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Meerut News: पुलिस ने सेक्टर दो से हटाया टेंट तो घर के बाहर कुर्सियां डालकर बैठ गईं महिलाएं

Mon, 18 May 2026 02:14 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 18 May 2026 02:14 AM IST
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Central market : Police remove tent at protest place
उत्पीड़न का आरोप लगा रो पड़ीं धरना दे रहीं महिलाएं, कहा- भाजपा को वोट देना सबसे बड़ी भूल
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सेंट्रल मार्केट मामला : सेट बैक छोड़ने के विरोध में चल रहा है आंदोलन

पुलिस से तीखी झड़प, जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी

माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के सेक्टर-दो में रविवार को उस समय भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई जब पुलिस ने धरना दे रहीं महिलाओं के कड़े विरोध के बीच धरनास्थल से टेंट हटवा दिया। कार्रवाई के दौरान धरनास्थल पर लगे कूलर, मेज और दरी आदि सामान को भी जब्त कर हटा दिया गया। इस दौरान पुलिस और महिलाओं के बीच तीखी झड़प हुई। इस प्रशासनिक कार्रवाई से आक्रोशित महिलाएं रो पड़ीं और उन्होंने भाजपा को वोट देने को अपनी सबसे बड़ी भूल बताया।

पुलिस और महिलाओं के बीच काफी देर तक गहमागहमी और नोकझोंक चलती रही। सीओ शुचिता सिंह ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन महिलाएं टस से मस नहीं हुईं। टेंट हटाए जाने के बाद क्षुब्ध महिलाएं अपने-अपने घरों के बाहर कुर्सियां डालकर बैठ गईं। वहीं दूसरी ओर गोल मंदिर के पास सेक्टर-3 व 4 के चौराहे पर भी महिलाओं का धरना जारी रहा जहां उन्होंने भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ कर विरोध दर्ज कराया।
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शनिवार को भी धरना दे रहीं महिलाओं ने सत्तापक्ष और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। महिलाओं ने भाजपा विरोधी नारे लगाते हुए जनप्रतिनिधियों के प्रति गुस्सा जाहिर किया। रविवार को जब सीओ शुचिता सिंह भारी पुलिस बल (मय फोर्स) के साथ मौके पर पहुंचीं और सड़क पर बैठीं महिलाओं को धरना समाप्त करने का निर्देश दिया तो महिलाएं सड़क पर ही अड़ गईं। इसके बाद पुलिस ने बलपूर्वक कार्रवाई करते हुए टेंट, कूलर और मेज आदि सामान हटवा दिए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच जमकर तीखी नोकझोंक हुई। रोते हुए महिलाओं ने सीओ से कहा कि वे घरों में बनी अपनी दुकानें तो पहले ही बंद कर चुकी हैं अब सेट बैक के नाम पर आवास एवं विकास परिषद उनके आशियाने भी उजाड़ने की तैयारी में है।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश का है मामला: सीओ

कार्रवाई को लेकर सीओ शुचिता सिंह ने महिलाओं को कानून का हवाला देते हुए समझाया कि यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जुड़ा हुआ है। ऐसे में कानून हाथ में लेकर वे अपना ही नुकसान करेंगी। पुलिसिया कार्रवाई के बाद धरनास्थल खाली होने पर आक्रोशित महिलाएं अपने घरों के आगे ही कुर्सियां डालकर बैठ गईं। सड़क के दूसरी तरफ, गोल मंदिर के पास सेक्टर-3 और 4 के चौराहे पर धरना दे रही महिलाओं का हौसला कम नहीं हुआ। उन्होंने भीषण धूप और तपती गर्मी के बीच बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान महिलाओं ने भगवान से अपनी दुकानें और आशियाने बचाने की प्रार्थना की। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।




क्या है मामला

दरअसल सेटबैक छोड़ने के विरोध में शास्त्रीनगर सेक्टर-2 में अल्प और दुर्बल आय वर्ग (एलआईजी और ईडब्ल्यूएस) के मकानों में रहने वाली महिलाओं ने पिछले महीने आंदोलन की शुरुआत की थी। आंदोलन के दौरान महिलाओं ने अपने कारोबार की तेरहवीं करते हुए हवन-यज्ञ भी किया था। इसके बाद मेरठ के सांसद अरुण गोविल ने धरनास्थल पर पहुंचकर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया था जिसके बाद महिलाओं ने धरना स्थगित कर दिया था। सांसद के इस प्रयास के बाद पूर्व पार्षद संजीव पुंडीर की अगुवाई में पीड़ित महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली गया था। वहां उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक नारायण शर्मा से मुलाकात कर मामले से जुड़े दस्तावेज सौंपे थे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में पीड़ितों की ओर से दाखिल की गई हस्तक्षेप याचिका (इंटरवेंशन एप्लीकेशन) को स्वीकार नहीं किया गया, जिसके बाद महिलाओं ने दोबारा धरना शुरू कर दिया।
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