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UP: स्वर्ण पदक पाने के लिए छात्राएं उत्साहित, जज तो कोई बनना चाहती हैं प्रोफेसर, टॉपर्स ने बयां की मन की बात

Tue, 13 Dec 2022 11:05 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 13 Dec 2022 11:05 PM IST
सार

दीक्षांत समारोह : स्वर्ण पदक पाने के लिए छात्राएं काफी उत्साहित हैं। सभी टॉपर्स ने अपने मन की बात बयां की है। कोई जज तो कोई प्रोफेसर बनना चाहती हैं।

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convocation: Girls are excited to get a gold medal, students want to become judge and professor
टॉपर्स। - फोटो : amar ujala

विस्तार

दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक पाने वाले छात्र-छात्राओं की खुशी का ठिकाना नहीं है। सभी का यही कहना है कि स्वर्ण पदक पाने का सपना पूरा होगा। सीसीएसयू में 15 दिसंबर को होने वाले दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक पाने के लिए सारे टॉपर्स बेहद उत्साहित हैं।

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कैंपस में मंगलवार को सभी टॉपर्स को बुलाकर उनके फार्म सत्यापित किए गए। परिजनों को साथ लाने के लिए भी फार्म सत्यापित किया जाना जरूरी है। टॉपर्स को उनके बैठने का क्रम, किस तरह से मेडल लेने जाना है, आदि के बारे में रिहर्सल कराया गया। बुधवार को भी टॉपर्स को रिहर्सल के लिए बुलाया गया है। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला और रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा ने निरीक्षण किया। एनसीसी कैडेट ने भी रिहर्सल किया। 
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जज बनना चाहती हैं सुरुचि 
गाजियाबाद मोदीनगर के देवनगर की रहने वाली सुरुचि ने एलएलएम मेरठ कॉलेज से 69.56 अंकों के साथ टॉप किया है। सुरुचि ने एलएलबी मेरठ कॉलेज से 62 फीसदी अंकों से उत्तीर्ण की। सुरुचि को कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल कुलाधिपति स्वर्ण पदक से सम्मानित करेंगी। सुरुचि अब जज बनना चाहती हैं, इसके लिए वह तैयारी में जुटी हैं। उनके पिता मनोज कुमार भारतीय नौ सेना से रिटायर हैं और माता सुमन गृहिणी हैं। सुरुचि की हाल ही में रोहटा रोड शालीमार गार्डन निवासी विक्रांत सहारन से शादी हुई। सुरुचि ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, पति और मेरठ कॉलेज के शिक्षकों को दिया है। सुरुचि कहती हैं कि पति ने उनको आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। वह बताती हैं कि मैंने हमेशा मेहनत से पढ़ाई की लेकिन कुलाधिपति स्वर्ण पदक मिलेगा, यह नहीं सोचा था।

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प्रोफेसर बनकर कला के क्षेत्र में करना चाहती हूं खास : आरजू 
हापुड़ बाबूगढ़ छावनी के कनिया कल्याणपुर गांव निवासी आरजू गिल ने एमएफए ड्राइंग एंड पेंटिंग में सीसीएसयू कैंपस से 88.50 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। आरजू को कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक से सम्मानित करेंगी। आरजू ने बीए 60 फीसदी अंकों के साथ आर्य कन्या पीजी कॉलेज हापुड़ से किया। 12वीं और 10वीं प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण किया। आरजू अब ड्राइंग एंड पेंटिंग में पीएचडी करना चाहती हैं। आरजू डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर बनना चाहती हैं। आरजू के पिता नरेश गिल किसान हैं, माता पुष्पा देवी गृहिणी हैं। छोटा भाई अर्जुन गिल है। 

आरजू का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि राज्यपाल के हाथों मेडल मिलेगा। वह चाहती हैं कि प्रोफेसर बनकर कला के क्षेत्र में कुछ अलग करें। आरजू अक्सर यूट्यूब के जरिए देश और दुनिया के कलाकारों को देखकर खुद को अपडेट रखती हैं। आरजू पशु प्रेमी हैं, वह कहती हैं कि भविष्य में जानवरों को रहने के लिए एक सेल्टर हाउस खोलना चाहती हैं। 

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कृषि अधिकारी बनकर करूंगा किसानों की मदद : ब्रिजेश 
बुलंदशहर के प्रेमपुर गांव निवासी ब्रिजेश कुमार ने बीएससी कृषि अमर सिंह पीजी कॉलेज लखावटी से 81.61 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। ब्रिजेश अब सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय से एमएससी कृषि की पढ़ाई कर रहे हैं। वह पीसीएस के जरिए कृषि अधिकारी बनकर किसानों की मदद करना चाहते हैं। वह बताते हैं कि गांव से होने के कारण उनको किसानों की समस्या के बारे में जानकारी है। किसानों को लोन आदि में बड़ी समस्याएं आती हैं। ऐसे में वह कृषि अधिकारी बनकर उन समस्याओं को हल करना चाहते हैं। ब्रिजेश ने 10वीं 85 फीसदी और 12वीं 82 फीसदी अंकों से उत्तीर्ण की। उनके पिता ललित कुमार पीएचसी में स्वास्थ्य कर्मचारी हैं, माता शकुंतला देवी गृहिणी हैं। वह अपने चाचा एलआईसी विकास अधिकारी धीरेंद्र कुमार को आदर्श मनाते हैं। सफलता का श्रेय बॉटनी के प्रोफेसर वीके प्रसाद को देते हैं। ब्रिजेश बताते हैं कि उनको चौधरी चरण सिंह स्मृति स्वर्ण पदक मिलने की बहुत खुशी है, यह नहीं सोचा था कि टॉपर बनेंगे। 

भारतीय वन सेवा में जाना चाहती हैं तनु 
सहारनपुर के नकुड़ जैनपुर गांव निवासी तनु चौधरी ने बीएससी कृषि गोचर महाविद्यालय रामपुर मनिहारन कॉलेज से 80.60 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। उन्होंने 12वीं सरस्वती विद्या मंदिर अंबेठा पीर स्कूल से 81 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण किया। तनु को कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल चौधरी चरण सिंह स्मृति प्रतिभा पुरस्कार द्वितीय से सम्मानित करेंगी। 

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तनु अब गोचर महाविद्यालय से बीएड कर रही हैं। तनु सिविल सर्विसेज के जरिए भारतीय वन सेवा में अधिकारी बनना चाहती हैं। इसके लिए वह अब बीएड के साथ सिविल सर्विसेज की भी तैयारी करेंगी। तनु के पिता ब्रजवीर सिंह किसान हैं, माता रीना देवी गृहिणी हैं। छोटा भाई प्रिंस है। तनु बताती हैं कि सोचा नहीं था कि इतने बड़े विश्वविद्यालय में वह टॉप करेंगी। परिवार में सभी लोग बेहद खुश हैं कि कुलाधिपति तनु को मेडल देंगी। तनु अपनी सफलता का श्रेय कॉलेज के शिक्षकों को देती हैं। तनु सोशल मीडिया में ज्यादा सक्रिय नहीं रहती हैं।

75 फीसदी स्वर्ण पदक पर बेटियों का कब्जा
उच्च शिक्षा में बेटियां लगातार नाम रोशन कर रही हैं। सीसीएसयू में 15 दिसंबर को होने वाले दीक्षांत में 75 फीसदी स्वर्ण पदक पर बेटियों ने कब्जा जमाया है। इतना ही नहीं डिग्री पाने में भी बेटियां आगे हैं। यूजी-पीजी में 1,31,193 डिग्री में से 66.82 फीसदी बेटियां के नाम हैं। 

पिछले एक दशक से सीसीएसयू में स्वर्ण और डिग्री पाने में लड़कियों ने लड़कों को पछाड़ दिया है। सीसीएसयू के 34वें दीक्षांत समारोह में यूजी-पीजी कोर्सों में इस बार 1,31,193 छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए हैं। इनमें लड़कों की संख्या 43,534 (33.18 फीसदी) है, लड़कियों की संख्या 87659 (66.82 फीसदी) है। कुलाधिपति स्वर्ण पदक और पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक भी बेटियों के नाम हैं। चौधरी चरण सिंह स्मृति प्रतिभा पुरस्कार एक लड़के और एक लड़की के नाम जा रहा है।

इस बार 59 प्रायोजित स्वर्ण पदक दिए जएंगे, इनमें लड़कियों की संख्या 47 (79.66 फीसदी) और लड़कों की संख्या 12 (20.34 फीसदी) है। कुलपति स्वर्ण पदक 165 छात्र-छात्राओं को मिलेंगे। इनमें लड़कों की संख्या 45 (27.27 फीसदी) और लड़कियों की संख्या 120 (72.73 फीसदी) है। वर्ष 2022 के लिए कुल 228 मेडल दिए जाएंगे, इनमें लड़कों की संख्या 58 (25.43 फीसदी) और लड़कियों की संख्या 170 (74.56 फीसदी) है। वर्ष 2021 में भी 74 फीसदी मेडल लड़कियों के नाम थे, डिग्री पाने में भी इनकी संख्या 63 फीसदी थी। 2019 में 65 फीसदी मेडल पर लड़कियों का कब्जा था, डिग्री पाने वाली लड़कियों की संख्या भी 59 फीसदी थी। 
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