मेरठ में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा, कंटेनमेंट जोन बढ़ाए जाएंगे
शिक्षण संस्थानों पर रहेगी खास नजर, छह जिलों के सीएमओ के साथ हुई बैठक।
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मंडल में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। रविवार को अपर निदेशक स्वास्थ्य रेनू गुप्ता ने मंडल के सभी छह जिलों के सीएमओ के साथ बैठक की। मंथन किया गया कि कैसे कोरोना संक्रमण रोका जा सकता है। तय किया गया कि जिन स्थानों पर कोरोना के अधिक मरीज मिलेंगे, वहां कंटेनमेंट जोन बनाए जाएंगे। फिलहाल जिस मकान में मरीज मिलेगा, उसके आसपास के घरों की निगरानी की जाएगी।
इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों पर खास नजर रहेगी कि वे कोविड नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। संचालकों को भी निर्देशित किया जाएगा कि मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग सहित अन्य नियमों का सख्ती से पालन कराएं।
मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मानना है कि कोरोना की रफ्तार और तेज होगी, इसमें एहतियात बरतने की जरूरत है। बैठक में मेरठ के अधिकारियों के अलावा गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बुलंदशहर और बागपत के सीएमओ मौजूद रहे।
अपर मुख्य सचिव के निर्देश, आरटीपीसीआर जांच पर दें ज्यादा जोर...
अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने रविवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग की। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आरटीपीसीआर जांच पर ज्यादा जोर दें। लक्षणों वाले व्यक्तियों की अगर एंटीजन जांच नेगेटिव भी आती है तो उनका सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए जरूर लें। सीएमओ ने बताया कि माना जा रहा है कि कोरोना की रफ्तार तेज रहेगी, लेकिन यह ज्यादा घातक नहीं होगा, लेकिन एहतियात जरूरी है।