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नेत्रहीन राखी ने डीएम से कहा कि बोझ नहीं, आत्मनिर्भर बनना चाहती हूं
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सरधना। नेत्रहीनता और शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद आत्मनिर्भरता की चाह रखने वाली सरधना निवासी राखी कुमारी ने शुक्रवार को जिलाधिकारी वीके सिंह से रोजगार की गुहार लगाई। आजाद समाज कांशीराम पार्टी के महानगर प्रभारी चतर सिंह जाटव के नेतृत्व में डीएम कार्यालय पहुंची राखी ने अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा कि वह समाज पर बोझ नहीं बनना चाहती, बस एक अवसर चाहती है।
राखी कुमारी ने बीए तक शिक्षा प्राप्त की है। उसने बताया कि लगभग 17 वर्ष पूर्व एक गंभीर बीमारी के चलते उसकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई। समय के साथ उसकी गतिशीलता भी प्रभावित हुई, लेकिन उसका आत्मबल आज भी अडिग है। भावुक होकर राखी ने कहा कि मैं पढ़ी-लिखी हूं और मेहनत करने के लिए तैयार हूं। बस मुझे कोई ऐसा काम या नौकरी दे दी जाए, जिससे मैं अपनी जिंदगी की लड़ाई खुद लड़ सकूं।
महानगर प्रभारी चतर सिंह जाटव ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि राखी जैसी संघर्षशील युवती के लिए प्रशासन को संवेदनशील पहल करनी चाहिए। राखी की प्रतिभा और जुझारूपन को अवसर मिलना न सिर्फ उनके जीवन में परिवर्तन लाएगा, बल्कि समाज को भी यह सीख देगा कि दिव्यांगता कोई कमजोरी नहीं।
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राखी कुमारी ने बीए तक शिक्षा प्राप्त की है। उसने बताया कि लगभग 17 वर्ष पूर्व एक गंभीर बीमारी के चलते उसकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई। समय के साथ उसकी गतिशीलता भी प्रभावित हुई, लेकिन उसका आत्मबल आज भी अडिग है। भावुक होकर राखी ने कहा कि मैं पढ़ी-लिखी हूं और मेहनत करने के लिए तैयार हूं। बस मुझे कोई ऐसा काम या नौकरी दे दी जाए, जिससे मैं अपनी जिंदगी की लड़ाई खुद लड़ सकूं।
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महानगर प्रभारी चतर सिंह जाटव ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि राखी जैसी संघर्षशील युवती के लिए प्रशासन को संवेदनशील पहल करनी चाहिए। राखी की प्रतिभा और जुझारूपन को अवसर मिलना न सिर्फ उनके जीवन में परिवर्तन लाएगा, बल्कि समाज को भी यह सीख देगा कि दिव्यांगता कोई कमजोरी नहीं।
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