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कैंट में इंटरलॉकिंग के लिए मिलेंगे 15-15 लाख अतिरिक्त
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jan 2018 01:35 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बृहस्पतिवार को कैंटोनमेंट बोर्ड की बैठक में 9 बिंदुओं पर विचार किया गया। बोर्ड ने सभी वार्डों में चल रहे इंटरलॉकिंग कार्य के लिए 15-15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की सदस्य मंजु गोयल की मांग को भी स्वीकार कर लिया। इससे पहले से चल रहे इंटरलॉकिंग काम में और गति आएगी और सदस्य अधिक कार्य करा सकेंगे। कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा ने बोर्ड बैठक के बाद कहा कि सर्दी खत्म होते ही कैंट क्षेत्र की टूटी सड़कों का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। क्षेत्र की सभी सड़के चकाचक कर दी जाएगी।
बोर्ड के पीआरओ एमए जफर ने बताया कि सबसे पहले वित्त समिति का गठन किया गया। इसमें कर्नल रोहित पंत, कर्नल अमरवीर सिंह के अलावा बोर्ड सदस्य रिनी जैन, मंजु गोयल और विपिन सोढ़ी को मनोनीत किया गया। दूसरा बिंदु सीईई अनुज सिंह का रहा। इसमें बोर्ड हाईकोर्ट के आदेश को मानते हुए इसे नोट कर लिया। मामले में 22 जनवरी तक बोर्ड को जवाब देना है। विधि विशेषज्ञों से विचार विमर्श कर अंतरिम आदेश को चुनौती दी जाएगी। इसके अलावा जीएसटी के चलते अटके पड़े आउट सोर्सिंग एजेंसी के 48 लाख 31 हजार 31 रुपये भुगतान पर भी फैसला हुआ। ठेकेदार से कर्मचारियों का ईपीएफ भुगतान, ईएसआई का पूरा ब्योरा भी लिया जाएगा। संगठित निधि के बारे में विचार हुआ। इसमें त्रुटिवश स्कूल और अस्पताल का भुगतान रिकार्ड में गलत होने के संशोधन को मान लिया गया। इसके अलावा बोर्ड कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर होने की स्थिति में बोर्ड की तरफ से उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर मंत्रालय द्वारा दिए गए चार्जशीट जारी करने के आदेश पर भी विचार हुआ। इसका अनुमोदन अगली बोर्ड बैठक में करने पर सहमति बनी। इसके अलावा दबथुआ गांव में यूनिट रैम कैंटीन मामला बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं आने पर इसके लिए जिला प्रशासन से संपर्क करने को कहा गया।
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बोर्ड के पीआरओ एमए जफर ने बताया कि सबसे पहले वित्त समिति का गठन किया गया। इसमें कर्नल रोहित पंत, कर्नल अमरवीर सिंह के अलावा बोर्ड सदस्य रिनी जैन, मंजु गोयल और विपिन सोढ़ी को मनोनीत किया गया। दूसरा बिंदु सीईई अनुज सिंह का रहा। इसमें बोर्ड हाईकोर्ट के आदेश को मानते हुए इसे नोट कर लिया। मामले में 22 जनवरी तक बोर्ड को जवाब देना है। विधि विशेषज्ञों से विचार विमर्श कर अंतरिम आदेश को चुनौती दी जाएगी। इसके अलावा जीएसटी के चलते अटके पड़े आउट सोर्सिंग एजेंसी के 48 लाख 31 हजार 31 रुपये भुगतान पर भी फैसला हुआ। ठेकेदार से कर्मचारियों का ईपीएफ भुगतान, ईएसआई का पूरा ब्योरा भी लिया जाएगा। संगठित निधि के बारे में विचार हुआ। इसमें त्रुटिवश स्कूल और अस्पताल का भुगतान रिकार्ड में गलत होने के संशोधन को मान लिया गया। इसके अलावा बोर्ड कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर होने की स्थिति में बोर्ड की तरफ से उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर मंत्रालय द्वारा दिए गए चार्जशीट जारी करने के आदेश पर भी विचार हुआ। इसका अनुमोदन अगली बोर्ड बैठक में करने पर सहमति बनी। इसके अलावा दबथुआ गांव में यूनिट रैम कैंटीन मामला बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं आने पर इसके लिए जिला प्रशासन से संपर्क करने को कहा गया।
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