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महिला थाने में जहर खाने का मामला : पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी को किया गिरफ्तार
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मेरठ। महिला थाने में जहर खाने वाली दुष्कर्म पीड़िता के आरोपी कसेरु बक्सर गंगानगर निवासी पवन पाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को आरोपी और दुष्कर्म पीड़िता की बच्ची का डीएनए जांच के लिए सैंपल लिया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
जनपद बांदा निवासी महिला व युवक ने शादी की थी। दोनों वहां से मेरठ आकर गंगानगर थाना क्षेत्र के बक्सर में किराए के मकान में रहने लगे। दंपती के दो बच्चे हुए। इस बीच महिला के मकान मालिक के बेटे पवन पाल से संबंध बन गए। पवन की मृतक आश्रित में सिंचाई विभाग में लिपिक के पद पर नौकरी लग गई। संबंधों का पता चलने पर परिजनों ने महिला से मकान खाली करा लिया। महिला अपने परिवार के साथ दूसरी जगह किराए पर रहने लगी।
महिला का आरोप है कि दस नवंबर को पवन ने घर में घुसकर तमंचे के बल पर दुष्कर्म किया। महिला की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। विवेचना सीओ सदर देहात कर रहे हैं। दस दिन बीतने के बाद भी आरोपी पवन जब गिरफ्तार नहीं हुआ तो शुक्रवार को पीड़िता एसएसपी आफिस पहुंची। एसपी क्राइम अवनीश कुमार जनसुनवाई कर रहे थे। पीड़िता के उग्र होने पर उन्होंने पुलिस बल बुलाया और जीप में पीड़िता को महिला थाने भेज दिया। महिला थाने में पुलिसकर्मियों के सामने महिला ने जहर खा लिया। महिला को आनन-फानन में पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में मेडिकल अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। महिला की हालत में सुधार होने पर शनिवार को अस्पताल से घर भेज दिया। साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी और पीड़िता की बेटी का डीएनए टेस्ट कराने के लिए फाइल तैयार की है। महिला का आरोप है कि उसकी गोद में पल रही बच्ची पवन की है। यही कारण है कि पुलिस अब पवन और बच्ची का डीएनए टेस्ट कराएगी।
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महिला थाना प्रभारी की कार्यशैली मांगी रिपोर्ट
महिला थाने में पीड़िता के जहरीला पदार्थ खाने के मामले में महिला इंस्पेक्टर सुदेश कुमारी की कार्यशैली की भी जांच की जा रही है। जांच सीओ संतोष कुमार कर रहे हैं। महिला ने आरोप लगाया था कि थाने में प्रभारी से मिलने के लिए पीड़ितों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। प्रभारी के गेट पर एक सिपाही हर समय तैनात रहता है जो पीड़ितों को भी अंदर जाने नहीं देता है। शुक्रवार को पीड़िता के जहर खाने के समय भी महिला थाना प्रभारी मौजूद नहीं थीं।
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जनपद बांदा निवासी महिला व युवक ने शादी की थी। दोनों वहां से मेरठ आकर गंगानगर थाना क्षेत्र के बक्सर में किराए के मकान में रहने लगे। दंपती के दो बच्चे हुए। इस बीच महिला के मकान मालिक के बेटे पवन पाल से संबंध बन गए। पवन की मृतक आश्रित में सिंचाई विभाग में लिपिक के पद पर नौकरी लग गई। संबंधों का पता चलने पर परिजनों ने महिला से मकान खाली करा लिया। महिला अपने परिवार के साथ दूसरी जगह किराए पर रहने लगी।
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महिला का आरोप है कि दस नवंबर को पवन ने घर में घुसकर तमंचे के बल पर दुष्कर्म किया। महिला की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। विवेचना सीओ सदर देहात कर रहे हैं। दस दिन बीतने के बाद भी आरोपी पवन जब गिरफ्तार नहीं हुआ तो शुक्रवार को पीड़िता एसएसपी आफिस पहुंची। एसपी क्राइम अवनीश कुमार जनसुनवाई कर रहे थे। पीड़िता के उग्र होने पर उन्होंने पुलिस बल बुलाया और जीप में पीड़िता को महिला थाने भेज दिया। महिला थाने में पुलिसकर्मियों के सामने महिला ने जहर खा लिया। महिला को आनन-फानन में पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में मेडिकल अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। महिला की हालत में सुधार होने पर शनिवार को अस्पताल से घर भेज दिया। साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी और पीड़िता की बेटी का डीएनए टेस्ट कराने के लिए फाइल तैयार की है। महिला का आरोप है कि उसकी गोद में पल रही बच्ची पवन की है। यही कारण है कि पुलिस अब पवन और बच्ची का डीएनए टेस्ट कराएगी।
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महिला थाना प्रभारी की कार्यशैली मांगी रिपोर्ट
महिला थाने में पीड़िता के जहरीला पदार्थ खाने के मामले में महिला इंस्पेक्टर सुदेश कुमारी की कार्यशैली की भी जांच की जा रही है। जांच सीओ संतोष कुमार कर रहे हैं। महिला ने आरोप लगाया था कि थाने में प्रभारी से मिलने के लिए पीड़ितों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। प्रभारी के गेट पर एक सिपाही हर समय तैनात रहता है जो पीड़ितों को भी अंदर जाने नहीं देता है। शुक्रवार को पीड़िता के जहर खाने के समय भी महिला थाना प्रभारी मौजूद नहीं थीं।