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दरोगा राकेश राठौर को अस्पताल से मिली छुट्टी

Mon, 24 Aug 2020 01:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2020 01:03 AM IST
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corona effected sub inspector rakesh rathore discharge from hospital
मेरठ। सुभारती अस्पताल में भर्ती नौचंदी थाने के दरोगा राकेश राठौर को रविवार को छुट्टी मिल गई है।
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सुभारती अस्पताल के चिकित्सा उपाधीक्षक डॉ. कृष्णामूर्ति ने बताया कि दरोगा राकेश राठौर शुरुआत में बिल्कुल स्वस्थ रहे। करीब एक सप्ताह बाद उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें फेफड़ों में संक्रमण होने की वजह से सांस लेने में कठिनाई होने लगी। जिसके चलते वेंटिलेटर पर जाने की नौबत आ गई। अत्याधुनिक मशीनों द्वारा 24 घंटे निगरानी में उनका इलाज किया गया। उन्हें प्लाज्मा थेरेपी दी गई, साथ ही न्यूक्लियर मेडिसन द्वारा उपचार किया गया। वह कोरोना को हराकर घर लौट गए हैं। छुट्टी के दौरान दरोगा राकेश राठौर को समस्त चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सीओ सिविल लाइन संजीव देशवाल, डॉ. ईमा चौधरी, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. सुमित झा, डॉ. सुनील मल्होत्रा, डॉ. शाजिया, नर्सिंग अधीक्षक संजू, नौचंदी थाना के एसएचओ आशुतोष कुमार, कांस्टेबल प्रीति यादव, उपेंद्र सिरोही, राजेश कुमार अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
प्लाज्मा देने वाली प्रीति मेरी बेटी
मेरठ। कोरोना से जंग लड़कर लौटे नौचंदी थाने के दरोगा राकेश राठौर ने प्लाज्मा देने वाली महिला कांस्टेबल प्रीति यादव का आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रीति ने बेटी की तरह फर्ज निभाया। इसलिए वह आज से उनकी बेटी हैं।
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दरोगा राकेश राठौर ने कहा कि उनके बेटी नहीं है। इसलिए अब प्रीति उनकी बेटी हैं। यह सुनकर प्रीति यादव भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उनके भी भाई नहीं है। वह जब कॉविड वार्ड में भर्ती थीं तो पुलिस अफसर और सहकर्मी कॉल करके उनका हाल पूछते रहते थे। उन्होंने परिजनों की गैर मौजूदगी बिल्कुल महसूस नहीं होने दी। महिला कांस्टेबल प्रीति यादव मूल रूप से एटा के शांतिनगर की निवासी हैं। उनके पिता आर्मी से सेवानिवृत्त हैं। प्रीति यादव सभ्य एवं सुलझी हुई महिला आरक्षी के रूप में जानी जाती हैं। पिछले दिनों वह स्वयं कोरोना की चपेट में आने से 14 दिन तक कोविड अस्पताल में भर्ती रही थीं। एसएसपी अजय साहनी ने कहा कि उन्हें कोरोना योद्धा पुलिसकर्मियों पर गर्व है।
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