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सपनों का महल बनाएं, फिर उसी दिशा में काम करें : न्यायमूर्ति दिवाकर
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सरधना। पीएम श्री नवोदय विद्यालय में पुरातन छात्र सम्मेलन में रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। नवोदय के पुरातन छात्रों ने कार्यक्रम में शिरकत की। वर्षों बाद अपने साथियों से मिलने की खुशी उनके चेहरे पर साफ दिख रही थी। पूर्व छात्रों ने अपनी यादें ताजा कीं। कार्यक्रम की शुरुआत पुरातन छात्रों ने दीप प्रज्ज्वलित कर की।
सम्मेलन में पहुंचे मुख्य अतिथि 1993 बैच के छात्र रहे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने कहा कि शिक्षण संस्थाएं सोच व सकारात्मक विचार पैदा करती हैं। विपरीत परिस्थितियों में व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा उसे आगे बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि नवोदय विद्यालय का सात साल का अनुभव जीवन में काम आता है।
उन्होंने कहा कि अगर आपने कुछ बनने के लिए सोच लिया तो दुनिया के सारे संसाधन उसे पाने के लिए लग जाएंगे। किसी भी कार्य को करने का विचार कीजिए, फिर उसे ईमानदारी से पाने के लिए कोशिश कीजिए। उन्होंने कहा कि सपनों का महल बनाएं, फिर उसी दिशा में काम करना शुरू कीजिए। अन्य पुरातन छात्रों ने भी अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा किए।
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प्राचार्य डॉ. महेश कुमार ने कहा कि विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों को पुरातन छात्रों के संस्मरण से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। इस दौरान नवोदय विद्यालय समिति के सहायक आयुक्त सुमन कुमार, उप प्राचार्य पीएस चौहान, ब्रजेश कुमार सिंह, मो. मुस्तफा, डॉ. आरसी पांडेय, डीसी कर्दम, अजीत कुमार, शिक्षा, अमृता सक्सेना, मोहम्मद सलमान, अपराध निरीक्षक शत्रुघ्न सिंह आदि मौजूद रहे।
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सम्मेलन में पहुंचे मुख्य अतिथि 1993 बैच के छात्र रहे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने कहा कि शिक्षण संस्थाएं सोच व सकारात्मक विचार पैदा करती हैं। विपरीत परिस्थितियों में व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा उसे आगे बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि नवोदय विद्यालय का सात साल का अनुभव जीवन में काम आता है।
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उन्होंने कहा कि अगर आपने कुछ बनने के लिए सोच लिया तो दुनिया के सारे संसाधन उसे पाने के लिए लग जाएंगे। किसी भी कार्य को करने का विचार कीजिए, फिर उसे ईमानदारी से पाने के लिए कोशिश कीजिए। उन्होंने कहा कि सपनों का महल बनाएं, फिर उसी दिशा में काम करना शुरू कीजिए। अन्य पुरातन छात्रों ने भी अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा किए।
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प्राचार्य डॉ. महेश कुमार ने कहा कि विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों को पुरातन छात्रों के संस्मरण से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। इस दौरान नवोदय विद्यालय समिति के सहायक आयुक्त सुमन कुमार, उप प्राचार्य पीएस चौहान, ब्रजेश कुमार सिंह, मो. मुस्तफा, डॉ. आरसी पांडेय, डीसी कर्दम, अजीत कुमार, शिक्षा, अमृता सक्सेना, मोहम्मद सलमान, अपराध निरीक्षक शत्रुघ्न सिंह आदि मौजूद रहे।