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आवास विकास जागा तो तेजगढ़ी चौराहे पर इमारत में रोका गया अवैध हिस्से का निर्माण
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आवास विकास जागा तो तेजगढ़ी चौराहे पर इमारत में रोका गया अवैध हिस्से का निर्माण
मेरठ। शास्त्रीनगर सहित अन्य पॉश इलाकों में बहुमंजिला इमारतें खड़ी होती जा रही हैं। लेकिन इनकी मॉनिटरिंग के लिए आवास-विकास बेपरवाह है। हाल ही में तेजगढ़ी चौराहे पर खड़ी हो रही इमारत के लिए भी आवास-विकास हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। मामला संज्ञान में आने के दो दिन बाद अधिकारियों ने मौके पर जांच की। इमारत को अवैध रूप से बनाया जा रहा था। अधीक्षण अभियंता ने निर्माण कार्य बंद करने के निर्देश दिए। वहीं, उन्होंने शमन शुल्क जमा न होने तक कार्य शुरू न करने के आदेश भी दिए हैं।
एक तरफ सरकार ने अवैैध निर्माणकर्ताओं को राहत देते हुए शमन योजना का लाभ दिया है। इसके बाद भी अधिकारी मिलीभगत कर अवैध निर्माण रोकने में नाकाम हैं। आवास विकास कार्यालय से महज एक किमी की दूरी पर कई इमारतें खड़ी हो रही हैं। लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। ऐसे में आवास विकास के निर्माण खंड के अधिकारियों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कई बार उप आवास आयुक्त शेरी से भी अवैध निर्माण रोकने के लिए सवाल किए गए हैं, लेकिन कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। अभी ओर भी ऐसे कई निर्माण शास्त्रीनगर, माधवपुरम, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यायल रोड, जाग्रति विहार में बनकर तैयार हो गए हैं।
चर्चा है अस्पताल के निर्माण की
तेजगढ़ी चौराहे पर हो रहे निर्माण को आसपास के लोग अस्पताल बनाया जाना बता रहे हैं। निर्माणकर्ता डॉ. एनपी सिंह और आवास विकास के अधिकारी इसे आवास ही बता रहे हैं। उनका कहना है कि इसे जी प्लस थ्री बनाया जा रहा है। इमारत को देखकर यह लगता है कि इसमें अस्पताल और घर दोनों बनाए जा रहे हैं। ऐसे में इस बारे में भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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आवास एवं विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार पचौरी का कहना है कि आवास तैयार किया जा रहा है। टीम के साथ मौके पर जाकर देखा तो कुछ हिस्सा अवैध रूप से बनाया जा रहा है। निर्माण रोकने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध निर्माण हिस्से को शमन योजना में लाया जाएगा।
निर्माणकर्ता डॉ. एनपी सिंह का कहना है कि मैं अपना आवास तैयार कर रहा हूं। फिलहाल आवास का निर्माण कार्य रोक दिया है। आवास एवं विकास परिषद को आगे की कार्रवाई करनी है। इसके बाद ही निर्माण शुुरू कराया जाएगा।
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मेरठ। शास्त्रीनगर सहित अन्य पॉश इलाकों में बहुमंजिला इमारतें खड़ी होती जा रही हैं। लेकिन इनकी मॉनिटरिंग के लिए आवास-विकास बेपरवाह है। हाल ही में तेजगढ़ी चौराहे पर खड़ी हो रही इमारत के लिए भी आवास-विकास हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। मामला संज्ञान में आने के दो दिन बाद अधिकारियों ने मौके पर जांच की। इमारत को अवैध रूप से बनाया जा रहा था। अधीक्षण अभियंता ने निर्माण कार्य बंद करने के निर्देश दिए। वहीं, उन्होंने शमन शुल्क जमा न होने तक कार्य शुरू न करने के आदेश भी दिए हैं।
एक तरफ सरकार ने अवैैध निर्माणकर्ताओं को राहत देते हुए शमन योजना का लाभ दिया है। इसके बाद भी अधिकारी मिलीभगत कर अवैध निर्माण रोकने में नाकाम हैं। आवास विकास कार्यालय से महज एक किमी की दूरी पर कई इमारतें खड़ी हो रही हैं। लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। ऐसे में आवास विकास के निर्माण खंड के अधिकारियों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कई बार उप आवास आयुक्त शेरी से भी अवैध निर्माण रोकने के लिए सवाल किए गए हैं, लेकिन कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। अभी ओर भी ऐसे कई निर्माण शास्त्रीनगर, माधवपुरम, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यायल रोड, जाग्रति विहार में बनकर तैयार हो गए हैं।
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चर्चा है अस्पताल के निर्माण की
तेजगढ़ी चौराहे पर हो रहे निर्माण को आसपास के लोग अस्पताल बनाया जाना बता रहे हैं। निर्माणकर्ता डॉ. एनपी सिंह और आवास विकास के अधिकारी इसे आवास ही बता रहे हैं। उनका कहना है कि इसे जी प्लस थ्री बनाया जा रहा है। इमारत को देखकर यह लगता है कि इसमें अस्पताल और घर दोनों बनाए जा रहे हैं। ऐसे में इस बारे में भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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आवास एवं विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार पचौरी का कहना है कि आवास तैयार किया जा रहा है। टीम के साथ मौके पर जाकर देखा तो कुछ हिस्सा अवैध रूप से बनाया जा रहा है। निर्माण रोकने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध निर्माण हिस्से को शमन योजना में लाया जाएगा।
निर्माणकर्ता डॉ. एनपी सिंह का कहना है कि मैं अपना आवास तैयार कर रहा हूं। फिलहाल आवास का निर्माण कार्य रोक दिया है। आवास एवं विकास परिषद को आगे की कार्रवाई करनी है। इसके बाद ही निर्माण शुुरू कराया जाएगा।