{"_id":"5fd27d828ebc3e3b6366ebe7","slug":"bullion-artisans-will-be-registered-afresh-meerut-news-mrt515002075","type":"story","status":"publish","title_hn":"सराफा कारीगरों का नए सिरे से होगा पंजीयन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सराफा कारीगरों का नए सिरे से होगा पंजीयन
विज्ञापन
सराफा कारीगरों का नए सिरे से होगा पंजीयन
मेरठ। शहर के सराफा कारीगरों का नए सिरे से पंजीयन कर डेटा तैयार होगा। मेरठ बुलियन ट्रेडर्स की ओर से कारीगरों को श्रमिक योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए यह कवायद शुरू की गई है। इसके तहत सोने, चांदी के जेवर बनाने वाले श्रमिकों को गुजारा भत्ता, आपातकाल में आर्थिक सहायता, बीमा, बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
लॉकडाउन के विपरीत हालातों में श्रमिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान सरकार ने श्रमिकों को गुजारा भत्ता देने और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की घोषणा की, लेकिन इस लाभ श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को ही मिला। सराफा कारोबार में लगे कार्मिकों को इस श्रेणी में नहीं रखा गया। इसके चलते मेरठ के सराफा बाजार में काम करने वाले 30 हजार से ज्यादा मराठी व बंगाली कारीगरों को घर लौटना पड़ा। अब बुलियन ने निर्णय लिया है कि आभूषण कारीगरों को भी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। बुलियन ट्रेडर्स के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल ने बताया कि नए सिरे से सभी कार्मिकों का पंजीयन कर डेटा बनाया जा रहा है। इसके आधार पर हम आभूषण निर्माताओं को श्रमिकों के समान योजनाओं का लाभ दिए जाने की मांग करेंगे।
विज्ञापन
मेरठ। शहर के सराफा कारीगरों का नए सिरे से पंजीयन कर डेटा तैयार होगा। मेरठ बुलियन ट्रेडर्स की ओर से कारीगरों को श्रमिक योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए यह कवायद शुरू की गई है। इसके तहत सोने, चांदी के जेवर बनाने वाले श्रमिकों को गुजारा भत्ता, आपातकाल में आर्थिक सहायता, बीमा, बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
लॉकडाउन के विपरीत हालातों में श्रमिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान सरकार ने श्रमिकों को गुजारा भत्ता देने और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की घोषणा की, लेकिन इस लाभ श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को ही मिला। सराफा कारोबार में लगे कार्मिकों को इस श्रेणी में नहीं रखा गया। इसके चलते मेरठ के सराफा बाजार में काम करने वाले 30 हजार से ज्यादा मराठी व बंगाली कारीगरों को घर लौटना पड़ा। अब बुलियन ने निर्णय लिया है कि आभूषण कारीगरों को भी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। बुलियन ट्रेडर्स के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल ने बताया कि नए सिरे से सभी कार्मिकों का पंजीयन कर डेटा बनाया जा रहा है। इसके आधार पर हम आभूषण निर्माताओं को श्रमिकों के समान योजनाओं का लाभ दिए जाने की मांग करेंगे।
विज्ञापन