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चरसी चाय...पांच घंटे की दुकान से बन रही पहचान

Sat, 13 Nov 2021 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Nov 2021 12:21 AM IST
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Charsi tea... the identity of a five-hour shop
बिजनौर-किरतपुर रोड पर चाय बेचते एमबीए आशु और बीबीए जुनैद। - फोटो : BIJNOR
चरसी चाय...पांच घंटे की दुकान से बन रही पहचान
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रजनीश त्यागी
बिजनौर। मन में चाह हो तो रोजगार खुद ब खुद चल जाता है। बिजनौर के एमबीए और बीबीए पास दो दोस्तों ने नगर पालिका से अनुमति लेकर सड़क किनारे ‘चरसी चाय’ के नाम से टपरी खोल दी। दोनों दिनभर नौकरी करने के बाद करीब पांच घंटे चाय बनाकर बेचते हैं।
ऐसा भी नहीं कि दोनों बेरोजगार है। ज्ञान विहार निवासी एमबीए पास आशु चौधरी बिजनौर में ही एक मोबाइल कंपनी में टीम लीडर है। नई बस्ती निवासी बीबीए पास जुनैद सहल एक जीएसटी वकील के पास नौकरी करते हैं। दोनों ने नौकरी करने के साथ ही अपना कुछ नया काम करने की सोची और किरतपुर रोड पर एक कपड़े के शोरूम के पास शाम को पार्टटाइम चाय की टपरी शुरू कर दी। कपड़े के शोरूम पर आने वाले और यहां से गुजरने वाले लोग इनके हाथ की चाय पीने जा रहे हैं। आशु और जुनैद की माने तो शाम सात बजे से रात 12 बजे तक 200 से 250 लोग चाय पीने पहुंचते हैं। जुनैद चाय बनाता है और आशु उसे देने व पैसों का हिसाब किताब रखता है। संवाद
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यूट्यूब से आया तंदूरी चाय का विचार
आशु और जुनैद को चाय बनानी नहीं आती थी। इन्होंने यूट्यूब पर तंदूरी चाय बिकती देखी और उसी से चाय बनाना सीखा। दो से तीन घंटे में ही पूरे तंदूर के कुल्हड़ खत्म हो जाते हैं।
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ऐसे आया नाम का विचार
चरसी नाम रखे जाने के बारे में इनका कहना है कि चरसी का मतलब चरस का लती होता है। इन्होंने यह नाम रखा, जिससे लोग इनके चाय पीने के लिए खिंचे चले आए।
नाम चरसी, खुशबू गुलाब की
इसमें लोंग, इलायची, काली मिर्च, दालचीनी और खड़े साबुत मसालों के साथ गुलाब की सूखी पंखुड़ी का भी इस्तेमाल करते हैं। इन्हें ग्राहकों के सामने ही डालते हैं, इससे भरोसा बन रहा है।
तानों से नहीं हुए विचलित : आशु
दिनभर मैं नौकरी करता हूं। हमने चाय का काम शुरू किया तो लोगों ने ताने मारे, हम पर कोई फर्क नहीं पड़ा। अपना काम है और अच्छी आमदनी भी हो रही है। आशु चौधरी

अपनों ने ही किया विरोध: जुनैद
मेरे कुछ खास लोगों को पता चला कि मैं अपने दोस्त के साथ चाय बनाकर बेच रहा हूं तो उन्होंने इसका विरोध किया। हमने उन्हें मना लिया। अब अच्छा परिणाम आ रहा हैं। जुनैद
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