजान को घटना वाले दिन शाम करीब चार बजे अहमद के घर देखना बताया था। जिसके बाद से फैजान गायब था। पुलिस ने परचून दुकानदार डालचंद उर्फ मामा से पूछताछ की, जिसने फैजान द्वारा दुकान से सामान ले जाने की बात कही। यहीं से पुलिस को अहमद पर शक होना शुरू हुआ। शव मिलने के बाद अहमद ही विरोध प्रदर्शन और हंगामे में सबसे आगे रहा तो यह शक और बढ़ गया। अहमद के फैजान के परिवार का करीबी होने के चलते उसके खिलाफ सुबूत जुटाए गए। जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पहले तो अहमद ने भ्रमित करने का प्रयास किया। लेकिन सुबूतों के सामने वह टिक नहीं पाया और फैजान की हत्या करना कबूल कर लिया।
ग्रामीणों पर भी होगी कार्रवाई
एसपी सिटी ने बताया कि घटना के बाद गांव के कुछ लोगों ने मामले को सांप्रदायिक तूल देने का प्रयास कर हंगामा किया। वह आरोपी के दूसरे समुदाय से जुड़ा होने की बात कह रहे थे। हंगामे के दौरान की वीडियो देखकर ऐसे ग्रामीणों को चिह्नित कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
खास बात:
- पुलिस के अनुसार कुकर्म का विरोध करने पर पीटकर मार डाला था मासूम
- हत्या के बाद हंगामा प्रदर्शन में रहा आगे, पीड़ित परिवार का हमदर्द बना रहा