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Meerut News: तंग गलियों में भी तन गईं इमारतें, 13 हजार अवैध निर्माण

Mon, 13 Mar 2023 02:22 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 13 Mar 2023 02:22 AM IST
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Buildings stretched even in narrow streets, 13 thousand illegal constructions
मेरठ। अवैध निर्माण को लेकर शासन सख्त नियमावली बनाने जा रहा है, जिसके लिए सभी प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों से आवास विकास विभाग ने राय मांगी है। मेरठ के पुराने शहर में तंग गलियों में कॉम्प्लेक्स बन गए हैं। कराए गए एक विभागीय सर्वे में मेरठ में 13 हजार अवैध निर्माण चिह्नित किए गए हैं। अवैध निर्माण में मेरठ पूरे प्रदेश में छठे पायदान पर है। अब एमडीए विस्तृत कार्ययोजना के साथ वृहद अभियान चलाने की तैयारी में है।
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अक्तूबर में चलाया था अभियान
मेडा ने 13 अक्तूबर 22 से अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए शहर में ड्रोन सर्वे की शुरुआत की। प्राधिकरण ने किराये पर चार ड्रोन लेकर शहर का सर्वे करने के लिए इन्हें उड़ाया। रोहटा रोड, पल्लवपुरम, किला रोड, गढ़ रोड पर सबसे अधिक अवैध निर्माण हैं।
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ड्रोन से पकड़ में आए अवैध निर्माण
मेडा ने ड्रोन सर्वे कर क्षेत्रों में बन रहे आवासीय, व्यावसायिक निर्माण पकड़े। इन्हें जहां रिहायशी भवनों में दुकानें बना दी गईं तो कई मामले ऐसे हैं, जिनमें जितने मंजिल पास हैं, उससे अधिक निर्माण कर लिया गया। विचलन के मामले भी पकड़ में आए। इसके तहत नक्शे में जो पास किया, मौके पर निर्माण उससे इतर है।
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हर जोन में अवैध निर्माण
चारों जोन में पिछले पांच साल में अवैध निर्माण 12 हजार 349 जा पहुंचा। ड्रोन सर्वे में भी अवैध निर्माण का खुलासा हुआ। वहीं अब शासन को भेजी गई ताजा रिपोर्ट में 13 हजार दो अवैध निर्माण मिले हैं। अवैध निर्माण में प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा व लखनऊ के बाद मेरठ छठे पायदान पर आया है।

लॉकडाउन में खूब बने अवैध कॉम्प्लेक्स
मेडा के मुताबिक 13 हजार दो अवैध निर्माण हैं। कोरोना काल में 2020 में 2830 अवैध निर्माण हो गए। अगले साल फिर लॉकडाउन रहा। इस दौरान अवैध निर्माणकर्ताओं ने और ज्यादा अवैध निर्माण किए। मेडा के मुताबिक 4399 अवैध निर्माण वर्ष 2021 में हुए। इन दो साल में कुल 7229 अवैध निर्माण हुए। शहर में लाला का बाजार, खैर नगर, बुढ़ानागेट, सुभाष बाजार, पूर्वा अहिरान, सुभाष बाजार, खंदक, पत्थरवालान, सुभाष नगर, गुदड़ी बाजार, गोला कुआं, लिसाड़ी रोड, भूमिया पुल रोड समेत शहर के पुराने इलाकों में संकरी गलियों में कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार हो गए। इनके निर्माण में मेडा के अफसर और स्टाफ पर भी मिलीभगत के आरोप लगातार लगते रहे हैं।


140 अवैध कॉलोनियां की ध्वस्त
ड्रोन से किए गए सर्वे में बड़ी संख्या में अवैध निर्माण और अनाधिकृत कब्जों का खुलासा हुआ। इन सभी को चिह्नित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। लगातार अभियान चलाकर 140 से अधिक अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया जा चुका है। अब मेडा तीन लाख 24 हजार रुपये से ड्रोन भी खरीद रहा है, जिसकी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
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