आखिर बदला CCSU का निर्णय: बंद नहीं होगी बीए-बीकॉम की प्राइवेट पढ़ाई, जनवरी से भरे जाएंगे फॉर्म
CCSU Update: बीए-बीकॉम की प्राइवेट पढ़ाई के लिए प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिली है। अब विवि ने निर्णय लिया है कि बीए-बीकॉम की प्राइवेट पढ़ाई बंद नहीं होगी।
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सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में इस सत्र से प्राइवेट की पढ़ाई बंद नहीं होगी। छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद सोमवार को विवि प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। जनवरी में बीए-बीकॉम के प्राइवेट फॉर्म भरवाए जाएंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू होने के बाद प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों में यूजी में प्राइवेट की पढ़ाई बंद हो चुकी है। विवि प्रशासन ने भी 13 अक्तूबर को परीक्षा समिति की बैठक में इस सत्र से यूजी में प्राइवेट पढ़ाई बंद करने का निर्णय लिया था। सीसीएसयू के परिक्षेत्र में मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्घनगर, बुलंदशहर और हापुड़ में हर साल एक लाख से अधिक छात्र-छात्राएं यूजी में प्राइवेट पढ़ाई करते हैं। छात्र विवि के इस निर्णय का विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि विवि को अचानक से प्राइवेट पढ़ाई बंद नहीं करनी चाहिए।
वहीं सोमवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय पहुंचकर धरना दे दिया। उन्होंने कहा कि अगर प्राइवेट पढ़ाई अचानक से बंद की गई तो बड़ी संख्या में इस वर्ष छात्र पढ़ाई करने से रह जाएंगे। कई घंटे तक चले धरने के बाद विवि प्रशासन ने निर्णय लिया है कि इस सत्र से प्राइवेट पढ़ाई बंद नहीं की जाएगी। जनवरी में प्राइवेट के फार्म भरवाए जाएंगे। विवि के इस निर्णय से प्राइवेट पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को राहत मिली है।
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विवि प्रशासन का कहना था कि यूजी में प्राइवेट पढ़ाई बंद करने से विवि को तो 20 करोड़ रुपये का सालाना घाटा होगा। सभी कॉलेजों में यूजी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के बाद सेमेस्टर प्रणाली हो गई है, ऐसे में प्राइवेट पढ़ाई को बंद किया जा रहा था।
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प्रदर्शन करने वालों में विवि छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष एबीवीपी प्रांत मंत्री हंस चौधरी, प्रांत सह मंत्री राहुल सिंह, प्रांत कार्यालय मंत्री युवराज पुंडीर, प्रांत विश्वविद्यालय संयोजक अर्जुन बटार, विवि इकाई मंत्री आदेश शुक्ला, सूर्य मोतला, आकर्षण राठी और अन्य छात्र मौजूद रहे।