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राष्ट्रीय आपदाओं के निरस्तीकरण के लिए 10 लाख स्थानों पर गायत्री महामंत्र का जाप आज
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राष्ट्रीय आपदाओं के निरस्तीकरण के लिए 10 लाख स्थानों पर गायत्री महामंत्र का जाप आज
मेरठ। आज 10 लाख स्थानों पर आध्यात्मिक प्रयोग होगा। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय आपदाओं के निरस्तीकरण के लिए गायत्री महामंत्र का जाप अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा कराया जा रहा है। 31 मई रविवार को संपूर्ण विश्व ने एक साथ 10 लाख स्थानों पर एक साथ प्रात: 8 से 10 बजे के मध्य मंत्र उच्चारण करने का आह्वान किया गया है। जिला गायत्री ट्रस्ट मेरठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी जेके अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान समय में आसन्न वैश्विक एवं राष्ट्रीय आपदाओं के निरस्तीकरण के लिए यह आध्यात्मिक प्रयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर यज्ञ की स्थिति हो तो दीपक के सामने बैठकर गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। उधर, गायत्री शक्तिपीठ कल्याण नगर में विगत वर्ष भी 2 जून को 2.5 लाख घरों में यह प्रयोग किया गया था। मेरठ जनपद के केंद्र गायत्री शक्तिपीठ कल्याण नगर के मार्गदर्शन में 2000 से अधिक परिवारों में गायत्री यज्ञ संपन्न होंगे। गायत्री परिवार द्वारा सभी नागरिकों से निवेदन किया गया है कि वह भी इस आयोजन में भागीदारी करें। अपने-अपने घरों पर यज्ञ में गायत्री महामंत्र एवं महामृत्युंजय महामंत्र की आहुतियां समर्पित करें।
इस तरह करें हवन
हवनकुंड के रूप में गहरे मिट्टी अथवा धातु के पात्र, हवन सामग्री के अभाव में तिल, जौ, चावल, बूरा, गुड़, कपूर, लोबान, गूगल, देसी घी, घर में उपलब्ध औषधि, सूखे मेवा एवं समिधा के रूप में आम की लकड़ी अथवा गोबर के कंडे का उपयोग कर सकते हैं।
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मेरठ। आज 10 लाख स्थानों पर आध्यात्मिक प्रयोग होगा। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय आपदाओं के निरस्तीकरण के लिए गायत्री महामंत्र का जाप अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा कराया जा रहा है। 31 मई रविवार को संपूर्ण विश्व ने एक साथ 10 लाख स्थानों पर एक साथ प्रात: 8 से 10 बजे के मध्य मंत्र उच्चारण करने का आह्वान किया गया है। जिला गायत्री ट्रस्ट मेरठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी जेके अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान समय में आसन्न वैश्विक एवं राष्ट्रीय आपदाओं के निरस्तीकरण के लिए यह आध्यात्मिक प्रयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर यज्ञ की स्थिति हो तो दीपक के सामने बैठकर गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। उधर, गायत्री शक्तिपीठ कल्याण नगर में विगत वर्ष भी 2 जून को 2.5 लाख घरों में यह प्रयोग किया गया था। मेरठ जनपद के केंद्र गायत्री शक्तिपीठ कल्याण नगर के मार्गदर्शन में 2000 से अधिक परिवारों में गायत्री यज्ञ संपन्न होंगे। गायत्री परिवार द्वारा सभी नागरिकों से निवेदन किया गया है कि वह भी इस आयोजन में भागीदारी करें। अपने-अपने घरों पर यज्ञ में गायत्री महामंत्र एवं महामृत्युंजय महामंत्र की आहुतियां समर्पित करें।
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इस तरह करें हवन
हवनकुंड के रूप में गहरे मिट्टी अथवा धातु के पात्र, हवन सामग्री के अभाव में तिल, जौ, चावल, बूरा, गुड़, कपूर, लोबान, गूगल, देसी घी, घर में उपलब्ध औषधि, सूखे मेवा एवं समिधा के रूप में आम की लकड़ी अथवा गोबर के कंडे का उपयोग कर सकते हैं।
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