कैंसर पीड़ित कोरोना पॉजिटिव की दिल्ली के अस्पताल में मौत, सवालों के घेरे में संक्रमण की पुष्टि करने वाली निजी लैब
- बागपत में ढिकौली गांव के कैंसर पीड़ित कोरोना पॉजिटिव की मौत
- दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में हुई मौत, गांव में गम का माहौल
- मेरठ की मॉडर्न लैब में कराया था टेस्ट, सीएमओ ने की मौत की पुष्टि
विस्तार
कैंसर पीड़ित कोरोना पॉजिटिव की दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। सवालों के घेरे में आई मेरठ की निजी लैब ने कैंसर पीड़ित को कोरोना की पुष्टि की थी। जीटीबी प्रबंधन ने परिजनों को शव नहीं दिया। परिवार के दो लोगों की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। सीएमओ डॉ. आरके टंडन का कहना है कि मृतक का जिले में सैंपल नहीं लिया गया था।
बागपत जनपद के ढिकौली गांव निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति गले के कैंसर से पीड़ित था। हालत गंभीर होने पर मेरठ के नर्सिंग होम पहुंचा, जहां से उसकी कोविड-19 की जांच मेरठ की निजी लैब में कराई गई। रिपोर्ट आने से पहले ही मरीज को जीटीबी दिल्ली रेफर कर दिया गया था। इसके बाद 22 मई को रिपोर्ट आई तो उसे कोरोना पॉजिटिव बताया गया। तब से उसका दिल्ली में ही उपचार चल रहा था। मंगलवार को उपचार के दौरान मौत हो गई।
इसके बाद परिजन शव लेने पहुंचे तो अस्पताल प्रबंधन ने फिलहाल शव देने से इंकार कर दिया। परिवार के दो लोगों की रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। सीएमओ डॉ. आरके टंडन ने कैंसर पीड़ित की मौत की पुष्टि की है। उनका कहना है कि एक जांच मेरठ में हुई थी, जिसके बाद जीटीबी में भर्ती किया गया था। उन्हें यह जानकारी नहीं है कि जीटीबी में कोविड जांच के लिए सैंपल लिया गया था या नहीं। इस वजह से जीटीबी प्रशासन ही इस पर कोई अंतिम फैसला कर सकता है।
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ढिकौली गांव में गम, उलझ गया मामला
मेरठ की जिस निजी लैब की जांच रिपोर्ट पर सवाल उठ रहे हैं, कैंसर पीड़ित का सैंपल भी वहीं लिया गया था। इसी लैब ने कैंसर पीड़ित को कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि की थी। ग्रामीणों का कहना है कि लैब की जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है।
निजी लैब से जिले की यह अकेली जांच थी। सीएमओ डॉ. आरके टंडन का कहना है कि जितने भी कोरोना के पॉजिटिव जिले में आए हैं, उनमें निजी लैब की सिर्फ यही जांच थी।
गले का कैंसर, सदमे से तो नहीं हुई मौत
मृतक को गले का कैंसर था, जिसका ऑपरेशन भी 22 मई को हुआ था। ग्रामीणों को आशंका है कि कैंसर पीड़ित को कोरोना के विषय में जानकारी मिलने पर कहीं सदमे से तो उसकी मौत नहीं हो गई।
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